आईपीएल 2016: 5 खिलाड़ी जिनका प्रदर्शन विराट कोहली की वजह से फीका पड़ गया

आईपीएल 2016 का खिताब कोई भी अपने नाम करे, पर इस साल का सीजन तो पूरी तरह से विराट कोहली के नाम से ही जाना जाएगा। जैसे कि 1981 की इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेली गयी एशेज़ बॉथम की एशेज़ के नाम से जानी जाती है और 1999 मे ऑस्ट्रेलिया का वेस्ट इंडीज दौरा ब्रायन लारा के नाम से जाना जाता है। यह बात अलग है कि वो दोनों रिकॉर्ड टेस्ट मैच में आए है, लेकिन जो मुकाम आरसीबी के कप्तान ने इस साल हासिल किया है वो सच में अद्भुत है। यह विराट की ही देन है कि उनके प्रदर्शन के कारण कुछ खराब प्रदर्शन पर पानी फिर गया। विराट कोहली ने इस साल 14 लीग मुकाबलों में 91.9 की औसत से 919 रन बनाए है, जिसमें चार शतक और 6 अर्धशतक शामिल है। कोहली ने इस साल खुद चार शतक लगाए है बाकि सारे बल्लेबाज़ों की तुलना मे एक ज्यादा है। विराट की औसत भी टॉप पाँच खिलाड़ियों में 40 रन ज्यादा है। यह कहना गलत नही होगा कि कोहली ने यह आईपीएल अपने रंग मे रंग दिया है। विराट ने इस साल इतना जबर्दस्त खेल दिखाया है कि, उनके आगे बाकी खिलाड़ियो का प्रदर्शन मानो छुप सा गया हो। उन खिलाड़ियों पर एक नज़र जिनका प्रदर्शन विराट कोहली के आगे फीका पड़ गया। #1 युजवेंदर चहल- 11 मैच, 19 विकट bhu 1 यह बात तो सच है कि विराट ने आरसीबी को अपने कंधे पर आगे लेकर गए है। लेकिन कुछ हद तक टीम की जीत का श्रेय गेंदबाज़ी विभाग को भी जाता है। खासकर लेग स्पिनर युजवेंदर चहल जो कि इस समय पर्पल कैप होल्डर भी है। उन्होंने इस साल 11 मुकाबलों मे 7.87 की इकोनोमी से 19 विकटें अपने नाम की है, चहल की औसत 17.05 टॉप दस गेंदबाजों में शामिल है। चहल ने किंग्स इलेवन पंजाब (4/25) और दिल्ली डेयरडेविल्स(3/32) जैसे अहम मुकाबलों में भी बेहतरीन प्रदर्शन किया। चहल विराट के लिए एक अहम गेंदबाज बनाकर उभरे, उन्होंने शेन वॉटसन के साथ मिलकर टीम की गेंदबाजी को मजबूती दी। #2 भुवनेश्वर कुमार- 14 मैच, 18 विकेट bhu 2 सनराइजर्स हैदरबाद की पासे तिकड़ी में से एक अहम गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार हैं जिन्होंने इस साल 18 विकेट ली है। आईपीएल 2016 के बेस्ट बोलर बनने के काफी करीब भी हैं। वो अनुभवी तेज़ गेंदबाज आशीष नेहरा और युवा बांग्लादेशी टैलेंट मुस्ताफिजूर रहमान के साथ टीम को लीड करते है। कुमार जिनकी खासियत गेंद को दोनों तरफ स्विंग करवाना है, और इस साल बल्लेबाज़ों के खिलाफ उनकी यही ताकत भी रही। इसमे कोई हैरानी की बात नही कि विराट के आगे भुवनेश्वर का प्रदर्शन फीका पड़ गया, क्योकि विराट उन पे भारी ही पड़े है खासकर बैंग्लोर मे हुए मुक़ाबले में। अगर एसआरएच को टूर्नामेंट में अच्छा करना है तो भुवी को अपना टॉप गेम खेलना पड़ेगा। #3- रोहित शर्मा- 14 मैच, 489 रन bhu 3 मुंबई इंडियंस टीम के कप्तान रोहित शर्मा जोकि आईपीएल के हर संस्करण मे 300 रन बनाने वाले कुछ खिलाड़ियो में शामिल है, लेकिन इस साल विराट कोहली के आगे वो भी काफी पीछे ही नज़र आए। रोहित ने अपनी फॉर्म जारी रखते हुए इस साल 500 रन बनाने के करीब पहुंच गए थे। मुंबई की टीम प्लेऑफ तक नही पहुंच पाई, लेकिन रोहित ने अपनी जबर्दस्त फॉर्म से डिफ़ेंडिंग चैंपियंस को काफी मैच अपने दम पर जिताए।मुंबई आरसीबी को उनके घर पर हराने मे कामयाब रही थी, जहा विराट 10 रन के अंदर आउट हो गए थे। #4 एबी डीविलियर्स- 14 मैच, 603 रन bhu 4 जिस भी दर्शक ने आईपीएल 2016 न देखा हो और हम उसे कहे एबी डी विल्लीर्स का प्रदर्शन छुपा रहा गया हो, वो इसे नामुमकिन ही कहेगा, लेकिन विराट ने ऐसा खेल दिखाया जिससे कि उनके अपने साथी साउथ अफ्रीकी खिलाड़ी भी पीछे रह गए। एक बल्लेबाज़ जो टूर्नामेंट मे 600 से ऊपर रन बनाए फिर भी वोह सिर्फ सेकेंड बेस्ट बल्लेबाज़ ही रहा। डी विल्लीर्स ने इस साल 50 की बेहतरीन औसत और 170.33 की धमाकेदार स्ट्राइक रेट से 603 रन बनाए है। एबी आरसीबी की बल्लेबाजी की मेन कड़ी थे, यही कारण था कि विराट इतना अच्छा प्रदर्शन कर पाए। विराट ने एबी का साथ मिलकर टीम को मुश्किल से निकलते हुए नीचे से तीसरे पायेदान से दूसरे नंबर पर खतम किया। #5 डेविड वॉर्नर- 14 मैच, 658 रन bhu 5 अगर यह कोई और टूर्नामेंट होता जिसमें विराट कोहली न होते तो, वॉर्नर आसानी से ऑरेंज कप ले जाते और टीम को ट्रॉफी जिता ले जाते। इस ऑस्ट्रेलियन बल्लेबाज़ को पूरी तरह से विराट ने दरकिनार कर दिया। वॉर्नर के ही कारण सनराइजर्स हैदराबाद पहली बार प्ले ऑफ मे पहुंचने में कामयाब रही। वॉर्नर के लिए इस बात का नुकसान था कि उनके पास गेल या डीविलियर्स जैसा बल्लेबाज़ उनके पीछे नही था। इसका यह मतलब नही था कि विराट ने अच्छा नही खेला। लेकिन वॉर्नर ने मुश्किल पिच पर रन बनाए अगर हम तुलना करें चिन्नास्वामी की पाटा विकेट से। आंकडे यह बात तो साफ करते है कि विराट ने अलग ही स्तर पर बल्लेबाज़ी की जो कोई नही कर पाया। लेखक- विक्रम महेंद्र, अनुवादक- मयंक महता

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