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IPL 2018: टूर्नामेंट के दौरान किंग्स-XI पंजाब के लिए ये 4 चीज़ें ग़लत साबित हुईं

ANALYST
33   //    20 May 2018, 15:15 IST
इंडियन प्रीमियर लीग सीजन 11 अपने आखिरी दौर में है। ऐसे में तीन टीमें प्लेऑफ में पहुंच चुकी है तो कुछ टीमें अभी भी प्लेऑफ में जाने के लिए संघर्ष कर रही है। इन टीमों में किंग्स-XI पंजाब की भी एक टीम है जो प्लेऑफ में जाने के लिए संघर्ष कर रही है और उम्मीद को बरकरार रखे हुए है। अब किंग्स-XI पंजाब को अपना आखिरी मैच चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ पुणे के मैदान पर खेलना है, जहां इस सीजन के प्ले-ऑफ के लिए पंजाब की किस्मत का फैसला होगा।

इस सीजन पंजाब की टीम की कमान आर अश्विन के हाथों में है। आर अश्विन की अगुआई वाली टीम ने अपने पिछले 6 मैचों में 5 मुकाबले गंवाए हैं। वहीं रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के हाथों मिली हार के कारण किंग्स-XI पंजाब की टीम काफी पिछड़ गई है। इस मुकाबले में किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाफ आरसीबी ने 8.1 ओवरों में 88 रन बनाकर सबसे कम लक्ष्य का आसानी से पीछा कर लिया। इसके चलते किंग्स इलेवन पंजाब की नेट रन रेट भी काफी प्रभावित हुई।

इंडियन प्रीमियर लीग 2018 में अच्छी शुरुआत करने के बावजूद किंग्स इलेवन पंजाब को अब आखिर में प्ले-ऑफ में जगह बनाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। इसके पीछे अलग-अलग वजह भी रही।

आइए जानते हैं टूर्नामेंट के दूसरे हाफ में किंग्स-XI पंजाब के लिए क्या चीजें गलत रहीं।

#1 आर अश्विन की रणनीतियां




 

रविचंद्रन अश्विन को इस सीजन किंग्स इलेवन पंजाब ने अपने साथ शामिल किया और साथ ही आर अश्विन को किंग्स इलेवन पंजाब की टीम का कप्तान भी नियुक्त किया गया। 31 वर्षीय अश्विन ने अपने राज्य का कप्तान के तौर पर प्रतिनिधित्व किया है। ऐसे में पंजाब की टीम की कप्तानी निभाने के चलते उनसे बहुत सी उम्मीदें लगा ली गई थी।

अश्विन की कप्तानी में किंग्स इलेवन पंजाब की टीम के लिए पहला हाफ काफी सफल रहा। कई लोगों ने अश्विन को कप्तान बनाए जाने की निर्णय की सराहना भी की। वहीं क्रिस गेल को अपनी पूर्व टीम चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ इस्तेमाल करना भी मास्टरस्ट्रोक साबित हुआ।

हालांकि, आर अश्विन ने टूर्नामेंट के बाद के चरण में अपनी पुरानी फॉर्म खो दी। टूर्नामेंट के दूसरे हाफ में मैच दर मैच उनकी टीम को हार का सामना करना पड़ा। इस दौरान आर अश्विन की काफी रणनीतियां नाकाम साबित हुईं। केएल राहुल और क्रिस गेल जैसे बल्लेबाजों के कारण ऐरोन फिंच को निचले क्रम में भेज दिया जाना टीम के लिए मुश्किलों भरा रहा। इसके अलावा सालों से पंजाब के लिए मध्य क्रम में बेहतरीन खिलाड़ी रहे डेविड मिलर को इस सीजन में ज्यादा मौके नहीं दिए गए।

मनोज तिवारी और युवराज सिंह के बीच अश्विन सामंजस्य बैठाने में भी नाकाम रहे। वहीं अश्विन ने आईपीएल के 40वें मैच में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ खुद को तीसर नंबर पर बल्लेबाजी के लिए प्रोमोट करते हुए सबको चौंका दिया। नतीजा ये हुए कि पंजाब को मैच में 15 रनों से हार का सामना करना पड़ा। इन हार की वजह से ही अब किंग्स इलेवन पंजाब की टीम का प्ले-ऑफ में पहुंचना भी मुश्किल हो गया।
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