मोहम्मद शमी ने वेस्टइंडीज के खिलाफ अपनी सफलता का राज खोला

मोहम्मद शमी ने वेस्टइंडीज दौरे की शुरुआत शानदार ढंग से की। उन्होंने एंटीगुआ में खेले गए पहले टेस्ट की पहली पारी में चार विकेट लिए थे। भारत ने विराट कोहली के दोहरे शतक और रविचंद्रन अश्विन के शतक की मदद से पहली पारी में 566 रन का विशाल स्कोर बनाया था। वहीं वेस्टइंडीज की पहली पारी मोहम्मद शमी, उमेश यादव और अमित मिश्रा के सामने 243 रन पर सिमट गई थी। इस टेस्ट से पहले 12 टेस्ट खेलकर 47 विकेट शमी के नाम थे जबकि क्रिकेट के छोटे प्रारूप में 87 विकेट उनके नाम है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट से मुताबिक शमी ने कहा, 'हम पहले इस विकेट पर बल्लेबाजी कर चुके थे और हम जानते थे कि यह धीमा विकेट है। हमारी योजना लंबे समय तक एक ही जगह पर गेंदबाजी करने की थी और इसलिए हम सफल रहे।' 2015 विश्व कप में घुटने की चोट के बाद से शमी ने 18 महीने के बाद टेस्ट खेला। हालांकि उन्हें देखते हुए ऐसा नहीं लगा कि वह कभी भी एक्शन के बाहर रहे हो। शमी ने कहा, 'मैंने 18 महीने पहले टेस्ट खेला था। ऑस्ट्रेलिया में मुझे चोट लगी और फिर मेरी सर्जरी हुई। मेरी पत्नी ने इस दौरान मेरी काफी मदद की क्योंकि पहले दो महीने मैं बिस्तर पर था। उसी समय मेरी बेटी का जन्म हुआ और उसने मुझे काफी शांत किया। मैं चोटिल होने से पहले अच्छी लय में था, इसलिए निराश हो गया था। बेटी के जन्म की मदद से मैं दोबारा खेल पर अपना ध्यान लगा सका।' मोहम्मद शमी ने साथ ही बताया कि शॉर्ट बॉल करना उनकी योजना थी। उन्होंने कहा, 'धीमे विकेट पर बल्लेबाज शॉर्ट गेंद की अपेक्षा नहीं करता। इसलिए हमारी योजना शॉर्ट गेंद करने की थी ताकि विकेट ले सके।'

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