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आईपीएल 2008 की बेस्ट एकादश अब कहां है?

जितेंद्र तिवारी

साल 2008 में आईपीएल की शुरुआत हुई, जिससे भारतीय क्रिकेट को नया आयाम व दुनिया में ऩई पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई। दुनिया की सबसे बड़ी लीग के पहले संस्करण में 8 टीमों ने भाग लिया था। जिसमें से शीर्ष 4 टीमों को सेमीफाइनल व उसमें विजय हासिल करने वाली दो टीमों का फाइनल हुआ। आईपीएल के पहले संस्करण में शेन वार्न की अगुवाई में मुंबई के डीवाई पीटिल स्टेडियम में राजस्थान रॉयल्स ने चेन्नई सुपर किंग्स को हराकर पहला खिताब जीता था। इस टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों की शीर्ष एकादश हमने बनाया है, जानें आजकल वह खिलाड़ी कहां हैः शान मार्श (किंग्स इलेवन पंजाब) वेस्टर्न वारियर्स के लिए शानदार प्रदर्शन करने के बाद आईपीएल में ऑस्ट्रेलिया के इस सलामी बल्लेबाज़ को किंग्स इलेवन पंजाब ने अपनी टीम में शामिल किया। पहले दो मैचों में मार्श को टीम में जगह नहीं मिली जिसके बाद उन्होंने सभी मैचों में अपनी टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए शानदार प्रदर्शन किया। साथ ही उन्हें सबसे ज्यादा रन बनाने के लिए पहले सीजन का ऑरेंज कप भी मिला। मार्श ने राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ लीग मुकाबले में शतक भी ठोंका था। आईपीएल में मार्श किंग्स इलेवेन पंजाब के अहम खिलाड़ी तो बने ही, साथ ही उनकी ये सफलता बिग बैश लीग में पर्थ स्कोर्चेर्स के लिए भी जारी रही। इसके अलावा इंग्लैंड में हुए टी-20 लीग में भी उन्हें ग्लामोर्गन और यॉर्कशायर के लिए भी खेलने का मौका मिला। यही नहीं मार्श ने जिस तरह का प्रदर्शन इन लीगों में किया उसका इनाम उन्हें अंततः अंतर्राष्ट्रीय करियर बनाने में भी मिला और 2008 के अंत तक उन्हें ऑस्ट्रेलियाई टीम में जगह मिल गयी। हालांकि तीन साल बाद मार्श को ऑस्ट्रेलियाई टेस्ट टीम में भी जगह मिल गयी लेकिन आज भी वह खुद को टीम में स्थापित करने में पूरी तरह से सफल नहीं हो पाएं हैं। सनथ जयसूर्या (मुंबई इंडियंस) जयसूर्या ने सन 1989 में अपना अंतर्राष्ट्रीय करियर शुरु किया था, लेकिन अपनी ढलती उम्र में भी उन्होंने खुद को आईपीएल का स्टार खिलाड़ी साबित किया। श्रीलंका के इस दिग्गज सलामी बल्लेबाज़ ने टी-20 विश्वकप के बाद अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया था। लेकिन साल 2008 में आईपीएल के पहले सीजन में वह मुंबई की टीम में थे जहां उन्होंने गेंद और बल्ले से जोरदार प्रदर्शन किया था। जिसमें उन्होंने सीएसके खिलाफ 48 गेंदों में 114 व केकेआर के खिलाफ 17 गेंदों में 48 रन की पारी खेलकर अपने इरादे जता दिए थे। आईपीएल की सफलता के बाद जयसूर्या दोबारा श्रीलंकाई टीम में शामिल हुए, लेकिन उन्होंने साल 2011 में क्रिकेट के सभी फॉर्मेट को अलविदा बोल दिया। लेकिन घरेलू क्रिकेट में वह एक्टिव रहे, साथ ही साल 2012 में वह खुलना रॉयल्स बंगाल, बांग्लादेश और कंदुराता वारियर्स, श्रीलंका के लिए भी वह खेले थे। संन्यास के बाद जयसूर्या ने राजनीति के अलावा श्रीलंकाई टीम के राष्ट्रीय चयनकर्ता के रूप में भी काम किया। ग्रीम स्मिथ (राजस्थान रॉयल्स) दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान स्मिथ आईपीएल 2008 के तीसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज़ थे। जिन्होंने तीन अर्द्धशतकों की मदद से 441 रन बनाये थे। शेन वार्न की कप्तानी में टूर्नामेंट की विजेता रही राजस्थान रॉयल्स के अहम सदस्य रहे ग्रीम स्मिथ साल 2011 में पुणे वारियर्स में चले गये। साल 2014 में स्मिथ ने जब अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट के सभी प्रारूप को अलविदा कह दिया था। हालांकि 8 टेस्ट मैच खेलने के बाद ही उन्हें दक्षिण अफ़्रीकी टीम का कप्तान बना दिया गया था। जहां उनका औसत 48।25 का था। वह दक्षिण अफ़्रीकी टीम के सबसे युवा कप्तान थे, वह जब कप्तान बने थे, तब उनकी उम्र महज 22 वर्ष और 82 दिन थी। मौजूदा समय में वह क्रिकेट से बतौर एक्सपर्ट और कमेंटेटर जुड़े हुए हैं। कुमार संगकारा (किंग्स इलेवन पंजाब) संगकारा ने आईपीएल में 2013 तक शानदार खेल दिखाया था। इन सभी 5 सीजन में उन्होंने 71 मैचों में 1687 रन बनाये थे। जिसमें 10 अर्द्धशतक शामिल हैं। साल 2008 में उन्हें पंजाब ने अपनी टीम में शामिल किया था, जिसके बाद 2011 में वह डेक्कन चार्जेज की टीम में शामिल हो गये थे। उसके बाद साल 2013 में वह सनराइजर्स में शामिल हुए और टीम की कप्तानी भी की। साल 2015 में संगकारा ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया था, लेकिन घरेलू क्रिकेट में वह टी-20 में खेलते रहे हैं। सरे के लिए संगकारा ने दो सीजन में बेहतरीन खेल दिखाया है। शेन वाटसन (राजस्थान रॉयल्स) शेन वाटसन आईपीएल के पहले सीजन से मुख्य खिलाड़ियों में से एक रहे हैं, साल 2008 से 2015 तक वाटसन राजस्थान रॉयल्स की टीम का अभिन्न अंग रहे और बीते दो सीजन से वह रॉयल चैलेंजर बेंगलुरु के सदस्य रहे। इस ऑलराउंडर ने पहले सीजन में अपने बल्ले और गेंद से शानदार खेल दिखाया था। ख़िताबी जीत करने वाली अपनी टीम के लिए 17 विकेट और 4 अर्द्धशतक उन्होंने लगाए थे। आईपीएल में वाटसन दो बार मैन ऑफ़ द टूर्नामेंट भी रहे हैं। साल 2011 से 2015 तक फ़ोर्ब्स पत्रिका ने वाटसन को सबसे महंगा गैर भारतीय खिलाड़ी के ख़िताब से भी नवाजा है। युसूफ पठान (राजस्थान रॉयल्स) आईपीएल में युसूफ पठान ने अपने प्रदर्शन से सबको प्रभावित किया है। भले ही उन्हें बीते 5 वर्षों में भारतीय टीम के लिए खेलने का मौका न मिला हो, लेकिन युसूफ ने आईपीएल में पहले राजस्थान रॉयल्स और अब केकेआर के लिए खेल रहे हैं। आईपीएल के पहले सीजन में युसूफ ने 435 रन और 8 विकेट लिए थे। साथ ही डेक्कन चार्जेज के खिलाफ 21 गेंदों में 50 रन की तेज अर्द्धशतकिय पारी भी खेली है। पठान को विस्फोटक बल्लेबाज़ी के लिए जाना जाता है, इसीलिए सफेद गेंद के क्रिकेट में वह काफी फिट बैठते हैं। हालांकि खराब फॉर्म की वजह से भारतीय वनडे टीम में अपनी जगह नहीं नियमित नहीं कर पाए। रोहित शर्मा (डेक्कन चार्जेज) रोहित शर्मा आईपीएल के सफलतम खिलाड़ियों में से एक हैं, उनके नाम 4 हजार से ज्यादा रन दर्ज हैं। पहले सीजन में डेक्कन चार्जेज की तरफ से वह खेले थे और 36 से ज्यादा के औसत से 404 रन बनाये थे। साल 2011 में वह मुंबई की टीम में आ गये थे और उसके बाद से वह लगातार इस टीम के साथ जुड़े रहे और मौजूदा दौर में वह इस टीम के कप्तान भी हैं। उनकी कप्तानी में टीम ने 3 बार आईपीएल का ख़िताब अपने नाम किया है। साल 2013 में रोहित ने टेस्ट में डेब्यू किया और 177 रन की पारी खेली थी। साथ ही अगले टेस्ट में उन्होंने 111 रन बनाए थे। ऐसा करने वाले वह तीसरे भारतीय भी बने। एल्बी मोर्कल (चेन्नई सुपर किंग्स) एल्बी मोर्कल चेन्नई सुपर किंग्स की तरफ से पहले सीजन में खेले थे। वह इस सीजन में बेहद सफल भी रहे थे, उन्होंने 241 रन और 17 विकेट अपने नाम किये थे। साल 2014 में उन्हें आरसीबी ने खरीदा और 2015 में वह दिल्ली डेयरडेविल्स का हिस्सा रहे। साल 2016 में वह राइजिंग पुणे सुपरजायंट की तरफ से खेले। 36 वर्षीय इस खिलाड़ी ने साल 2012 के बाद से एक भी वनडे मैच नहीं खेला है। मोर्कल अपनी आईपीएल की फॉर्म को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बरकरार नहीं रख पाए और दक्षिण अफ़्रीकी टीम में अपनी जगह पक्की नहीं कर पाए। सोहेल तनवीर (राजस्थान रॉयल्स) पाकिस्तान के तेज गेंदबाज सोहेल तनवीर ने आईपीएल के पहले सीजन में शानदार प्रदर्शन किया था। जिसके लिए क्रिकइंफो ने उन्हें टूर्नामेंट का दूसरा सबसे महंगा खिलाड़ी घोषित किया था। उसके बाद से तनवीर टी-20 के अहम खिलाड़ी बन गए और उन्हें तकरीबन दुनिया की हर टी-20 लीग में खेलने का मौका मिला। साल 2011 के विश्व की पाकिस्तानी टीम में जगह नहीं मिल पाई थी। लेकिन उसके बाद उन्होंने शानदार वापसी की थी। हालांकि पाकिस्तानी टीम में तनवीर नियमित नहीं हो पाए क्योंकि उनकी फिटनेस ने उनका साथ अहम मौकों पर नहीं दिया। हालांकि वह टी-20 क्रिकेट में लगातार अपना योगदान दे रहे हैं। शेन वार्न (राजस्थान रॉयल्स) शेन वार्न ने आईपीएल 2008 के सीजन में काफी सुर्खियां बटोरी थी। उनकी कप्तानी में राजस्थान रॉयल्स ने खिताबी जीत दर्ज की। साल 2011 तक वह आईपीएल में खेलते रहे, जबकि वह बिग-बैश लीग में 2013 तक खेलते रहे। बतौर स्पिनर वार्न दुनिया के दिग्गज गेंदबाज रहे उनके बाद मुथैया मुरलीधरन का नाम ही आता है। खेल के बाद वार्न क्रिकेट को अपनी आवाज दे रहे हैं। शांताकुमारन श्रीसंत (किंग्स इलेवन पंजाब) श्रीसंत ने आईपीएल के पहले सीजन में 15 मैचों में 19 विकेट लिये थे। साल 2011 तक वह किंग्स इलेवन के साथ जुड़े रहे उसके बाद वह एक सीजन कोची टस्कर से जुड़े। बाद में राजस्थान रॉयल्स के साथ खेलते रहे। पहले सीजन में श्रीसंत तब लाइमलाइट में आ गये थे, जब उन्हें हरभजन सिंह ने थप्पड़ जड़ दिया था। जिसकी वजह से काफी विवाद हुआ था। श्रीसंत का करियर अपने पूरे सबाब पर था, लेकिन आईपीएल 2013 में उनके ऊपर स्पॉट फिक्सिंग का आरोप लगा। जिसकी वजह से बीसीसीआई ने उनके ऊपर आजीवल क्रिकेट खेलने पर प्रतिबंध लगा दिया। जिसकी वह कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। लेखक-जेम्स रोशे, अनुवादक- जितेन्द्र तिवारी

Edited by Staff Editor

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