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IPL: ऐसे मौक़े जब किसी कप्तान ने टीम के फ़ायदे के लिए कप्तानी से इस्तीफ़ा दिया

Modified 27 Apr 2018
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साल 2018 की नीलामी से पहले भी गौतम गंभीर ने दिल्ली डेयरडेविल्स की टीम में वापस जाने की इच्छा जताई थी। आख़िरकार उनकी ये ख़्वाहिश पूरी हुई और टीम मैनेजमेंट ने उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें टीम का कप्तान बनाया। उन्होंने दिल्ली के पहले मैच में किंग्स-XI पंजाब के ख़िलाफ़ हाफ़ सेंचुरी लगाई थी, लेकिन उससे बाद वो हर बार नाकाम रहे। उन्होंने अगले 4 मैच में क्रमश: 15,8,3 और 4 रन बनाए। उनके बल्लेबाज़ी का स्तर मैच दर मैच गिरता चला गया। बल्लेबाज़ी के अलावा उनकी कप्तानी भी दिल्ली टीम के किसी काम नहीं आ रही है, ये टीम प्वाइंट्स टेबल में सबसे नीचे जा चुकी है। ऐसा लगने लगा था कि मैनेजमेंट उनको लेकर कुछ कड़े फ़ैसले ले सकती है। ऐसा कुछ होता, इससे पहले ही गंभीर ने अपनी कप्तानी से इस्तीफ़ा दे दिया ताकि दिल्ली टीम का फ़ायदा हो सके। अब युवा बल्लेबाज़ श्रेयस अय्यर को दिल्ली की कमान सौंपी गई है। अय्यर भी उस चुनौती के लिए पूरी तरह तैयार हैं। हम यहां 4 ऐसे मौकों के बारे में चर्चा कर रहे हैं जब किसी आईपीएल टीम के कप्तान ने अपनी टीम के फ़ायदे के लिए कप्तानी से इस्तीफ़ा दे दिया था।

कुमार संगकारा

  साल 2012 के आईपीएल सीज़न की शुरुआत में डेक्कन चार्जर्स के कप्तान कुमार संगाकार ने कुछ मैच खेलने के बाद टीम की कप्तानी छोड़ दी थी। वो न ही उम्मीद के मुताबिक बल्लेबाज़ी कर पा रहे थे और न ही अपनी कप्तानी से टीम को फ़ायदा पहुंचा पा रहे थे। इस कड़े कदम का मकसद बस इतना था कि बाक़ी विदेशी खिलाड़ियों को प्लेइंग-XI में शामिल होने का मौका मिल सके और टीम को रफ़्तार हासिल हो। संगकारा ने डेक्कन टीम की बागडोर ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज़ कैमरन व्हाइट को सौंप दी। हांलाकि संगकारा के इस कदम का फ़ायदा टीम को नहीं मिल सका और 9 टीम के टूर्नामेंट में डेक्कन चार्जर्स 8वें स्थान पर रही थी।
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Published 27 Apr 2018, 06:15 IST
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