टी-20 अंतर्राष्ट्रीय करियर में एम एस धोनी की 5 सर्वश्रेष्ठ पारियां

भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही टी -20 श्रृंखला के लिए सभी क्रिकेट प्रशंसक उत्सुक हैं। लेकिन इन सब के बीच एमएस धोनी विश्वकप 2019 के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की योजना बना रहे हैं, तो ऐसे में यह उनकी आखिरी टी 20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला हो सकती है। धोनी, जिन्होंने अपने नेतृत्व में क्रिकेट के सबसे छोटे प्रारूप में टीम इंडिया को टी -20 विश्व कप का ख़िताब जिताया था, के टीम से चले जाने पर भारतीय टीम को गहरा झटका लगेगा। टी 20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में उनके शानदार प्रदर्शनों को देखते हुए उनकी पांच सर्वश्रेष्ठ पारियों का उल्लेख करना मुश्किल है लेकिन फिर भी इस लेख में हम उनके द्वारा टी -20 में खेली गईं 5 बेहतरीन पारियों पर एक नज़र डालेंगे:

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आईसीसी टी 20 विश्व कप, 2007 में 18 गेंदों में 36 रन

एडम गिलक्रिस्ट, मैथ्यू हेडन, एंड्र्यू साइमंड्स, माइकल हसी और कई अन्य विश्व-स्तरीय खिलाड़ियों के साथ ऑस्ट्रेलियाई टीम 2007 में खेले गए पहले टी-20 विश्व कप में जीत की प्रबल दावेदार थी। इस विश्व कप के सेमीफाइनल में उनका मुकाबला भारत से हुआ था। धोनी ने हमेशा की तरह इस मैच में भी एक बेहतरीन फिनिशर की भूमिका निभाई। युवराज सिंह ने आउट होने से पहले शानदार 70 रन बनाए थे और धोनी के लिए खुलकर खेलने का मार्ग प्रशस्त कर दिया था। लेकिन पहली बार कप्तानी कर रहे धोनी ने सूत्रधार की भूमिका निभाई। अपनी पारी के दौरान, धोनी ने चार चौके और एक गगनचुंबी छक्का लगाया। युवी के साथ उन्होंने अच्छी सांझेदारी की और टीम को एक अच्छे स्कोर तक पहुंचाया। धोनी ने अपनी धमाकेदार पारी में 18 गेंदों में 36 रन बनाए। भारत ने उस मैच में निर्धारित 20 ओवरों में 188 रन बनाए थे। उसके बाद बल्लेबाज़ी करने आयी ऑस्ट्रेलिआई टीम को भारत ने 173 रनों पर रोक दिया और यह मैच 15 रनों से जीत लिया था।

भारत बनाम पाकिस्तान (पाकिस्तान टूर ऑफ इंडिया, अहमदाबाद, 2012): धोनी- 33(23 )

एम एस धोनी की यह पारी, भले ही बड़ी ना हो लेकिन उन्होंने यह पारी उस समय खेली जब भारत को सबसे ज़्यादा ज़रूरत थी। धोनी ने कई मैचों में मैच जिताऊ पारियां खेली हैं। पाकिस्तान के खिलाफ उच्चस्तरीय द्विपक्षीय श्रृंखला के एक मैच में में टीम इंडिया नाज़ुक स्थिति में थी जब उनके महत्वपूर्ण 3 विकेट सिर्फ 88 रनों पर गिर गए थे। ऐसे समय में कप्तान धोनी ने वैसी ही पारी खेली जैसी हम उनसे अपेक्षा रखते हैं। उस मैच में नंबर 4 पर बल्लेबाज़ी करने आये धोनी ने युवराज सिंह के साथ अच्छी सांझेदारी की और टीम इंडिया को संकट से उबारा। धोनी ने 23 गेंदों में 33 रनों की पारी खेली और भारत को 192 के स्कोर तक पहुंचाया। इस मैच को भारत ने बड़ी ही आसानी से जीत लिया था और धोनी का इस जीत में अहम योगदान था।

भारत बनाम इंग्लैंड (इंग्लैंड टूर ऑफ इंडिया, बैंगलोर, 2017) धोनी: 56 (36 )

यह वह श्रृंखला थी जिसमें ठीक पहले धोनी ने टीम इंडिया की कप्तानी छोड़ दी थी और विराट कोहली को कप्तानी की ज़िम्मेवारी सौंपी गयी थी।इससे पहले धोनी को अपनी धीमी बल्लेबाज़ी वजह से आलोचना का शिकार होना पड़ रहा था और कहा जा रहा था कि वह टी-20 प्रारूप के लिए उपयुक्त नहीं हैं। इस मैच में धोनी नंबर 3 पर बल्लेबाज़ी करने के लिए उतरे जिस समय टीम इंडिया का स्कोर 2 विकेट के नुक्सान पर 65 रन था और फिर उन्होंने ताबड़तोड़ 56 रन बनाकर अपने आलोचकों का मुँह बंद करा दिया। कप्तानी की अतिरिक्त ज़िम्मेवारी से मुक्त होने का बाद धोनी ने बिना किसी दवाब के बल्लेबाज़ी की।

भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका (आईसीसी विश्व टी 20, डरबन, 2007), धोनी: 45 (33)

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेले गए इस मैच में जब धोनी बल्लेबाज़ी करने के लिए मैदान में उतरे, भारत की स्थिति बहुत नाज़ुक थी। पहले बल्लेबाजी करते हुए, भारतीय टीम ने 10.3 ओवरों 61 रन बनाए और अपने महत्वपूर्ण 4 विकेट गँवा लिए थे। मेज़बान टीम के गेंदबाज़ों की कहर बरपाती गेंदों के सामने कोई भी बल्लेबाज़ टिक नहीं पा रहा था। ऐसे में, रोहित शर्मा के साथ धोनी ने अहम 85 रनों की सांझेदारी की और टीम को संकट से उबारा। दोनों ने भारत को 153 के सम्मानजनक स्कोर तक पहुँचाया। धोनी ने शुरू में बड़े शॉट्स नहीं लगाए लेकिन एक बार गेंद पर नज़रें जम जाने के बाद, उन्होंने बड़े शॉट्स खेलना शुरू किया और अपनी पारी में 33 गेंदें खेलते हुए शानदार 45 रन बनाए। टी-20 विश्व कप 2007 में पहली बार कप्तानी की ज़िम्मेवारी संभाल रहे धोनी ने एक कप्तानी पारी खेली और टीम इंडिया को संकट से उबार कर उस मैच में जीत दिलाई।

भारत बनाम श्रीलंका (श्रीलंका टूर ऑफ इंडिया, 2012, मोहाली), धोनी: 46 (28)

वर्ष 2012 में, 206 के बड़े स्कोर का पीछा करना बहुत मुश्किल माना जाता था क्योंकि इससे पहले कोई भी टीम इस लक्ष्य को हासिल करने में सफल नहीं हो पाई थी। लेकिन 2012 में श्रीलंका के खिलाफ एक मुकाबले में भारतीय टीम ने धोनी की धमाकेदार पारी की बदौलत ऐसा कर दिखाया। उस मैच में श्रीलंका ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में 205 रन बनाए थे। उसके बाद, बल्लेबाज़ी करने आई भारतीय टीम ने छः ओवरों के बाद 1 विकेट पर 58 रन बना लिए थे। धोनी उस मैच में नंबर 3 पर बल्लेबाज़ी करने के लिए मैदान में उतरे और पहले उन्होंने वीरेंद्र सहवाग के साथ, 50 रनों की सांझेदारी की और उसके बाद युवराज सिंह के साथ 80 रनों की बेहद अहम सांझेदारी कर टीम इंडिया की जीत का मार्ग प्रशस्त किया। धोनी ने उस मैच में सिर्फ 28 गेंदों में 46 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली थी। लेखक: प्रणय गुप्ता अनुवादक: आशीष कुमार

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