एकदिवसीय टीम में मेरी वापसी पूरी तरह से टीम मैनेजमेंट के हाथ में है: रविचंद्रन अश्विन

भारतीय एकदिवसीय और टी20 टीम से बाहर चल रहे स्टार ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने हाल ही में कहा कि लिमिटेड ओवर फॉर्मेट में उनकी वापसी इस बात पर निर्भर करती है कि टीम मैनेजमेंट और चयनकर्ता उनके खेल के बारे में क्या सोचती है। युजवेंद्र चहल और कुलदीप यादव के भारतीय टीम का अहम हिस्सा बनने के बाद से ही अश्विन को छोटे फॉर्मेट में खेलने का मौका नहीं मिला है। अश्विन ने मीडिया के साथ बातचीत करते हुए कहा, "मैं भी दूसरे क्रिकेटर की तरह नीली जर्सी पहनना चाहता हूं और इंडिया के लिए विश्वकप खेलना चाहता हूं। हालांकि यह चीज अब मेरे हाथ में नहीं है, बल्कि इस चीज के ऊपर निर्भर करता है कि टीम मैनेजमेंट मेरे खेल के बारे में क्या सोचते हैं। मैं इस समय सिर्फ खेल का आनंद उठा रहा हूं और अगर मुझे मौका दिया जाता है, तो मैं सकारात्मक रहते हुए उस मौके का फायदा उठाना चाहूंगा।" भले ही अश्विन एकदिवसीय टीम में अपनी जगह गंवा बैठे हैं, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में अभी भी वो भारत के नंबर एक स्पिनर हैं और आने वाले समय में इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में होने वाली टेस्ट सीरीज में उनका किरदार काफी अहम होने वाला है। भारतीय टीम इस समय इंग्लैंड दौरे पर गई हुई है और इस अहम सीरीज को लेकर अश्विन ने कहा, "इंग्लैंड की एकदिवसीय टीम काफी मजबूत है और इस सीरीज में काफी रन बनने के आसार है। हालांकि मेरे हिसाब से भुवनेश्वर कुमार और जसप्रीत बुमराह का रोल इस दौरान काफी अहम होने वाला है।" 3 मैचों की एकदिवसीय और टेस्ट सीरीज के बाद भारत को इंग्लैंड के खिलाफ 5 टेस्ट मैचों की सीरीज भी खेलने वाली है और अश्विन ने साफ कर दिया कि इस सीरीज में स्पिनर्स अहम रोल निभा सकते हैं। इसके अलावा उनके मुताबिक यो-यो टेस्ट इतना भी मुश्किल नहीं है। अभी के लिए चहल और कुलदीप भारतीय टीम के लिए शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं और मौजूदा हालात को देखते हुए अश्विन की वापसी एकदिवसीय टीम में मुश्किल नजर आ रही है।