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जिम्बाब्वे की खराब फील्डिंग ने श्रीलंका को 500 पार पहुंचाया

Naveen Sharma

जिम्बाब्वे की टीम श्रीलंका के खिलाफ हरारे में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच में मिले मौकों को भुना नहीं सकी । इसलिए श्रीलंका को मजबूत स्थिति में पहुँचने का मौका मिल गया । शतकवीर धनंजय डी सिल्वा के अलावा गुणारत्ने ने भी शानदार शतक जड़ दिया । यही वजह रही कि मेहमान टीम की पारी 509 रनों का विशाल स्कोर बनने के बाद खत्म हुई । धनंजय डी-सिल्वा ने जिम्बाब्वे की टीम को आसान मौका दिया लेकिन उन्होने इसे गंवा दिया । कार्ल मुम्बा ने खुद की गेंद पर डी सिल्वा का कैच छोड़ श्रीलंका को अवसर प्रदान कर दिया । अगली ही गेंद पर सेकंड स्लिप के हाथ से भी कैच टपक गया । विकेट कीपर पीटर मूर ने भी 64 रनों के निजी स्कोर पर धनंजय का कैच टपकाया और उसके बाद दिलरुवान का कैच भी छोड़ दिया । देखा जाये तो जिम्बाब्वे की फील्डिंग ने श्रीलंकाई पारी को 500 रनों के पार पहुंचाने मे काफी मदद की है । क्रीमर ने मुम्बा की गेंद पर गुणारत्ने के खिलाफ अंपायर द्वारा ठुकराई हुई पगबाधा की अपील को रिव्यू के लिए भेजा मगर नतीजा यहाँ भी उनके खिलाफ ही गया । दिलरुवान को क्रीमर ने फ्लिपर गेंद पर लंच से 15 मिनट पहले आउट किया । कप्तान क्रीमर ने शुरू से ही शानदार पकड़ बनाए रखी लेकिन किस्मत जिम्बाब्वे से रूठी हुई नजर आई । धनंजय डी-सिल्वा के बाद गुणारत्ने मैदान में टिके रहे तथा पुछल्ले बल्लेबाजों के साथ मिलकर अपना शतक पूरा करने के बाद आउट हुए । तब तक जिम्बाब्वे का स्कोर 500 रन के आस-पास पहुँच गया । फील्डिंग में खराब प्रदर्शन करने वाली जिम्बाब्वे की टीम का बल्लेबाजी में भी प्रदर्शन कुछ खास नजर आता हुआ नहीं लगा रहा है । जिम्बाब्वे ने शुरुआती 19 ओवर का खेल समाप्त होने तक 77 रनों पर 2 विकेट खोकर संघर्ष कर रही है । चरी तथा इरविन क्रीज़ पर हैं वहीं मवोयो तथा मसाकाद्जा आउट होकर वापस ड्रेसिंग रूम में जा चुके हैं ।


Edited by Staff Editor

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