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2019 विश्व कपः किस भारतीय ओपनर में कितना दम?

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आईसीसी के इस आगामी और सबसे बड़े टूर्नामेंट को देखते हुए, आइए जानते हैं भारत के पास कौन-कौन से विकल्प हैं और कौन कितना बेहतर साबित हो सकता है। आगामी विश्व कप से पहले भारत को अभी लगभग 50 वनडे मैच खेलने हैं और ऐसे में हमारे पास सभी विकल्पों को परखने का पर्याप्त समय है। यह लगभग तय है कि रोहित शर्मा और शिखर धवन की जोड़ी ही पहली पसंद होगी। आईसीसी चैंपियन्स ट्रॉफी में दोनों का रिकॉर्ड कुछ हद तक दोनों के बीच प्रभावी साझेदारी की गवाही जरूर देता है। हालांकि, सलामी बल्लेबाजों के तौर पर भारत के पास इस जोड़ी के अलावा भी कई विकल्प हैं। केएल राहुल और ऋषभ पंत की जोड़ी भी अच्छा विकल्प साबित हो सकती है। तो आइए जानते हैं कि सलामी बल्लेबाजों के फेहरिस्त में भारत के पास कौन से विकल्प हैं: शिखर धवन - 8/10 वैसे तो 45 का करियर औसत और 90 का स्ट्राइक रेट किसी संतुलित वनडे टीम में बतौर ओपनर किसी बल्लेबाज को जगह दिलाने के लिए कुछ खास नहीं है, लेकिन शिखर धवन अपनी क्षमता और प्रदर्शन के दम पर राय बदल सकते हैं। 2017 चैंपियन्स ट्रॉफी में धवन के सर्वाधिक रन रहे। वह एक ही विश्व कप का हिस्सा रहे हैं और उसमें उनका औसत 50 रनों का है। धवन दबाव और जरूरत के मौकों पर अपने शानदार खेल से कई बार फैन्स का दिल जीत चुके हैं। बड़े मैचों में दबाव से जीतने वाले खिलाड़ियों में कोहली के बाद धवन का ही नाम आता है। 45 के औसत के साथ 3,500 रनों का करियर यह दर्शाता है कि बिना लगातार अच्छे प्रदर्शन के बिना ये आंकड़े संभव नहीं। 2013 से लेकर अभी तक हर साल उन्होंने 1 शतक जरूर लगाया है। इससे पता चलता है कि टीम को अच्छी शुरुआत देने के साथ वह लंबी पारियां खेलने में भी समर्थ हैं। शिखर धवन के अलावा शायद ही टीम इंडिया ने कभी किसी खिलाड़ी के करियर के शुरुआती दौर में उसे स्पेशलिस्ट ओपनर के तौर पर उतारा हो। रोहित शर्मा और अजिंक्य रहाणे ने भी मध्यक्रम से शुरुआत की थी। टीम के पास अभी कई युवा विकल्प हैं, जिनके साथ वह इस ट्रेंड को तोड़ सकती है।ऋषभ पंत – 6/10 rishabh-pant-m1 ऋषभ पंत ने टी-20 करियर की शुरुआत की और वहां पर उन्होंने मध्यक्रम में बल्लेबाजी की। पंत ने अभी तक एक दर्जन से भी कम लिस्ट-A मैच खेले हैं, लेकिन उन्होंने यह साबित कर दिखाया है कि उनके पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी चमकने की क्षमता है। दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ी क्विंटन डी कॉक को करियर के शुरुआती दौर में ही वनडे मैचों में ओपनिंग के मौके दिए गए और उन्होंने इसे पूरी तरह से भुनाया। पंत को भी ऐसा मौका मिलना चाहिए। भारत के टॉप ऑर्डर में आक्रामकता की कमी देखने को मिली है। रोहित और धवन पिच पर पर्याप्त समय लेकर एक मजबूत पारी की नींव तो जरूर रख देते हैं, लेकिन पावरप्ले ओवर्स का भरपूर इस्तेमाल नहीं होता। इस बात को ध्यान में रखते हुए 19 वर्षीय पंत अच्छा विकल्प साबित हो सकते हैं। गौरतलब है कि पंत बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं और रोहित दाएं हाथ के और इसलिए यह जोड़ी अच्छी साझेदारी निभा सकती है। अजिंक्य रहाणे – 8/10 CRICKET-ANT-WIS-IND-ODI पिछले 2 साल से रहाणे लगातार अच्छा दिखाते आए हैं। टेस्ट टीम में उनकी जगह पर कोई सवाल नहीं उठा सकता। टेस्ट टीम में मध्यक्रम बल्लेबाज के तौर पर भारत के पास उनसे बेहतर विकल्प नहीं है। हालांकि, सीमित ओवरों में चीजें इतनी स्थाई नहीं होतीं। रोहित और धवन को वनडे में ओपनिंग के लिए प्राथमिकता दी गई है और रहाणे को विकल्प के तौर पर रखा गया है। रहाणे को भले ही बैकअप ओपनर के तौर पर देखा गया हो, लेकिन आंकड़ों के मुताबिक, वह रोहित की जगह पर अच्छा विकल्प साबित हो सकते हैं। ओपनिंग स्पॉट पर रहाणे को जगह न मिलने के पीछे अक्सर यह वजह बताई जाती है कि वह तेजी से स्ट्राइक बदलने में सहज नहीं हैं और अन्य ओपनर्स जैसे रन बटोरने में भी तेज नहीं हैं। जबकि आंकड़े कुछ और ही कहते हैं। उनके मुताबिक, रहाणे ने 2015 बांग्लादेश सीरीज के बाद से अभी तक वनडे में धवन से अधिक रन बनाए हैं और उनका औसत भी धवन से ज्यादा का रहा है। हालांकि, स्ट्राइक रेट में वह धवन से थोड़ा पिछड़ते हैं। धीमा खेलने की अवधारणा ही रहाणे के रास्ते का रोड़ा बन रही है। साथ ही, बड़े हिट्स न लगा पाना भी, रहाणे को ओपनिंग स्पॉट से दूर रखने की वजह हो सकती है। केएल राहुल – 7/10 497961-kl-rahul-india2 राहुल के लिए सबसे बड़ी चुनौती है, उनकी फिटनेस। अगर वह इसे पार नहीं करते हैं तो वह धवन-रोहित की जोड़ी को तोड़ नहीं सकेंगे। केएल राहुल ने अपने पहले ही वनडे मैच में शतक जमाया। वह ऐसा करने वाले एकमात्र भारतीय हैं। इसके बाद वह अपनी फिटनेस से जूझते रहे और शायद इसी वजह से वह अभी तक 6 वनडे ही खेल सके हैं। हालांकि, उनका औसत 50 से अधिक का रहा है। 2017 में उन्होंने 3 वनडे खेले और सभी इंग्लैंड के खिलाफ। इनमें उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा। हालांकि, वह क्षमतावान हैं और उनके पास हर तरह के शॉट्स का मिश्रण है। आईपीएल में उनका प्रदर्शन साबित करता है कि वह तेजी से रन बटोरने में भी सक्षम हैं। अब बस उन्हें यह साबित करना है कि वह टीम के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं। रोहित शर्मा – 9/10 27023 वनडे टीम इंडिया में अगर निकट भविष्य में किसी खिलाड़ी का कोई उपयुक्त विकल्प नजर नहीं आता तो वह हैं रोहित शर्मा। कई खिलाड़ियों को जिम्मेदारी विशेष के लिए विकल्प के तौर पर देखा जा सकता है, लेकिन रोहित जब से ओपनिंग स्पॉट तक पहुंचे, उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। 2013 से टीम इंडिया के फुल टाइम ओपनर रोहित ने फैन्स को निराश नहीं किया है। 2013 से अभी तक हर साल रोहित ने अपना औसत कम से कम 50 का रखा है। इस दौरान एक साल को अगर छोड़ दें तो हर साल उनका स्ट्राइक रेट 85 का रहा है। रोहित धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ते हैं। 2019 विश्व कप को देखते हुए यह लगभग तय है कि रोहित ही चयनकर्ताओं की पहली पसंद होंगे। उनके सामने रोहित के लिए उपयुक्त साझेदार चुनने की चुनौती होगी।

Edited by Staff Editor
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