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भारत-इंग्लैंड पांचवें टेस्ट की 5 अहम बातें

Modified 21 Dec 2016
चेन्नई टेस्ट मैच ड्रॉ की ओर जा रहा था लेकिन रविन्द्र जडेजा की फिरकी की फांस में अंग्रेज बल्लेबाज ऐसे फंसे कि सीधे पवेलियन जाकर ही आराम मिला होगा। जडेजा ने सिर्फ 7 इंग्लिश बल्लेबाजों के विकेट चटकाए बल्कि जॉनी बैर्स्टो का शानदार कैच भी लपका। भारत ने चेपॉक में आखिरी दिन ये टेस्ट मैच में पारी और 75 रन से जीता। चेन्नई टेस्ट में जडेजा के बल्लेबाजी करने आने से पहले ही करूण नायर और लोकेश राहुल ने मिलकर टीम को इतनी लीड दिला दी थी कि भारत आसानी से इस मैच में जीत दर्ज कर सकता था। लेकिन कोहली ने पारी घोषित करने में काफी समय लिया जिसके चलते ये मैच ड्रॉ की ओर भी जा सकता था क्योंकि इंग्लैंड को इस मैच को ड्रॉ कराने के लिए सिरफ 95 ओवर तक विकेट पर डटे रहना था। हालांकि जडेजा ने ऐसा होने नहीं दिया। जडेजा की स्पिन के आगे इंग्लिश बल्लेबाज संघर्ष करते नजर आए जबकि ये वही पिच थी जहां इंग्लैंड ने पहली पारी में अच्छा प्रदर्शन करते हुए 477 रन बनाए थे। हालांकि चेपॉक की पिच पर भी इंग्लैंड के बल्लेबाज स्पिन के आगे टिक नहीं पाए बावजूद इसके वो इस सीरीज से कुछ अच्छी चीजें भी ले जा रहे हैं। 4-0 से सीरीज गंवाने के बाद भी इस सीरीज में इंग्लैंड के लिए कुछ सकाराक्मक बातें भी रही। खासकर उनके बल्लेबाज जो रूट और जॉनी बैरिस्टो का प्रदर्शन अच्छा रहा। इसके अलावा उनके युवा ओपनर्स ने भी अपने प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया। लेकिन इस सीरीज हार में सबसे बड़ी भूमिका रही इंग्लैंड के गेंदबाजों की जिनके खराब प्रदर्शन का खामियाजा टीम को सीरीज गंवाकर चुकानी पड़ी। आइए नजर डालते हैं चेन्नई में हुई आखिरी टेस्ट की कुछ अहम बातों पर: #5 इंग्लैंड के सबसे मेहनती खिलाड़ी, मोइन अली b6e9c4480b32ac3755b67c74cfd4fd2a मोइन अली इंग्लैंड के ऐसे खिलाड़ी बनते जा रहे हैं जो किसी भी हालात में इंग्लैंड के लिए सबसे उपयोगी साबित होते हैं। अगर इंग्लैंड को ब्रेक थ्रू की जरूरत होती है तो मोइन अली टीम को अहम ब्रेक थ्रू दिलाते हैं। अली नंबर 4 पर बेन डकेट की कमी भी पूरी करते हैं। अगर इंग्लैंड को कुक के साथ ओपनिंग पार्टनर की जरूरत है तो मोइन अली का इस्तेमाल ओपनिंग में क्यों नहीं करते हैं। इस उपयोगी खिलाड़ी का इस्तेमाल इंग्लैंड की टीम हर जगह करती है। मोइन अली ने अपने करियर में 1 से लेकर नंबर 9 तक बल्लेबाजी की है। सईद अजमल से दूसरा सीखने के बाद अली ने उसे टेस्ट में इस्तेमाल भी किया लेकिन अली उसका ज्यादा इस्तेमाल नहीं किया क्योंकि उन्हें संदिग्ध एक्शन का डर था। लेकिन क्या अली को इसकी जरूरत है ? वो एक स्पिनर के तौर पर इंग्लैंड की पहली पसंद हैं जो बल्लेबाजी भी कर सकता है। भारत के खिलाफ पहली पारी में मोइन अली ने 41 ओवर गेंदबाजी की। इसके बल्लेबाजी में अली ने 97 गेंदों का सामना करते हुए 44 रन बनाए, जो मैच बचाने के लिए संघर्ष कर रही इंग्लैंड की टीम के लिहाज से बेहद अहम था। अपनी मेहनत के दमपर अली कुक के लिए ऐसे खिलाड़ी बन चुके हैं जिन्हें वो कहीं भी किसी भी हालात में इस्तेमाल कर सकते हैं।
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Published 21 Dec 2016
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