'धोनी की जगह विराट को तीनों फॉर्मेट में टीम का कप्तान बनाया जाए'

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक भारत के पूर्व ऑलराउंडर रवि शास्त्री ने कहा है कि विराट कोहली को एमएस धोनी की जगह नेशनल टीम का वनडे और टी20 कप्तान बना देना चाहिए। 2016 वर्ल्ड टी20 तक भारत के डायरेक्टर रहे शास्त्री ने अपनी राय देते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि धोनी को पीछे हट जाना चाहिए और कोहली को टीम की कमान संभालनी चाहिए। कोहली का इस साल शुरुआत से ही प्रदर्शन शानदार रहा है, खासकर टी20 में। इसी प्रदर्शन की बदौलत विराट की हाल ही में सचिन से भी तुलना हुई। शास्त्री को लगता है कि दिल्ली का यह क्रिकेटर छोटे फ़ॉर्मेट में भी टीम की कमान संभाल सकता हैं। कोहली ने टेस्ट टीम की कमान 2014 के अंत में ली थी, जब धोनी ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बीच सीरीज़ में टेस्ट क्रिकेट से सन्यास ले लिया था। शास्त्री के मुताबिक अभी धोनी के अंदर बहुत क्रिकेट बाकी है। शास्त्री ने इंडिया टुड़े से बातचीत के दौरान कहा, "धोनी ने जो भी क्रिकेट के लिए किया हैं, वो उनसे कोई नहीं छीन सकता। वो अभी भी एक खिलाड़ी के तौर पर टीम के खेल सकते हैं। मुझे लगता है की अब समय आ गया है कि धोनी को अब सिर्फ खेल को एंजॉय करना चाहिए। अंत में यह बात उस चीज़ पर निर्भर करती है कि धोनी में कितनी भूख बाकी हैं"। शास्त्री को लगता है कि जबसे विराट ने टीम को 2008 में अंडर19 विश्व कप जिताया है, तबसे उन्हें भारत का फ्यूचर कप्तान के रूप में देखा जा रहा हैं। विराट के पास अब इतना अनुभव और मैच्योरिटी आ गयी हैं कि वो तीनों फ़ॉर्मेट में कप्तानी कर सकते हैं। शास्त्री ने जोड़ते हुए कहा, "हमें आगे की तरफ देखना होगा, आने वाले तीन साल में कोई बड़ा टूर्नामेंट नहीं हैं। यही सही समय है आगे बढ़ने का और विराट इस ज़िम्मेदारी के लिए तैयार भी है"। शास्त्री चाहते हैं इंडिया, ऑस्ट्रेलिया का तरीका अपनाए शास्त्री का मानना है कि भारत का आने वाला क्रिकेट कैलंडर देखे तो, बदलाव का यह सही मौका है और वक्त आ गया है की कुछ बड़े फैसले लिए जाए। "भारत आने वाले 18 महीनों में बहुत कम वनडे खेलने वाली हैं। इसी बीच जो टेस्ट मैच और वनडे होने हैं उनमें काफी गैप हैं। तो हम अगर तीन साल आगे की सोचे तो बदलाव का यही सही मौका है। अगर मैं सिलेक्टर्स का चेयरमैन हूँ तो मैं उसी दिशा में सोचूंगा। विराट कप्तान बनने के लिए तैयार हैं, यह एक मुश्किल फैसला हैं, पर इस मौके को भुनाने के लिए हमें अभी से सोचना पड़ेगा"। गेम में बड़े फैसले हमेशा लिए जाते हैं और इसमें कोई गलत बात भी नहीं हैं। यह इंडियन क्रिकेट के हित में हैं। अगर आपको लगता हैं कि धोनी आपके सबसे अच्छे कप्तान हैं, तो उन्हें कप्तान बनाए रखे। पर दिक्कत इस बीच में ब्रेक्स की हैं और क्या वो इसके लिए तैयार हैं। मेरा जवाब हैं क्या आपको लगता है वो तैयार हैं"। शास्त्री नें भारतीय चयनकर्ताओ को ऑस्ट्रेलिया से सबक लेने को कहते हुए बोला कि कैसे वहा युवा खिलाड़ियो को मौका दिया जाता हैं टीम की कप्तानी करने का, जबकि उनके सीनियर खिलाड़ी टीम में खेलते रहते हैं। शास्त्री ने जोड़ते हुए कहा, "ऑस्ट्रेलिया में यह परंपरा हमेशा से रही है। मार्क टेलर के पास 2-3 साल की कप्तानी बची थी लेकिन उन्होंने स्टीव वॉ को टीम का कप्तान बना दिया। जब वॉ के 2 साल बचे थे उन्होंने रिकी पोंटिंग को कप्तान बना दिया। लोगो को लगा कि पोंटिंग कप्तान बने रहेंगे पर फिर माइकल क्लार्क कप्तान बना दिए गए। क्लार्क को भी हटकर स्टीव स्मिथ को कप्तान बना दिया गया।" लेखक- प्रांजल मैक, अनुवादक- मयंक महता

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