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INDvENG दूसरा टी20 : भारतीय क्रिकेटरों के प्रदर्शन के आधार पर रेटिंग

CONTRIBUTOR
Modified 21 Sep 2018

करो या मरो के मैच में भारतीय टीम नागपुर के धीमे व नीचे रहने वाले विकेट पर महत्वपूर्ण टॉस गंवा बैठी। मेहमान कप्तान इयोन मॉर्गन ने पहले गेंदबाजी का फैसला किया ताकि उनके बल्लेबाजों को मिले लक्ष्य का पीछा करने में कोई तकलीफ न हो। मेजबान टीम ने बहुत संघर्ष के बाद विकेट बचाते हुए प्रतिस्पर्धी स्कोर खड़ा किया। भारतीय टीम के तीन बल्लेबाजों के उपयोगी योगदान की वजह से इंग्लैंड को आसानी से हासिल करने वाला लक्ष्य नहीं मिला। मैदान पर ओस के बावजूद भारतीय गेंदबाजों ने गेंदबाजी में गजब का मिश्रण किया और बेहद रोमांचक मुकाबले में 5 रन की जीत दर्ज करते हुए सीरीज को निर्णायक मोड़ पर धकेल दिया। आईए गौर करते हैं कि सांस थाम देने वाले दूसरे टी20 अंतर्राष्ट्रीय मैच में भारतीय खिलाड़ियों ने कितने रेटिंग्स वाला प्रदर्शन किया। सभी को 10 में से रेटिंग दी गई है  :


जसप्रीत बुमराह - 9 पॉवरप्ले में बुमराह को गेंदबाजी करने का ज्यादा मौका नहीं दिया गया और डेथ ओवर्स में उनका इस्तेमाल करना कप्तान विराट कोहली को सही लगा। 23 वर्षीय तेज गेंदबाज अपने कप्तान के फैसले पर बिलकुल खरा उतरा। भारतीय टीम पर हार का खतरा मंडरा रहा था, लेकिन युवा गेंदबाज ने अपना धैर्य नहीं खोया और अपनी गेंदों में मिश्रण करके इंग्लिश बल्लेबाजों को खूब परेशान किया। सबसे बड़ी बात यह रही कि बुमराह को अंतिम ओवर में सिर्फ 8 रन रोकने की जरुरत थी और उनका विश्वास इस कदर ऊंचा रहा कि उन्होंने यह काम बखूबी किया और भारत को सीरीज में 1-1 की बराबरी पर पहुंचा दिया।
आशीष नेहरा - 9 दूसरे टी20 अंतर्राष्ट्रीय से पहले चर्चाओं का बाजार गर्म था कि नेहरा को आराम देकर अतिरिक्त स्पिनर टीम में शामिल किया जाए। बाएं हाथ के मध्यम तेज गेंदबाज ने अपने अनुभव का फायदा उठाते हुए तीन महत्वपूर्ण विकेट लिए। जब सैम बिलिंग्स अपने इरादे जाहिर कर चुके थे, तब नेहरा ने लेंथ बदली और उनके बल्ले का उपरी किनारा लगवाया। अनुभवी गेंदबाज ने बाउंसर का इस्तेमाल करके जेसन रॉय को भी चलता किया। दबाव वाले क्षणों में नेहरा ने बुमराह के साथ गेंदबाजी की जिम्मेदारी उठाई और बेन स्टोक्स को भी अपना शिकार बनाया।
लोकेश राहुल - 9 दाएं हाथ के बल्लेबाज का पिछले कुछ मैचों में प्रदर्शन काफी निराशाजनक चल रहा था। आख़िरकार वह बल्लेबाजी के लिए मुश्किल पिच पर अपना फॉर्म तलाशने में कामयाब हो गए। राहुल ने थोड़ी धीमी शुरुआत की, लेकिन इस दौरान उन्होंने कभी भी कमजोर गेंदों पर प्रहार करना नहीं छोड़ा। स्पिनर्स के खिलाफ उनका रवैया अति आक्रमक रहा। अगर राहुल की 47 गेंदों में 71 रन की पारी नहीं निकलती तो भारतीय टीम प्रतिस्पर्धी योग के लिए संघर्ष कर रही होती।
मनीष पांडे - 8 कमेंटेटरों के बार-बार जोर देना कि महेंद्र सिंह धोनी को बल्लेबाजी करने के लिए ऊपर आना चाहिए, इसके बावजूद मनीष पांडे ने उपयोगी पारी खेलकर अपनी भूमिका अदा की। मनीष भी बल्लेबाजी करते समय थोड़े असहज लगे, लेकिन उन्होंने स्कोरबोर्ड को रुकने नहीं दिया और स्ट्राइक बराबर से रोटेट की। उनका स्ट्राइक रेट बढ़ाने में टाईमल मिल्स की धीमी गति की गेंद पर छक्का जड़ना मददगार रहा।
अमित मिश्रा - 7.5 कोहली ने मिश्रा को गेंदबाजी आक्रमण पर पॉवरप्ले के बाद लगाया और अनुभवी लेग स्पिनर ने साबित भी किया कि वह अलग तरह के गेंदबाज हैं। मिश्रा की गेंदबाजी में गजब का पैनापन देखने को मिला और उन्होंने मेहमान कप्तान इयोन मॉर्गन को आउट करके भारतीय टीम को बड़ी सफलता दिलाई। इसके बाद उन्होंने बेन स्टोक्स को भी क्लीन बोल्ड किया, लेकिन यह गेंद नो बॉल करार दी गई।
सुरेश रैना - 6.5 बाएं हाथ के बल्लेबाज ने पहले टी20 अंतर्राष्ट्रीय में 34 रन की पारी खेलकर अपनी दमदार वापसी की छवि दर्शायी थी। मगर नागपुर की पिच ने रैना को विकेट पर ज्यादा देर टिकने का मौका नहीं दिया। स्लॉग स्वीप शॉट गलत खेलने की वजह से रैना आउट हो गए। इसके अलावा गेंदबाजी में भी वह प्रभावी प्रदर्शन नहीं कर सके और चार ओवर का पूरा कोटा किये बिना 30 रन खर्च बैठे।
विराट कोहली - 5.5 ओपनिंग करने के बाद कप्तान कोहली को पारी की रन गति बढ़ाने की जल्दी लड़ी। थर्डमैन के ऊपर से एक शॉट खेलने के बाद कोहली को अंपायर ने LBW की अपील ख़ारिज करने के कारण एक जीवनदान दिया। इसके बाद उन्होंने बैकफुट से छक्का जड़कर अपने इरादे जाहिर किये। क्रीज जॉर्डन की धीमी गति की गेंद पर विराट लंबा शॉट खेलने की गलती कर बैठे और लांग ऑन पर उनका फील्डर ने आसान कैच लपका।
युजवेंद्र चहल - 5 पहले टी20 अंतर्राष्ट्रीय में शानदार स्पेल डालकर प्रभाव छोड़ने वाले चहल दूसरे मैच में बेहतर गेंदबाजी करने में पीछे दिखे। चहल सटीक लाइन लेंथ रखने के लिए जाने जाते हैं, लेकिन उन्होंने अधिक फ्लाइट कराने की कोशिश की, जिस पर बल्लेबाज ने तीन लंबे-लंबे छक्के जड़े।
एमएस धोनी - 5 18वें ओवर में बल्लेबाजी करने आए महेंद्र सिंह धोनी अपनी क्षमता के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर सके। इंग्लैंड के गेंदबाज लगातार अपनी गेंदबाजी में मिश्रण कर रहे थे और भारत के विकेटकीपर बल्लेबाज इसे समझ नहीं सके। धोनी अधिकांश आखिरी ओवर में लंबे शॉट मारने के लिए जाने जाते हैं, लेकिन इस मैच में वो ऐसा नहीं कर सके। क्रिस जॉर्डन ने अंतिम ओवर की आखिरी गेंद पर क्लीन बोल्ड कर दिया।
हार्दिक पांड्या - 5 बल्ले से पांड्या ज्यादा कुछ नहीं कर सके और धोनी को स्ट्राइक देने के चक्कर में अपने विकेट से समझौता कर बैठे। उल्लेखनीय है कि कप्तान कोहली ने फिर पांड्या से पूरे मैच में एक भी गेंद नहीं डलवाई।
युवराज सिंह - 2 बल्लेबाजी के अनुसार परिस्थिति नहीं थी और खब्बू बल्लेबाज का इंग्लिश स्पिनरों आदिल रशीद व मोइन अली के खिलाफ संघर्ष जारी दिखा। अंपायर ने एक बार युवी को भी जीवनदान दिया, लेकिन वह इस मौके का फायदा नहीं उठा सके और जल्दी अपना विकेट खो बैठे।
Published 31 Jan 2017
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