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माइकल होल्डिंग ने बताया कि ज्यादातर प्लेयर अपने देश की बजाय टी20 लीग्स में खेलना क्यों पसंद करते हैं

माइकल होल्डिंग
माइकल होल्डिंग
SENIOR ANALYST

वेस्टइंडीज (West Indies Cricket Team) के पूर्व दिग्गज तेज गेंदबाज माइकल होल्डिंग (Michael Holding) ने बताया है कि कई देशों के क्रिकेटर अपने देश की बजाय टी20 लीग्स में खेलने को तरजीह क्यों देते हैं। उनके मुताबिक इन देशों के खिलाड़ियों को अपनी नेशनल टीम की तरफ से खेलने के लिए कम पैसा मिलता है जबकि टी20 लीग्स में खेलकर ये कम समय में ही ज्यादा पैसे कमा लेते हैं।

माइकल होल्डिंग के मुताबिक इंग्लैंड और भारत जैसे देशों के खिलाड़ी टी20 लीग्स को उतना ज्यादा महत्व नहीं देते हैं, क्योंकि यहां के खिलाड़ियों को अपने बोर्ड की तरफ से अच्छे-खासे पैसे मिलते हैं। लेकिन दूसरे देश के खिलाड़ियों को इतने ज्यादा पैसे नहीं मिलते हैं और इसीलिए वो टी20 लीग्स में खेलना ज्यादा पसंद करते हैं।

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माइकल होल्डिंग के मुताबिक टी20 कॉन्ट्रैक्ट से कम समय में ही ज्यादा पैसे मिल जाते हैं

टाइम्स ऑफ इंडिया के पोडकास्ट पर बातचीत के दौरान माइकल होल्डिंग ने इस विषय को लेकर अपनी राय दी। उन्होंने कहा,

जो क्रिकेटर अपने जीवन-यापन के लिए क्रिकेट खेलते हैं उनका यही प्रोफेशन है और वे ज्यादा से ज्यादा पैसा इससे कमाना चाहते हैं। गरीब देशों के क्रिकेटर यही सोचते हैं कि मुझे कहीं ना कहीं से टी20 कॉन्ट्रैक्ट मिल जाए ताकि मैं ज्यादा से ज्यादा पैसे कमा सकूं। वहीं अमीर देशों के क्रिकेटर भी इन टूर्नामेंट्स में खेलना चाहते हैं लेकिन उन्हें जरूरत नहीं पड़ती है क्योंकि इंडिया और इंग्लैंड के क्रिकेटरों को काफी अच्छे पैसे मिलते हैं। टेस्ट मैच खेलने के भी उन्हें अच्छे पैसे मिलते हैं। एक कॉन्ट्रैक्ट एक मिलियन पाउंड जैसा होता है और एक ऑस्ट्रेलियन कॉन्ट्रैक्ट मिलियन्स ऑफ डॉलर होता है। इसीलिए यहां के क्रिकेटर अपने देश के प्रति खेलने के लिए ज्यादा समर्पित रहते हैं।

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Edited by सावन गुप्ता
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