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महेंद्र सिंह धोनी की बिना कप्तान के रूप में 5 बेस्ट पारियां

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Modified 27 Jan 2017

सुनहरे रंग के लंबे बाल और घर में बनी हुई बल्लेबाजी तकनीक जो कि ज्यादा चाहने वाली नहीं, लेकिन काफी असरदार थी। एमएस धोनी जो कप्तान न हो, ऐसा लगता है कि किसी और युग की यादें लगती हैं। वह पहले क्लब में गेंदबाज हुआ करते थे, कप्तानी से पहले वह अपने बल्ला बिलकुल थोर के जोलनिर जैसे फेंकते थे। फिर घड़ी का काँटा बदला और धोनी पूरी तरह से विकेटकीपर बल्लेबाज बने। इंग्लैंड के खिलाफ कटक में धोनी ने पुराने अंदाज में रन बनाए और एक दशक पुरानी याद ताजा कर दी। उन्होंने 2013 अक्टूबर के बाद पहला शतक बनाया और उन आलोचनाओं को ख़ारिज किया, जिसमें 35 वर्षीय बल्लेबाज की सीमित ओवरों में क्षमता पर सवाल उठाए जा रहे थे। चलिए आज उन यादों को ताजा करते हैं जब धोनी पर कप्तानी का भार नहीं था, उस समय उन्होंने सर्वश्रेष्ठ पारियां कौनसी खेली थी :


72* vs पाकिस्तान, लाहौर (2005) लंबे सुनहरे बाल वाले धोनी को पाकिस्तान के प्रेसीडेंट परवेज मुशर्रफ के रूप में नया फैन मिला था, जिन्होंने भारत-पाकिस्तान वन-डे के बाद पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन सेरेमनी में प्रोटोकॉल तोड़ते हुए धोनी से अपने बाल नहीं कटवाने को कहा था। कई घंटों पहले, धोनी ने मुश्किल लक्ष्य का सफल पीछा करके पाकिस्तान के कप्तान इंज़माम उल हक को गुस्से में सर के सभी बाल खींचने के लिए मजबूर कर दिया था। शॉर्ट गेंद स्क्वायर लेग बाउंड्री के ऊपर से जा रही है, फुल लेंथ की गेंदें साइटस्क्रीन पर तथा कैमरामैन का सबसे पसंदीदा काम पाकिस्तानी गेंदबाजों के निराश चेहरे को ज़ूम करके दिखाना, यह सभी देखने को मिल रहा था। धोनी ने मुश्किल लक्ष्य का सफल पीछा करने के लिए पारी का निर्माण किया और उनके इस काम में साथी रहे युवराज सिंह। धोनी और युवराज ने पाकिस्तानी गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाते हुए सिर्फ 79 गेंदों में 102 रन की साझेदारी की। एक समय राणा नावेद उल हसन अपनी लेंथ पूरी तरह भूल गए थे। वह धोनी को लगातार शॉर्ट गेंदे पटकने लगे, जिसमें से तीन लगातार गेंदों को बल्लेबाज ने बाउंड्री पार भेजा। इस समय किसी को धोनी के भविष्य में शीर्ष फिनिशर बनने की क्षमता पर संदेह नहीं हुआ।
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Published 27 Jan 2017
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