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धोनी युग के अंत के बाद अब वनडे क्रिकेट में भारत को कई सवालों के जवाब ढूंढने हैं

Modified 12 Jan 2017
सीमित ओवरों के क्रिकेट से धोनी के रिटायरमेंट के बाद भारतीय क्रिकेट में विराट कोहली ही सबसे बड़ा नाम हैं। जो टेस्ट क्रिकेट के बाद अब सीमित ओवरों में भी टीम इंडिया के कप्तान की जिम्मेदारी उठाएंगे। ये जरूर कहा जा सकता है कि धोनी के कप्तानी छोड़ने से साथ ही भारतीय क्रिकेट में एक शानदार युग का अंत भी हो गया है। हांलाकि विराट कोहली के लिए धोनी की इस विरासत को आगे बरकरार रखना बहुत बड़ी चुनौती है। पिछले डेढ़ साल में भारतीय वनडे टीम ने कई उतार–चढ़ाव देखे और ऐसा पहली बार हुआ है। जब टेस्ट टीम वनडे टीम से ज्यादा मजबूत हुई है। 2015 वर्ल्ड कप के बाद से वनडे टीम के प्रदर्शन में गिरावट आई है। वर्ल्ड कप के बाद अगर जिम्बाब्वे सीरीज को छोड़ दिया जाए, तो टीम इंडिया बांग्लादेश से वनडे सीरीज 1-2 से हारी, दक्षिण अफ्रीका से वनडे सीरीज 2-3 से सीरीज हारी, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1-4 से शिकस्त का सामना किया और न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू वनडे सीरीज में 3-2 से जीत दर्ज की। जबकि टेस्ट क्रिकेट में टीम इंडिया का प्रदर्शन वनडे से काफी बेहतर रहा है। बल्ले के साथ -साथ विराट ने कप्तानी में भी अपना लोहा मनवाया है। विराट की कप्तानी में टीम इंडिया टेस्ट में नंबर 1 बनीं और उनकी इसी शानदार कप्तानी का नतीजा है कि वनडे क्रिकेट की कप्तानी के लिए भी विराट का नाम पहले से ही सुर्खियों में बना हुआ था। अब कप्तान कोहली और कोच अनिल कुबंले को मिलकर उन खामियों को दूर करना है। जिनसे इस वक्त वनडे टीम गुजर रही है। अब जबकि 2019 वर्ल्ड कप के लिए सिर्फ 2 साल का समय बचा है, ऐसे में टीम इंडिया को अभी से इसके लिए अपने महारथी तैयार करने होंगे। जो 2019 वर्ल्ड कप में इंग्लैंड में जीत का डंका बजाएंगे। आइए एक नजर डालते हैं उन खिलाड़ियों पर जो 2019 में होने वाले वर्ल्ड कप में टीम का हिस्सा हो सकते हैं और साथ ही आपको बताएंगे कि हैं 2015 वर्ल्ड कप के बाद से इन खिलाड़ियों का प्रदर्शन कैसा रहा है। ओपनर्स 465155-rohit-dhawan-odis-700 रोहित शर्मा - वर्ल्ड कप के बाद रोहित शर्मा ने 18 वनडे मैचों में 53 की औसत से रन बनाए हैं। जिसमें उनका स्ट्राइक रेट 96 का रहा है। रोहित शर्मा विराट कोहली के बाद सबसे कंसीस्टेंट भारतीय बल्लेबाज हैं। साथ ही आईपीएल में बतौर कप्तान भी रोहित ने अपनी काबिलियत से सभी को प्रभावित किया था। ऐसे में रोहित शर्मा को सीमित ओवरों के खेल में टीम इंडिया के उपकप्तान बनाए जाने की संभावना से भी इंकार नहीं किया सकता। शिखर धवन – सफेद जर्सी में शिखर धवन का प्रदर्शन फीका ही रहा है। लेकिन वो वर्ल्ड कप 2015 में टीम इंडिया की ओर से सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी रहे हैं और वर्ल्ड कप के बाद भी वनडे क्रिकेट में शिखर ने अपनी शानदार फॉर्म को बरकरार रखा। वर्ल्ड कप के बाद से शिखर ने 44 की औसत से रन बनाए हैं। जबकि उनका स्ट्राइक रेट 92 का रहा है। अपने इस दमदार प्रदर्शन के बाद ओपनिंग स्लॉट में अच्छा खासा कॉम्पिटिशन होने के बाद भी शिखर ने बतौर ओपनर वनडे टीम में अपनी जगह पक्की की है। 2011 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया के लिए जो भूमिका गौतम गंभीर ने निभाई थी। वही रोल शिखर धवन ने 2015 वर्ल्ड कप में अदा किया था। शिखर टीम इंडिया के स्टार बल्लेबाजों में कप्तान विराट कोहली और रोहित शर्मा के साथ खड़े होते हैं। के एल राहुल – पिछले एक डेढ़ साल में टेस्ट क्रिकेट से अपने प्रदर्शन से के.एल. राहुल सभी का ध्यान अपनी ओर खींचने में कामयाब रहे हैं। इतना ही नहीं राहुल वनडे टीम में भी ओपनिंग स्लॉट के दावेदारों में शुमार हैं। जबिक के एल राहुल ने अभीतक सिर्फ 1 वनडे सीरीज खेली है। वो भी जिम्बाब्वे के खिलाफ। के एल राहुल ने पिछले साल वेस्टइंडीज के खिलाफ टी 20 मैच में शतकीय पारी खेली थी। लिहाजा राहुल लोअर मिडिल ऑर्डर में भी टीम इंडिया के लिए अच्छा विकल्प साबित हो सकते हैं। अजिंक्य रहाणे – इस फॉर्मेट में रहाणे अभीतक अपनी प्रतिभा से न्याय नहीं कर पाए हैं। 2015 वर्ल्ड कप के बाद रहाणे के प्रदर्शन पर नजर डालें तो उन्होंने उसके बाद से 38 की मामूली सी औसत से रन बनाए हैं। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 83 का रहा है। अब ये देखना भी दिलचस्प होगा कि क्या रहाणे विराट कोहली की वनडे टीम में कैसे फिट बैठते हैं। रोहित शर्मा के चोटिल होने के बाद ये भी देखने वाली बात होगी कि कोहली इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में ओपनर का रोल किसे देंगे। न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में अजिंक्य रहाणे का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा। जिसे देखते हुए कोहली इस समय शिखर धवन और लोकेश राहुल को ओपनर के तौर पर उतार सकते हैं।
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Published 12 Jan 2017
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