कामरान अकमल के साथ हुई लड़ाई पर बोले गौतम गंभीर

भारत औऱ पाकिस्तान का मैच हमेशा से ही हाई वोल्टेज होता है। कोलकाता नाइटराइडर्स के कप्तान गौतम गंभीर मैदान पर काफी सारे विवाद में शामिल रहे हैं। गंभीर ने 2010 में पाकिस्तान के खिलाफ एशिया कप के मैच में कामरान अकमल के साथ हुई कहासुनी पर अपनी बात रखी। गंभीर को उस घटना के बारे में कहते हुए कहा कि अकमल ने कैच की अपील की, अंपायर ने उन्हें नॉट आउट करार दिया। अपील के बाद गुस्से में गंभीर अकमल के पास गए और दोनों के बीच जमकर कहासुनी हुई। ऑन फील्ड अंपायर और कप्तान धोनी ने मामले को शांत कराया। हाल ही में गौतम गंभीर ने इस मुद्दे पर बोलते हुए कहा, "भारत और पाकिस्तान के बीच जब भी मैच होता है तो हालात काफी टैंस होते हैं। हम लोगों के बीच ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान विवाद हुआ। नियो चैनल ने ब्रेक दिखाने की बजाय हम लोगों के लड़ाई को दिखाया। मैंने शॉट खेलने की कोशिश की,लेकिन मिस कर गया। अकमल ने गेंद बल्ले से लगे बगैर अपील की। मैंने उनको जाकर कहा कि गेंद के बल्ले से टकराए बिना अपील करना बेकार है। लेकिन उसके बाद हालात बद से बदतर हो गए। मैं शायद वर्ल्ड कप कभी नहीं खेल पाता गंभीर ने गैरी कर्स्टन से जुडी हुई एक मजेदार स्टोरी बताई। उन्होंने कहा, "गैरी मुझे बैंकर कहते थे, हम दोनों को लगता था कि हम लोगों में काफी समानताए हैं। वो मुझे कहते थे कि तुम्हारा रोल भारतीय क्रिकेट में वैसा है कि जैसा मेरा अफ्रीकी टीम में होता था"। 2011 वर्ल्ड कप फाइनल में 97 रन बनाकर टीम को वर्ल्ड कप दिलाने वाले गंभीर खराब फॉर्म के चलते खुद को ड्रॉप करना चाहते थे। लेकिन कर्स्टन ने उन्हें खेलते रहने के लिए कहा। गौतम गंभीर ने कहा कि वो अगर गैरी की बात नहीं मानते तो वर्ल्ड कप नहीं खेल पाते। सबसे खास चीज नाइटराडर्स की कप्तानी कर रहे गंंभीर ने बताया कि कैसे साल 2014 आईपीएल के यूएई चरण के दौरान लगातार 3 मैचों में शून्य पर आउट होने के बाद कैसे उन्होंने वापसी की। गंभीर ने कहा, "किसी भी खिलाड़ी के लिए 3 मैचों में शून्य पर आउट होने किसी बुरे सपने से कम नहीं है"। लेकिन फिर टूर्नामेंट के भारत में आने के बाद टीम और गंभीर के प्रदर्शन में बड़ा बदलाव आया। गंभीर ने उसके बाद लगातार 5 अर्धशतक लगाए और उनकी टीम ने लगातार दूसरी बार टूर्नामेंट जीता। गौतम गंभीर ने इस पर बोलते हुए कहा, "उस समय मेरे लिए सबसे खास चीज हुई, मेरी बेटी अज़ीन ने जन्म लिया। यूएई से आने के बाद में सीधे अस्पताल आया औऱ अगली सुबह फ्लाइट लेकर रांची गया। "अगर फ्लाइट मिस हो जाती तो मैं वो मैच नहीं खेल पाता। मैंने जाकर लगातार अर्धशतक लगाए और अपनी बेटी के लिए टूर्नामेंट जीता"।

Edited by Staff Editor