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आईपीएल 2019: 3 चिंताए जो सीजन की पहली हार के बाद सीएसके के सामने होंगी

एमएस धोनी और ड्वेन ब्रावो
Rahul Pandey

अपने पिछले मैच में चेन्नई सुपर किंग्स को मुंबई इंडियंस के हाथों आईपीएल 2019 में अपनी पहली हार का सामना करना पड़ा था। पहले तीन मैचों में सुपर किंग्स के अनुकूल परिणाम मिले, हालांकि, उनकी पहली हार से आगामी मैचों में टीम पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

शुरुआत से ही चेन्नई सुपर किंग्स की संभावनाओं को लेकर कुछ चिंताएं थीं क्योंकि वे पहले तीन मैचों में भी जीते तो जरुर लेकिन ऐसा भी नही रहा कि वो मैच वो आसानी से जीते रहे हों। उन्होंने आरसीबी को पहले मैच में 70 रनों पर समेटा, लेकिन उस छोटे से लक्ष्य का सफलतापूर्वक पीछा करने में भी 17 ओवर लगा दिए।

दिल्ली कैपिटल्स और राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ भी कहानी समान रही, जहाँ अनुभवी खिलाड़ियों के चलते मैच जीतने में सफल रहे। हालांकि, मुंबई के खिलाफ मैच में इन कमजोरियों को पूरी तरह से उजागर कर दिया है।

ऐसे में यह भी लगभग तय है कि हर प्रतिद्वंद्वी अब अपनी खामियों पर ध्यान देगा और उन्हें सामने लाने के लिए योजना बना मैदान पर उतरेगा। आईये एक नज़र डालते हैं, सीएसके के लिए चिंता के इन्ही तीन प्रमुख कारणों पर:


# 1 रायडू का चिंताजनक फॉर्म

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अंबाती रायडू के लिए आईपीएल का पिछला सीज़न शानदार रहा था। हैदराबाद के इस बल्लेबाज ने सलामी बल्लेबाज़ के रूप में 16 मैचों में 602 रन बनाए थे और टीम के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी के रूप में सीज़न खत्म किया था। इस प्रकार, ऐसा लग रहा था कि टीम इस सीज़न के दौरान भी बहुत हद तक उन पर निर्भर करेगी।

हालांकि, शुरुआती 4 मैच इसके विपरीत ही संकेत देते हैं और साफ़ दिख रहा है कि रायुडू इस वक़्त संघर्ष करते नज़र आ रहे हैं। इस सीज़न के पहले 4 मैच में उनके स्कोर क्रमशः 28, 5, 1 और 0 थे।

तेज़ गेंदबाजी और स्पिन दोनों को अच्छे से खेलने वाले खिलाड़ियों में से एक रायडू, किसी भी बल्लेबाजी क्रम पर किसी भी स्थिति में बल्लेबाजी करने में सक्षम और रायडू की फॉर्म में गिरावट टीम के लिए विशेष रूप से चिंताजनक होगी और साथ ही उन्हें भी काफी दबाव में लाएगी।

चेन्नई ने अपने बैकअप भारतीय सलामी बल्लेबाज, मुरली विजय, या अन्य घरेलू बल्लेबाजों को मौके न देकर रायडू के पर भरोसा बनाये रखा है और परिणामस्वरूप उनकी किस्मत रायुडू पर काफी हद तक निर्भर करेगी।

# 2 गेंदबाजी में विविधता का अभाव

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अपनी गेंदबाजी में चेनई सुपर किंग्स को सबसे ज्यादा कमी लुंगी एनगीडी की गति की खलेगी। यह युवा दक्षिण अफ्रीकी गेदबाज़ इससे पहले के सीज़न में उनके लिए अच्छा प्रदर्शन करता रहा है, लेकिन आईपीएल 2019 सीज़न में वह चोट के चलते प्रतियोगिता से बाहर हैं।

टीम का स्पिन आक्रमण घरेलू परिस्थितियों में महत्वपूर्ण विकेट लेने के लिए पर्याप्त है। हालांकि, बाहर के मैच में इस टीम को तेज़ गति के गेंदबाजों की कमी खल रही है क्यूंकि पिछले सीज़न मे एनगीडी ने अपनी गति के साथ युवा भारतीय मध्यम-तेज़ गेंदबाज़ों को अच्छा सहयोग दिया था।

उनकी गैरमौजूदगी में अंतिम ओवरों में गेंदबाजी के विशेषज्ञ ब्रावो पर दबाव बढ़ेगा। बाएं हाथ के मध्यम तेज गेंदबाज डेविड विली की अनुपस्थिति भी इस टीम की तेज़ गेंदबाजी समस्या को सुलझाती नज़र नही आती है।

एनगीडी की जगह टीम ने स्कॉट कुगलेइजन को टीम में शामिल होने के लिए बुलाया है। हालांकि, भारतीय परिस्थितियों में उनका अनुभवहीनता चिंता का कारण हो सकता है।

# 3 ज्यादा उम्र के कई खिलाड़ियों की उपस्थिति

विकल्पों की कमी अब उजागर होने लगी है

आईपीएल 2019 में मुंबई इंडियन्स से मिली पहली हार के बाद सीएसके की टीम के सामने फिर से कुछ प्रश्न खड़े हो गये हैं जो पिछली बार 2018 सीज़न के शुरुआत से पहले उठे थे। पिछले सीज़न में भी खिलाड़ियों की उम्र को लेकर चिंताएं थीं और इसके चलते सीज़न के आखिरी चरण में इसका असर खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर कैसा पड़ेगा यह एक चिंता का विषय है।

मुंबई के खिलाफ मैच के दौरान ड्वेन ब्रावो को हैमस्ट्रिंग में खिचाव आया। यदि यह हालत कुछ वर्षों पहले होते तो शेन वॉटसन को कवर के रूप में देखा जा सकता था लेकिन अब यह ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर न नियमित रूप से गेंदबाजी करने सक्षम है और न ही अब वह उतने प्रभावी हैं।

ऐसे में यह बहुत बड़ा प्रश्न है कि सीएसके के खिलाड़ियों और उनके अनुभव ने सीज़न दर सीज़न जीत की कहानी लिखी है, लेकिन क्या वो ऐसा दोबारा करने में सक्षम हो पाएं है?

Edited by सावन गुप्ता

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