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सचिन तेंदुलकर के 51 टेस्ट शतकों के सफ़र में एक नज़र 41 से 45 तक के शतकों पर

ANALYST
Modified 21 Sep 2018, 20:27 IST
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सचिन तेंदुलकर का बल्ला एक बार बोलना शुरू करता है तो रुकने का नाम तक नहीं लेता। फॉर्म में आने के बाद सचिन तेंदुलकर के बल्ले से दनादन रन बरसने लगते हैं। एक बार जब सचिन तेंदुलकर रन बनाना शुरू करते तो विरोधी टीम की गेंदबाज भी फेल हो जाती थी। अपने टेस्ट करियर में सचिन तेंदुलकर 40 शतक लगाने के बाद भी नहीं रुके। सचिन तेंदुलकर हर दिन एक नई पारी खेलने और एक नया रिकॉर्ड कायम करने के लिए मैदान पर उतरते। अपने दनादन रन बनाने के कारण ही सचिन तेंदुलकर ने क्रिकेट इतिहास में नए कीर्तिमान कायम किए। इनमें सचिन तेंदुलकर के टेस्ट में लगाए गए 51 शतकों का कीर्तिमान भी स्थापित है। सचिन तेंदुलकर के नाम टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा 51 शतकों का रिकॉर्ड दर्ज है। इन शतकों के दौरान सचिन तेंदुलकर ने कई बार बार मैच जिताऊ पारियां भी खेली। कई दफा ऐसे भी मौके आए जब पूरे मैच में सिर्फ सचिन तेंदुलकर का ही बल्ला चला और बाकि बल्लेबाज नाकाम साबित हुए। सचिन तेंदुलकर से लोगों की उम्मीदें बढ़ चली थी। जब मैदान पर सचिन तेंदुलकर बल्लेबाजी करने आते तो दर्शकों उनसे सिर्फ शतक की ही उम्मीद रखते थे। सचिन तेंदुलकर की बल्लेबाजी में तकनीक और टाइमिंग काबिलेतारीफ थी। कोई भी दूसरा बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर की तरह धैर्यपूर्ण बल्लेबाजी नहीं कर पाता था। ये सचिन तेंदुलकर ही थे जिन्होंने अपनी जिंदगी के 24 साल भारतीय क्रिकेट को समर्पित कर दिए। अपने इतन लंबे करियर में सचिन तेंदुलकर ने क्रिकेट में कई योगदान दिए। सचिन तेंदुलकर के 51 टेस्ट शतकों के सफर में 40 शतकों की यादें ताजा की जा चुकी है। अब बारी है सचिन के अगले 5 टेस्ट शतकों की यादें ताजे करने की। आइए अब सचिन तेंदुलकर के 51 टेस्ट शतकों के इस सफ़र में 41वें शतक से 45वें शतक पर एक नजर डालते हैं:

# 41 शतक, 103* चेन्नई में इंग्लैंड के खिलाफ (2008)

41 टेस्ट मैचों में 40 शतक लगा देने के बाद सचिन तेंदुलकर आगे बढ़ चले थे और एक और शतक लगाने वाले थे। साल 2008 में भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ चेन्नई में टेस्ट मुकाबला खेला। भारत में इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई सीरीज का पहला टेस्ट मैच कई मायनों में अहम था। दरअसल भारत और इंग्लैंड के बीच नंवबर 2008 में पहले टेस्ट मैच खेला गया। ये टेस्ट मैच ऐसे समय हुआ जब भारत के मुंबई शहर में आतंकवादियों ने हमला कर दिया और 26/11 की घटना को अंजाम दी थी। मुंबई सचिन तेंदुलकर का होम टाउन है। ऐसे वक्त पर सचिन तेंदुलकर की खेली गई पारी काफी अहम रही। इंग्लैंड के खिलाफ इस पारी में सचिन तेंदुलकर ने शतकीय पारी खेली और अपने टेस्ट करियर का 41वां शतक ठोक दिया। सचिन तेंदुलकर की इस पारी के बदौलत टीम इंडिया ने क्रिकेट इतिहास में दूसरे सबसे ज्यादा रनों के लक्ष्य को हासिल कर जीत दर्ज करने में कामयाबी पाई। इस मैच में इंग्लैंड ने पहली पारी में भारत के सामने 316 रनों का स्कोर खड़ा किया। जिसके जवाब में भारतीय टीम सिर्फ 241 रन ही बना पाई। इसके बाद अपनी दूसरी पारी में बल्लेबाजी करने आई इंग्लैंड की टीम ने एकबार फिर से शानदार बल्लेबाजी करते हुए भारत के सामने जीत के लिए 387 रनों का लक्ष्य रख दिया। 387 रनों के लक्ष्य के जवाब में भारत की ओर से इंग्लैंड के खिलाफ वीरेंद्र सहवाग ने टीम को शानदार शुरुआत दिलाई। वीरेंद्र सहवाग ने मैदान पर आते ही दनादन रन बनाने शुरू कर दिए। इसके साथ ही वीरेंद्र सहवाग ने अर्धशतक लगाते हुए महज 68 गेंदों में ही 83 रनों की करारी पारी खेली। इस मैच में वीरेंद्र सहवाग एकदिवसीय मैचों की तरह रन बटोरे जा रहे थे। इसके बाद सचिन तेंदुलकर ने टेस्ट मैच के आखिरी दिन टीम की कमान संभाली। सचिन तेंदुलकर इस पारी में धैर्य धारण किए हुए थे और समय को ध्यान में रखते हुए भारत के लिए रन बटोरे जा रहे थे। सचिन तेंदुलकर भारतीय टीम को जीत दिलाने के इरादे से इस पारी में संयमित होकर स्कोर बोर्ड आगे बढ़ाए जा रहे थे। इस पारी में धीरे-धीरे खेलते हुए सचिन तेंदुलकर ने अपने टेस्ट करियर का 41वां शतक पूरा किया। उन्होंने 9 बाउंड्री की मदद से नाबाद 103 रनों की पारी खेली और टीम को आखिर में इंग्लैंड के खिलाफ जीत दिला के ही माने। इसके साथ ही सचिन तेंदुलकर की पारी की मदद से टीम इंडिया ने क्रिकेट इतिहास में दूसरे सबसे बड़े लक्ष्य को हासिल कर जीत दर्ज की। इस मैच में सचिन तेंदुलकर के साथ युवराज सिंह ने भी भूमिका निभाई। युवराज सिंह ने सचिन तेंदुलकर का साथ देते हुए इस पारी में नाबाद 85 रन बनाए।
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Published 26 Dec 2017, 16:30 IST
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