ENG vs PAK: पाकिस्तान की इंग्लैंड पर 10 विकेट से जीत, सीरीज़ 2-2 से बराबर

पाकिस्तान क्रिकेट टीम ने ओवल टेस्ट में कमाल का प्रदर्शन करते हुए इंग्लैंड को 10 विकेट से शिकस्त दे दी। इसी के साथ ही 4 टेस्ट मैचो की सीरीज़ 2-2 से बराबर हो गई है, पहला टेस्ट पाकिस्तान ने जीता था। अगले दो टेस्ट में मेज़बान टीम ने जीत दर्ज करते हुए सीरीज़ में 2-1 की बढ़त हासिल कर ली थी और फिर ओवल मे खेले गए निर्णायक टेस्ट में पाकिस्तान ने बाज़ी मारते हुए सीरीज़ बराबर कर ली। इस टेस्ट के हीरो रहे युनिस ख़ान जिन्होंने 218 रन बनाते हुए पाकिस्तान की बढ़त को 200 के पार पहुंचाया था। इसके बाद बारी थी इंग्लिश टीम पर दबाव डालने की और वह काम किया लेग स्पिनर यासिर शाह (5/71) ने, यासिर ने सीरीज़ में दूसरी बार पांच विकेट लिया और सही मौक़े पर फ़ॉर्म में वापस लौटे। युनिस और यासिर के अलावा तेज़ गेंदबाज़ सोहैल ख़ान ने भी इस मैच में शानदार प्रदर्शन किया, इंग्लैंड की पहली पारी में सोहैल ने 5 विकेट झटके थे। चौथे दिन 88/4 से आगे खेलने उतरी इंग्लिश टीम का पहला लक्ष्य पारी की हार से बचना था। गैरी बैलेंस और जॉनी बेयस्ट्रो ने पहला घंटा तो निकाल लिया था, लेकिन उसके बाद इस साझेदारी को सोहैल ख़ान ने तोड़ डाला। बैलेंस (17) के आउट होने के बाद, मोइन अली क्रीज़ पर थे जिन्होंने पहली पारी में शानदार शतक जड़ा था। अली और बेयस्ट्रो ने मिलकर इंग्लिश टीम को संकट से निकालने की पूरी कोशिश की, लेकिन 32 रनों मोइन अली को यासिर शाह ने अपना चौथा शिकार बनाते हुए पाकिस्तान को अहम क़ामयाबी दिला दी थी। अली के आउट होते ही इंग्लिश टीम लड़खड़ा गई, इसका असर बेयस्ट्रो (81) पर भी पड़ा और वहाब रियाज़ ने उन्हें पैवेलियन की राह दिखा दी। पारी की हार से तो इंग्लिश टीम किसी तरह बच गई, लेकिन 253 रनों पर पूरी टीम ऑलआउट हो गई। इंग्लैंड को 39 रनों की बढ़त मिली थी। पाकिस्तान के सामने अब जीत के लिए 40 रनों का लक्ष्य था, जिसे बिना कोई विकेट खोए मेहमान टीम ने हासिल कर लिया। 6 साल बाद इंग्लैंड के दौरे पर गई पाकिस्तान टीम के लिए 2-2 से सीरीज़ ड्रॉ करना उपलब्धि से कम नहीं है। आख़िरी बार इंग्लैंड दौर पर 1996 में पाकिस्तान ने टेस्ट सीरीज़ जीती थी। युनिस ख़ान को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए 'मैन ऑफ़ द मैच' से नवाज़ा गया। संक्षिप्त स्कोर कार्ड इंग्लैंड 328 और 253 (बेयस्ट्रो 81, यासिर 5/71) पाकिस्तान 542 और 42/0 (अज़हर 30*, समी 12*)

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