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सचिन तेंदुलकर के 51 टेस्ट शतकों के सफ़र में एक नज़र 46 से 50 तक के शतकों पर

ANALYST
Modified 21 Sep 2018, 20:27 IST
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अपने क्रिकेट करियर में 37 साल की उम्र में खिलाड़ी संन्यास के बारे में सोचने लग जाते हैं। लेकिन सचिन तेंदुलकर में अभी और भी खेल बाकी था। इस खेल के प्रति समर्पण के कारण सचिन तेंदुलकर ने 37 साल की उम्र में अपने टेस्ट करियर का 50वां शतक पूरा कर टेस्ट क्रिकेट में शतकों का अर्धशतक ठोक डाला। इतना ही नहीं साल 2010 में सचिन तेंदुलकर ने शानदार फॉर्म अपनाए रखी और 37 साल की उम्र में साल 2010 में टेस्ट मैचों में एक के बाद 7 शतक ठोक दिए। साल 2010 में लगाए गए इन 7 शतकों में से आखिरी 5 शतक बनाते हुए सचिन तेंदुलकर ने साल 2010 में ही टेस्ट में अपने शतकों का अर्धशतक पूरा कर लिया था। सचिन तेंदुलकर के 51 टेस्ट शतकों के सफर में उनके शुरुआती 45 शतक के बारे में पहले बात की जा चुकी है। आइए अब सचिन तेंदुलकर के टेस्ट करियर में 46वें शतक से 50वें शतक तक पहुंचने की याद ताजा की जाए:


#46वां शतक-100 नागपुर में दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ (2010)

46 साल 2010 में भारतीय क्रिकेट टीम ने दक्षिण अफ्रीका के साथ भारत में ही सीरीज खेली। साल 2010 में खेली गई इस सीरीज का पहला टेस्ट मुकाबला यादगार मैचों में से एक है। नागपुर में दक्षिण अफ्रीका के साथ खेली गई सीरीज के पहले टेस्ट मैच में भारतीय टीम को चार दिन में ही दक्षिण अफ्रीका ने धूल चटा दी थी। भारत को इस मैच में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। इस मैच की पहली पारी में बल्लेबाजी करते हुए दक्षिण अफ्रीका ने भारतीय टीम के सामने 558 रनों का स्कोर खड़ा दिया। जिसके जवाब में भारतीय टीम दक्षिण अफ्रीका के गेंदबाजों का सामना नहीं कर पाई। कोई भी भारतीय बल्लेबाज दक्षिण अफ्रीका के गेंदबाजी आक्रमण का जवाब नहीं दे पाया, जिसके कारण भारत की पूरी टीम 233 रनों पर ही सिमट गई। इतने कम स्कोर के कारण भारतीय टीम को फॉलोऑन का भी सामना करना पड़ा। फॉलोऑन के कारण फिर से बल्लेबाजी करने आई भारतीय टीम का हाल पहले जैसा ही था। भारतीय टीम की बल्लेबाजी दक्षिण अफ्रीका के गेंदबाजी के आगे नाकाम साबित हो रही थी। लेकिन इस बार सचिन तेंदुलकर का बल्ला चला,  भारतीय टीम के 24 रनों के स्कोर पर ही दो विकेट पैवेलियन लौट चुके थे। इसके बाद सचिन तेंदुलकर मैदान पर बल्लेबाजी करने के लिए आए। दक्षिण अफ्रीका की गेंदबाजी के आगे सचिन तेंदुलकर ने डटकर बल्लेबाजी की। सचिन तेंदुलकर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैदान पर एक छोर संभाले हुए थे और रन बटोरे जा रहे थे। हालांकि सचिन तेंदुलकर को दूसरे छोर से किसी का साथ नहीं मिला और दूसरे छोर से विकटों का गिरने का सिलसिला लगातार जारी था। अपनी धैर्य से भरी पारी में सचिन तेंदुलकर ने टीम का स्कोर बोर्ड आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। सचिन तेंदुलकर ने संभलकर खेलते हुए इस पारी में अपने टेस्ट करियर का 46वां शतक पूरा कर लिया। अपनी इस पारी में सचिन तेंदुलकर ने 100 रनों का योगदान दिया। सचिन तेंदुलकर ने 13 चौके भी लगाए, लेकिन सचिन तेंदुलकर भारत की हार नहीं बचा पाए। टीम इंडिया को इस मैच में पारी से दक्षिण अफ्रीका से हार का सामना करना पड़ा।
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Published 28 Dec 2017, 18:30 IST
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