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कहां हैं भारतीय अंडर-19 टीम के सभी कप्तान?

  • जानिए कैसा था इन अंडर-19 कप्तानों का वर्ल्ड कप में प्रदर्शन और आज किस जगह खड़ा है इनका करियर
CONTRIBUTOR
Modified 20 Dec 2019, 18:10 IST
क्रिकेट के सभी बड़े अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंट की तरह ही 'अंडर-19 वर्ल्ड कप' भी काफी लोकप्रिय है। दुनियाभर के युवा खिलाड़ियों के लिए पूरे विश्व में नाम कमाने का ये एक बड़ा मौका होता है। ऐसा देखा भी गया है कि इस प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करने वाले कुछ युवा अपने देश की सीनियर टीम में काफी सफल हुए हैं। अंडर-19 वर्ल्ड कप का पहला संस्करण 1988 में हुआ था, जिसमें ऑस्ट्रेलिया विजयी रहा था। दूसरा वर्ल्ड कप इसके दस साल बाद खेला गया। लेकिन उसके बाद से, हर दो साल में इस भव्य टूर्नामेंट का आयोजन किया जाता रहा है। भारत अंडर-19 की सबसे सफल टीम मानी जाती है। अभी तक तीन वर्ल्ड कप अपने नाम कर चुकी भारतीय टीम, विश्व में सबसे ज्यादा बार ये खिताब जीत चुकी है। भारत 2000,2008 और 2012 में चैंपियन बना था। ये खिताब भारतीय टीम ने क्रमानुसार, मोहम्मद कैफ, विराट कोहली और उन्मुक्त चंद की कप्तानी में जीते। यूं तो अंडर-19 वर्ल्ड ने भारतीय क्रिकेट को कई चमकते युवा सितारे दिए हैं, जिसमें युवा कप्तान भी शामिल हैं। लेकिन इन सभी अंडर-19 कप्तानों का क्रिकेट करियर एक जैसी नहीं रहा। कुछ ने बुलंदियों की ऊंचाइयों को छुआ तो कुछ घरेलू क्रिकेट में भी खास नहीं कर पाए। यहां हम बात करेंगे भारत के इन कप्तानों की और साथ ही जानेंगे कि कैसा था इनका अंडर-19 वर्ल्ड कप में प्रदर्शन और आज किस जगह खड़ा है इनका करियर :
#1 म्य्लुअहनन सेंथिल्नाथान - 1988 senthilnathan-1486366673-800 1988 में खेले गए पहले अंडर-19 विश्व कप में 'सेंथिल्नाथान' ने भारतीय टीम का नेतृत्व किया। उस दौर में 'यूथ वर्ल्ड कप' के नाम से आयोजित हुए इस टूर्नामेंट में भारत का प्रदर्शन काफी खराब रहा। खेलने वाली आठ टीमों में से भारत छठे स्थान पर रहा। हालांकि कप्तान सेंथिल्नाथान सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय रहे। उन्होंने छह मैचों में 149 रन बनाए। उस युवा भारतीय टीम से नयन मोंगिया, प्रवीण आमरे और एसएलवी राजू जैसे कई खिलाड़ी निकले जो आगे चलकर भारत की राष्ट्रीय टीम के लिए खेले। 1988 के इस विश्व कप के बाद सेंथिल्नाथान गोवा और तमिलनाडु में प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेलने चले गए। 1995-96 उनका आखिरी फर्स्ट क्लास सीजन था, जिसके बाद वो रिटायर हो गए। फिलहाल सेंथिल्नाथान 'MRF पेस फाउंडेशन' में मुख्य कोच के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ये संस्थान पूरे भारत से युवा क्रिकेटरों को खोजकर उनको उच्च स्तरीय ट्रेनिंग देकर तैयार करती है।
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Published 08 Feb 2017, 23:06 IST
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