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जसप्रीत बुमराह का अब तक का सफर

Modified 13 Jan 2017
23 साल के गुजरात के इस खिलाड़ी ने साल 2016 में अपने प्रदर्शन से सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा है। अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में अपने ही साल में बुमराह ने बता दिया है कि वो सीमित ओवरों के क्रिकेट में भारत के लिए लंबी रेस के घोड़े हैं। बुमराह का अपरंपरागत एक्शन और उनके यॉर्कर डालने की क्षमता ने उन्हें टीम इंडिया के मुख्य गेंदबाजों की सूची में शामिल किया है। खासकर बुमराह टीम इंडिया के लिए डेथ ओवर में सबसे बड़े हथियार हैं। बुमराह ने 2016 ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपना डेब्यू किया था। उन्हें मोहम्मद शमी के चोटिल होने के कारण टीम में जगह मिली थी। बुमराह ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक वनडे और 3 टी 20 मैच खेले। अपनी डेब्यू सीरीज में ही बुमराह ने अपने प्रदर्शन से कप्तान धोनी का दिल जीता और धोनी ने उन्हें उस सीरीज में टीम इंडिया की सबसे बड़ी खोज बताया था। इसके बाद भारत ने अपने घर में श्रीलंका के खिलाफ घरेलू सीरीज खेली उसमें भी बुमराह का दमदार खेल जारी रहा। वर्ल्ड टी 20 को ध्यान में रखते हुए पहली बार एशिया कप भी टी 20 फॉर्मेट में खेला गया। एशिया कप में भी बुमराह ने शानदार गेंदबाजी का मुजाहिरा किया। इसके बाद वर्ल्ड टी 20 में डेथ ओवर्स में बुमराह एक बार फिर कप्तान धोनी के लिए सबसे उपयोगी साबित हुए। 2016 में अपने इस ड्रीम रन में बुमराह ने किसी को नहीं बख्शा फिर चाहे वो जिम्बाब्वे हो, वेस्टइंडीज या फिर न्यूजीलैंड सभी टीमों के बल्लेबाज युवा जसप्रीत बुमराह के आगे नतमस्तक नजर आए। कुल मिलाकर हम कह सकते हैं कि बुमराह आने वाले समय में टीम इंडिया के ही नहीं विश्व के स्टार गेंदबाजों की सूची में पहले नंबर पर भी हों तो हैरानी नहीं होगी। बुमराह का एक्शन दूसरे गेंदबाजों से बिल्कुल अगल है। 5- घरेलू क्रिकेट से इंटरनेशनल लेवल तक पहुंचने का सफर starting down under गुजरात की ओर से घरेलू क्रिकेट में दमदार प्रदर्शन और उसके बाद आईपीएल में अपने जौहर दिखाने के बाद बमुराह को जनवरी 2016 में टीम इंडिया में जगह मिली। बुमराह ने सिडनी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ फाइनल वनडे मैच खेला था। भारत ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले ही सीरीज 0-4 से गंवा चुका था और आखिरी वनडे मैच वो सिर्फ अपनी बची-खुची इज्जत बचाने के लिए खेल रहा था।
अपने पहले ही वनडे मैच में बुमराह ने अपने कोटे के 10 ओवरों में 2 विकेट लेकर 40 रन दिए। बुमराह ने जिन दो खिलाड़ियों का शिकार किया, उसमें ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव स्मिथ और जेम्स फॉकनर के विकेट शामिल थे। इस मैच में ऑस्ट्रेलिया ने भारत के खिलाफ 50 ओवर में 330 रन बनाए थे और सभी भारतीय गेंदबाजों की जमकर धुनाई की थी। बुमराह ने अपने पहले अंतर्राष्ट्रीय मैच में 10 ओवर में सिर्फ 4 के इकोनोमी से 40 रन दिए और 2 विकेट भी चटकाए। जो सभी गेंदबाजों से बेहतर प्रदर्शन था। उसी दिन 23 जनवरी 2016 को एक स्टार भारतीय गेंदबाज का उदय हुआ। हालांकि बाकी गेंदबाजों के खराब प्रदर्शन के बाद भी भारतीय टीम इस मैच को जीतने में कामयाब रही तो इसके पूरा श्रेय जाता है शतकवीर मनीष पांडे को। वनडे मैच के बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ही टी 20 सीरीज में बुमराह का प्रदर्शन सराहनीय रहा। बुमराह ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपने पहले ही टी 20 मैच में 3.3 ओवर गेंदबाजी की और 23 रन देकर 3 विकेट चटकाए। इसके बाद अगले दोनों टी 20 मैचों में बुमराह ने 3 विकेट और झटके। भारत ने टी 20 सीरीज में कंगारुओं को 3-0 से क्लीन स्वीप किया और वनडे सीरीज की करारी हार को भूलाते हुए ऑस्ट्रेलिया दौरे को जीत के साथ खत्म किया।
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Published 13 Jan 2017
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