ENG v IND: इंग्लैंड के ख़िलाफ़ पहले टेस्ट में भारत की संभावित एकादश

भारतीय क्रिकेट टीम इंग्लैंड दौरे में 1 अगस्त से 5 टेस्ट मैचों की सीरीज़ खेलेगी। आखिरी बार 2014 में भारत ने इंग्लैंड का दौरा किया था, जहां तक ​​टेस्ट मैचों का सवाल है, उस दौरे में भारत को इंग्लैंड ने 3-1 से हराकर सीरीज़ जीती थी। लॉर्ड्स में इंग्लैंड को हराकर टेस्ट सीरीज़ में 1-0 की बढ़त बनाने के बाद भारतीय टीम ने अपनी लय खो दी और नतीजतन, वे अगले तीनों मैच हार गए। लेकिन इस दौरे में भारतीय टीम पिछले दौरे का हिसाब चुकता करने की कोशिश करेगी। खासकर इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज़ में टीम इंडिया को दिखाना होगा कि क्यों वह दुनिया की नंबर एक टीम है। इस लेख में हम इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली आगामी टेस्ट सीरीज़ में भारत की संभावित एकादश पर एक नज़र डालेंगे:

मुरली विजय

मुरली विजय के लिए दक्षिण अफ़्रीकी दौरा कुछ खास अच्छा नहीं था, लेकिन उन्होंने हाल ही में संपन्न टेस्ट मैच में अफगानिस्तान के खिलाफ शतक लगा कर अपनी फॉर्म का संकेत दे दिया है, जिसे भारत ने दो दिनों में जीता था। वह इंग्लैंड में अपनी बेजोड़ तकनीक के कारण एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। भारत का इंग्लैंड दौरा, 2014 मैच: 5, पारियां: 10, रन: 402, औसत: 40.20, सर्वोत्तम स्कोर: 146

शिखर धवन

हाल ही में अफ़ग़ानिस्तान के खिलाफ इस सलामी बल्लेबाज ने टेस्ट मैच के पहले दिन दोपहर के भोजन के पहले सौ रन बनाकर रिकॉर्ड कायम कर दिया है। ऐसे करने वाले वह दुनिया के पहले और एकमात्र बल्लेबाज़ बन गए हैं। अपनी आक्रमक बल्लेबाज़ी शैली के कारण वह इंग्लैंड दौरे में भारत के लिए बहुत अहम खिलाड़ी होंगे। उनकी ताबड़तोड़ बल्लेबाज़ी टेस्ट सीरीज़ में इंग्लिश गेंदबाज़ों पर दवाब डाल सकती है। भारत का इंग्लैंड दौरा, 2014 मैच: 3, पारियां: 6, रन: 112, औसत: 20.33, सर्वोत्तम स्कोर: 37

चेतेश्वर पुजारा

जब उन्होंने पहली बार 2010 में भारत के लिए अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत की तो उनपर टीम इंडिया में राहुल द्रविड़ के प्रतिस्थापन के रूप में एक भरोसेमंद खिलाड़ी बनने की बहुत बड़ी ज़िम्मेवारी थी। निश्चित रूप से अपने 8 साल के टेस्ट करियर में उन्होंने टीम इंडिया को कई बार संकट से उबारा है और विरोधी गेंदबाज़ों के लिए उनको आउट करना टेढ़ी खीर रहा है। पुजारा ने पिछले कुछ वर्षों से शानदार प्रदर्शन कर टेस्ट टीम में नियमित रूप से अपनी जगह बनाई है। इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली आगामी टेस्ट सीरीज़ में वह भारत की बल्लेबाजी का मुख्य आधार होंगे और पुजारा पिछले दौरे में किये गए अपने निराशजनक प्रदर्शन को बदलने के लिए उत्सुक होंगे। भारत का इंग्लैंड दौरा, 2014 मैच: 5, पारियां: 10, रन: 222, औसत: 22.20, सर्वोत्तम स्कोर: 55

विराट कोहली

क्रिकेट जगत में विराट कोहली किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। जब उन्होंने पहली बार 2010 में भारत के लिए अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत की थी तो उनपर कई महान खिलाडियों के संन्यास के बाद टीम के मध्य-क्रम को संभालने की ज़िम्मेवारी थी। निश्चित रूप से अपने 8 साल के टेस्ट करियर में उन्होंने अपनी इस ज़िम्मेवारी को बखूबी निभाया है और टीम इंडिया को कई बार संकट से उबारा है। इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली आगामी टेस्ट सीरीज़ में उनकी लाजबाव बल्लेबाज़ी और नेतृत्व क्षमता टीम इंडिया के लिए बहुत ज़रूरी होगी। भारत का इंग्लैंड दौरा, 2014 मैच: 5, पारियां: 10, रन: 134, औसत: 13.40, सर्वोत्तम स्कोर: 39

अजिंक्य रहाणे

अजिंक्य रहाणे वह खिलाड़ी हैं जिनका क्रिकेट करियर उतार-चढ़ाव का रहा है। लेकिन जब भी उन्होंने टीम में वापसी की है, अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। खासकर टेस्ट मैचों में उनकी धैर्य से बल्लेबाज़ी करने की क्षमता और परिपक्वता उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली आगामी टेस्ट सीरीज़ में भारतीय टीम का एक संभावित विकल्प बनाती है। रहाणे की बेजोड़ तकनीक और जरूरत पड़ने पर तेज़ी से खेलने की उनकी क्षमता के कारण वह विदेशी पिचों पर शानदार बल्लेबाज़ी करने में हमेशा सफल रहे हैं। हालाँकि, हाल ही में उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा है लेकिन कठिन परिस्थितियों में अच्छी बल्लेबाज़ी करने में सक्षम इस खिलाड़ी को टीम इंडिया बाहर बैठाने की भूल नहीं कर सकती। भारत का इंग्लैंड दौरा, 2014 मैच: 5, पारियां: 10, रन: 299, औसत: 33.22, सर्वोत्तम स्कोर: 103

ऋद्धिमान साहा

2016 में मेलबर्न में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉक्सिंग डे टेस्ट के बाद टेस्ट क्रिकेट से धोनी के संन्यास के बाद ऋद्धिमान साहा के लिए टीम इंडिया में शामिल होने का रास्ता साफ़ हो गया था। अतीत में उन्होंने टेस्ट प्रारूप में अच्छा प्रदर्शन किया है लेकिन वह अपनी चोट के कारण अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट मैच खेलने से चूक गए थे। लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली सीरीज़ के लिए उनकी टीम में वापसी हो सकती है।

हार्दिक पांड्या

कपिल देव के बाद भारत को एक ऐसे ऑलराउंडर की तलाश थी जो बल्लेबाज़ी के साथ तेज़ गेंदबाज़ी भी कर सके और हार्दिक पांड्या के हालिया प्रदर्शन को देखते हुए ऐसा कहा जा सकता है कि टीम इंडिया की तलाश खत्म हो गई है। उनकी आक्रमक बल्लेबाज़ी और सटीक गेंदबाज़ी भारत के लिए इंग्लैंड दौरे में बेहद अहम होगी। टेस्ट प्रारूप में भी उनके अंतिम एकादश में शामिल होने की पूरी संभावना है।

रविचंद्रन आश्विन

टेस्ट प्रारूप में इस समय आश्विन टीम मइंडिया के सबसे अनुभवी और सफल गेंदबाज़ हैं। उनका घरेलू और विदेशी पिचों पर शानदार प्रदर्शन रहा है। भारत के पिछले इंग्लैंड दौरे में हालाँकि उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा था लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली आगामी टेस्ट सीरीज़ में वह भारत के बेहद अहम गेंदबाज़ होंगे। इसके अलावा वह निचले क्रम में बल्ले से भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। भारत का इंग्लैंड दौरा, 2014 मैच: 2, पारियां: 4, रन: 106, औसत: 35.33, सर्वोत्तम स्कोर: 46, विकेट्स: 3, सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज़ी आंकड़ा: 3/72

भुवनेश्वर कुमार

भुवनेश्वर कुमार अकेले ऐसे गेंदबाज़ हैं जिन्होंने इंग्लैंड में अच्छा प्रदर्शन किया है। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ पिछली टेस्ट सीरीज़ में 26.63 की औसत पर 19 विकेट लिए थे और इसमें उनका सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज़ी आंकड़ा 6/82 रहा था। वर्तमान में वह भारत के सर्वश्रेष्ठ तेज गेंदबाज हैं। उन्होंने अपनी गति बढ़ाने और गेंदबाज़ी में विविधता लाने के लिए कड़ी मेहनत की है, ऐसे में निश्चित रूप से वह टेस्ट सीरीज़ में भारतीय टीम के लिए बेहद अहम गेंदबाज़ होंगे। भारत का इंग्लैंड दौरा, 2014 मैच: 5, पारियां: 10, रन: 247, औसत: 27.44, सर्वोत्तम स्कोर: 46, विकेट्स: 19, सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज़ी आंकड़ा: 6/82

जसप्रीत बुमराह

जसप्रीत बुमराह ने अपने अपरंपरागत गेंदबाज़ी एक्शन की वजह से काफी सुर्खियाँ बटोरी थीं। लेकिन अपने अनूठे गेंदबाज़ी एक्शन के बावजूद उन्होंने अपनी प्रतिभा से टीम इंडिया में जगह बनाई। बुमराह ने पिछले कुछ वर्षों से भारतीय टीम के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन किया और अंतिम ओवरों में उनकी कसी हुई गेंदबाज़ी की वजह से टीम इंडिया ने विरोधी टीम को अपेक्षित स्कोर तक पहुंचने से रोका है। फिलहाल वह इंग्लैंड दौरे में चोटिल होने की वजह से टी-20 सीरीज़ में हिस्सा नहीं ले पाए थे लेकिन टेस्ट सीरीज़ में वह वापसी कर सकते हैं।

उमेश यादव

एक तेज गेंदबाज के रूप में, उसके पास प्रतिभा हैं और वह नियमित रूप से 140 किमी/घंटा की तेज़ी से गेंदबाज़ी करते हैं। उनकी आक्रमक गेंदबाज़ी ने विरोधी बल्लेबाज़ों को काफी परेशान करती है। भारत के इंग्लैंड दौरे में उन्होंने टी-20 सीरीज़ में अच्छा प्रदर्शन किया है। इंग्लैंड दौरे के अलावा अगले साल होने होने वाले विश्व कप के लिए भी उमेश यादव के लिए दौरा बहुत महत्वपूर्ण होगा। लेखक: निखिल गुप्ता अनुवादक: आशीष कुमार

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