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IPL 2018: 5 अंडर-19 खिलाड़ी जिनपर बोली लगाने की रहेगी होड़

Rahul Pandey
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आईसीसी अंडर -19 विश्व कप न्यूजीलैंड में चल रहा है और भारतीय टीम ने पहले ही क्वार्टर फाइनल में अपना स्थान पक्का कर लिया है। पृथ्वी शॉ की अगुवाई वाली भारतीय टीम ने रविवार को तीन बार के विजेता ऑस्ट्रेलिया को 100 रनों से हराया और फिर मंगलवार को पापुआ न्यू गिनी को 10 विकेट से पराजित किया। इसके बाद भारत ने शुक्रवार, 19 जनवरी को माउंट मौनगुनिया में खेले गए जिम्बाब्वे के खिलाफ अपने अंतिम ग्रुप बी मैच में भी 10 विकेट से जीत दर्ज की। पिछले कुछ सालों से, इस अंडर -19 द्विवार्षिक टूर्नामेंट में युवराज सिंह, रोहित शर्मा, विराट कोहली और कई अन्य खिलाड़ी शामिल हुए थे, जो आगे चलकर खेल के सुपरस्टार बन गए और 2018 के संस्करण में भी बहुत से युवा खिलाड़ी हैं जिन्होंने अपने शानदार प्रदर्शन के साथ अपने लिये एक अलग पहचान बनाई है। आईपीएल 2018 की नीलामी 27-28 जनवरी को बेंगलुरू में आयोजित होने वाली है, यह उम्मीद की जा रही है कि इनमें से कुछ युवा लड़कों के लिये 8 फ्रैंचाइजी मालिकों के बीच बोली लगाने की होड़ मच सकती है। आईये ऐसे ही 5 अंडर -19 खिलाड़ियों पर एक नज़र डालते हैं जो आईपीएल नालामी में अच्छी कीमत पा सकते हैं:

# 5 अभिषेक शर्मा

2016 में मेजबान श्रीलंका को एशिया कप फाइनल में हराने वाली भारतीय अंडर -19 टीम का नेतृत्व करने वाले 17 वर्षीय अभिषेक शर्मा एक बहुआयामी खिलाड़ी हैं जो कि बाएं हाथ से बल्लेबाजी करने के साथ ही बाएं हाथ के गेंदबाज़ भी हैं। अंडर -16 विजय मर्चेंट ट्रॉफी के 2016 के संस्करण में अमृतसर का यह लड़का सबसे अधिक विकेट लेने वाला खिलाड़ी था और उन्होंने 2016-2017 सीजन में विजय हजारे ट्राफी में वरिष्ठ पंजाब टीम की ओर से अपना पहला मैच भी खेला। यह ऑलराउंडर दो प्रतिष्ठित बीसीसीआई पुरस्कारों - 'राज सिंग डुंगरपुर पुरस्कार' उच्चतम स्कोरर और सर्वाधिक विकेट लेने वाले खिलाड़ी के तौर पर एक ही घरेलू सत्र में भी हासिल करने वाला पहला खिलाड़ी बना। सचिन तेंदुलकर को प्रेरणास्त्रोत मानने वाले शर्मा ने 8 गेंद में 23 रनों के साथ एक आतिशबाजी से भरी पारी भी खेली जो कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आईसीसी अंडर -19 विश्वकप ओपनर में आयी, जिसके दम पर भारत ने 328/7 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया।

# 4 शिवम मावी

नोएडा के 19 वर्षीय ऑलराउंडर शिवम मावी एक मध्यम गति गेंदबाज हैं और एक दाएं हाथ के बल्लेबाज हैं। मावी, जो दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज डेल स्टेन को अपना आदर्श मानते है, उम्मीद करते हैं कि वह एक दिन भारतीय क्रिकेट टीम के लिए खेलेंगे। मौजूदा आईसीसी अंडर -19 विश्व कप के पहले दो मैचों में उनके प्रदर्शन के साथ ऐसा लगता है कि मावी का सपना जल्द ही सच साबित हो सकता है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले मैच में, मावी ने विपक्ष के निचले मध्यक्रम के बल्लेबाजों को 8.5 ओवर में 45 रन पर तीन विकेट लेकर निपटा दिया। जबकि, पापुआ न्यू गिनी के खिलाफ मैच में, भारत के लिए गेंदबाजी की शुरुआत करने वाले इस गेंदबाज़ ने अपने प्रतिद्वंद्वियों के शीर्ष क्रम को 5 ओवर में 16 रन पर दो विकेट लेकर तहस नहस कर दिया।

# 3 शुबमन गिल

भारत के अंडर -19 टीम के उप-कप्तान शुबमन गिल, जिन्होंने प्रथम श्रेणी के दो मैचों से 61.25 के औसत से 275 रन बनाये हैं, पंजाब के चौथे सबसे युवा खिलाड़ी हैं, जिसने रणजी ट्रॉफी में शतक बनाया है। 18 वर्षीय गिल ने 2017 में इंग्लैंड की श्रृंखला के दौरान चार पारियों में 93 की लाजवाब औसत से 278 रन बनाकर सबको प्रभावित किया और इस स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए स्वयं को एक स्वतः उम्मीदवार बनाया। आस्ट्रेलिया के खिलाफ आईसीसी अंडर -19 विश्व कप में भारत के पहले मैच के दौरान गिल ने पृथ्वी शॉ के आउट होने के बाद पारी खेली थी जिसमे उन्होंने सिर्फ 54 गेंद में 63 रन बनाए थे। गिल की आक्रामक पारी, जिसमें छह चौके और एक छक्का शामिल था, उसने सुनिश्चित किया कि भारत 300 रनों के पार का स्कोर बना सके।

# 2 कमलेश नागरकोटी

भारत अंडर -19 टीम के 18 वर्षीय तेज गेंदबाज कमलेश नागरकोटी न्यूजीलैंड के बे ओवल में अपनी धारदार गेंदबाजी के बूते सभी का ध्यान अपनी ओर खीचा है। राजस्थान के कमलेश, अपने दूसरे ही लिस्ट ए गेम में हैट-ट्रिक के साथ ख्याति प्राप्त कर चुके हैं, वह 140 किमी से उपर की गति से भारतीय तेज गेंदबाजों की अगुवाई करते हैं, अपने पहले गेम में ऑस्ट्रेलिया की ओपनिंग साझेदारी को तोड़ दिया और 7 ओवर में 29 रन देकर 3 विकेट लिए। उस मैच में नागरकोटी की सबसे तेज़ गेंद 149 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से दर्ज की गई थी, जो अंडर-19 लेवल पर संभवत: सबसे तेज़ गेंद डालने का एक रिकॉर्ड है। 2017 में भारत के अंडर -1 9 के इंग्लैंड दौरे के दौरान सबसे अधिक विकेट लेने वाले खिलाड़ी, जो बाड़मेर के एक छोटे से जिले से आते हैं, ने पीएनजी बल्लेबाजों को परेशान कर दिया और अपने 6 ओवर में सिर्फ 17 रन देकर एक विकेट लिया।

# 1 पृथ्वी शॉ

एक शानदार घरेलू सीजन के कारण, हर दूसरे साल आयोजित होने वाले आईसीसी टूर्नामेंट के 12 संस्करणों में भारत अंडर -19 टीम का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी पृथ्वी शॉ को मिली है। इनकी अक्सर सचिन तेंदुलकर के साथ तुलना है, और 18 वर्षीय इस खिलाड़ी ने मुंबई के लिए हाल ही में संपन्न रणजी ट्रॉफी टूर्नामेंट के पांच मैचों में तीन प्रथम श्रेणी शतक भी बनाए। युवा कप्तान, जिन्होंने रणजी ट्रॉफी और दूलिप ट्राफी की पहली पारी में शतक जड़ा, वह चल रहे अंडर -19 विश्व कप के पहले दो मैचों में एक के बाद एक दो अर्धशतक लगा चुके है। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 94 रन की पारी के साथ टीम का नेतृत्व किया और साथी सलामी बल्लेबाज मनजोत कालरा (86) के साथ 180 रन की साझेदारी की और भारत को 328/7 रन बनाने का मौका दिया। जबकि, पापुआ न्यू गिनी के खिलाफ मैच में, शॉ ने 39 गेंदों पर नाबाद 57 रन बनाए और अपनी टीम को 10 विकेट से जीत दिलायी। लेखक: तान्या रूद्र अनुवादक: राहुल पांडे

Edited by Staff Editor
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