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IPL 2018: 3 बदलाव जो कोलकाता नाइट राइडर्स के प्रदर्शन में ला सकते हैं और निखार

  • कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए 2018 का सीज़न अब तक सही रहा है
ANALYST
Modified 20 Dec 2019, 18:38 IST
इंडियन प्रीमियर लीग की इस बार की नीलामी प्रक्रिया कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए कुछ खास नहीं रही। कोलकाता की टीम ने नीलामी प्रक्रिया में अपने बजट की अधिकतम राशि का इस्तेमाल तो किया लेकिन एक बेहतर टीम खड़ी करने में नाकाम रही। कोलकाता ने लंबे समय से टीम की कप्तानी करने वाले खिलाड़ी गौतम गंभीर को भी दिल्ली डेयरडेविल्स के हाथों गंवा दिया। इसके बाद क्रिस लिन, आंद्रे रसेल की चोटों की खबर और मिचेल स्टार्क की चोट भी कोलकाता के लिए मुसीबत के तौर पर सामने आई। हालांकि आंद्रे रसेल और क्रिस लिन दोनों ने ही चोट से वापसी करते हुए कोलकाता के साथ जुड़े और प्रदर्शन भी अच्छा कर रहे हैं। उम्मीद थी कि कोलकाता की टीम को इस टूर्नामेंट में काफी संघर्ष करना पड़ेगा लेकिन शुरुआती दो मैचों में कोलकाता की टीम ने सराहनीय खेल का प्रदर्शन किया है। टीम का प्रदर्शन दिनेश कार्तिक की कप्तानी में शुरुआती दो मैचों के नजरिए से काफी अच्छा रहा है। दिनेश कार्तिक की अगुवाई वाली टीम कोलकाता ने अपना पहला मैच टूर्नामेंट की पसंदीदा रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के खिलाफ जीता। हालांकि अपने दूसरे मुकाबले में कोलकाता की टीम शानदार प्रदर्शन के बावजूद चेन्नई सुपर किंग्स के हाथों हार गई। अब तक का खेल कोलकाता के लिए काफी सही रहा है और टीम के खिलाड़ी भी एक लय में नजर आ रहे हैं। हालांकि अच्छे प्रदर्शन के बावजूद कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम में कुछ कमजोरियां भी देखने को मिली है। अगर कोलकाता की टीम इन कमजोरियों पर ध्यान दे तो आगे के लिए टीम को फायदा हो सकता है।

#3 विपक्ष के आधार पर बल्लेबाज़ी क्रम को बदलना


  सुनील नारेन ने कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए बैंगलोर और चेन्नई दोनों के खिलाफ मैचों में ओपनिंग की। पहले मैच में बेंगलोर के खिलाफ नरेन ने जहां अर्धशतकीय पारी को अंजाम दिया तो दूसरे मैच में चेन्नई के खिलाफ नारेन नाकाम साबित हुए। इसके पीछे का कारण दोनों विरोधी टीमों की गेंदबाजी में अंतर होना है। बैंगलोर के पास लेग स्पिनर युजवेन्द्र चहल हैं, जिनको खेलना बाएं हाथ के बल्लेबाज सुनील नारेन के लिए काफी आसान रहता है। वहीं दूसरी ओर चेन्नई की टीम में नारेन को ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह का सामना करना पड़ा था। अब दो मैचों से यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि नारेन तेज गेंदबाजी और लेग स्पिनरों के प्रति सहज खेल दिखा सकते हैं, लेकिन ऑफ स्पिनर के आगे वो असहज नजर आते हैं। इसलिए अच्छा रहेगा कि कार्तिक स्थिति के आधार पर शुरुआती संयोजन को बदले। केकेआर को दिल्ली डेयरडेविल्स, सनराइजर्स हैदराबाद, राजस्थान रॉयल्स और मुंबई इंडियंस जैसी कम गुणवत्ता वाले ऑफ स्पिनरों वाली टीम के खिलाफ नारेन को ओपनिंग करने के लिए उतारना चाहिए, जबकि उन्हें चेन्नई सुपर किंग्स और किंग्स-XI पंजाब जैसी टीमों के खिलाफ रॉबिन उथप्पा के साथ ओपनिंग करनी चाहिए।
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Published 14 Apr 2018, 08:40 IST
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