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सचिन तेंदुलकर के 51 शतकों के सफ़र में नंबर 6 से 10 ख़ास आपके लिए

FEATURE

सचिन तेंदुलकर के रूप में न सिर्फ़ भारत को बल्कि पूरी दुनिया को एक महान क्रिकेटर मिला। मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने टेस्ट क्रिकेट में कई रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं। जिनमें से कईयों के आस पास भी आज तक कोई नहीं पहुंच पाया है। टेस्ट क्रिकेट में सचिन तेंदुलकर के नाम सबसे ज्यादा 15921 रन दर्ज हैं। इसके साथ ही टेस्ट क्रिकेट में सचिन तेंदुलकर ने टीम इंडिया के लिए अहम पारियां भी खेली हैं, जिनको आज भी याद किया जाता है। सचिन तेंदुलकर के नाम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शतकों का शतक लगाने का रिकॉर्ड है। सचिन तेंदुलकर ने वनडे क्रिकेट में जहां 49 शतक लगाने का कीर्तिमान स्थापित किया है तो वहीं उन्होंने सबसे ज्यादा 51 शतक टेस्ट मैचों में लगाए हैं। इसके साथ ही तेंदुलकर ने जब भी टेस्ट में शतकीय पारी खेली है तब भारत को विपरित हालातों में भी मैच को बचाने में कामयाबी हासिल हुई है। सचिन तेंदुलकर के शुरुआती 5 शतकों के बारे में पहले ही चर्चा की जा चुकी है। इनमें सचिन तेंदुलकर ने पहला शतक 119* बनाम इंग्लैंड, ओल्ड ट्रैफर्ड, 1990- दूसरा शतक 148* बनाम ऑस्ट्रेलिया, सिडनी, 1992- तीसरा शतक 114 बनाम ऑस्ट्रेलिया, पर्थ, 1992- चौथा शतक 111 बनाम दक्षिण अफ़्रीका, जोहान्सबर्ग, 1992- और पांचवां शतक 165 बनाम इंग्लैंड, चेन्नई, 1993 में लगाया था। एक नज़र सचिन के अगले 5 यानी शतक नंबर 6 से 10 पर डाल लेते हैं:

#6 104*, कोलंबो में श्रीलंका के ख़िलाफ़, 1993

भारतीय टीम के श्रीलंका दौरे पर पहला टेस्ट मैच बारिश की भेंट चढ़ गया और अंत में मैच को ड्रॉ पर समाप्त करना पड़ा। इसके बाद दूसरा टेस्ट मैच कोलंबो में खेला गया, जहां भारतीय टीम के कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन ने टॉस जीता और पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम की ओर से पहली पारी में विनोद कांबली ने 125 रन और नवजोत सिंह सिद्धु ने 82 रनों की पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों ने टीम का स्कोर बोर्ड आगे बढ़ाने में अहम योगदान दिया, जिसके बदौलत टीम इंडिया ने श्रीलंका के आगे 366 रन बना डाले। इसके जवाब में बल्लेबाजी करने मैदान पर आई श्रीलंका की टीम कुछ खास खेल नहीं दिखा पाई और सिर्फ 254 रन ही बना पाई। श्रीलंका की ओर से कप्तान अर्जुन रणतुंगा ने 88 रनों का योगदान दिया। भारतीय गेंदबाजी में अनिल कुंबले ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 87 रन देकर पांच विकेट अपने नाम किए। भारतीय टीम की दूसरी पारी में मनोज प्रभाकर और सिद्धू ने पारी को एक मजबूत शुरुआत देते हुए स्कोर बोर्ड पर 171 रनों का आंकड़ा खड़ा कर दिया था। सलामी बल्लेबाजों ने टीम को शानदार शुरुआत दी लेकिन प्रभाकर शतक से चूक गए और 95 रन पर आउट होकर पैवेलियन लौट गए। जिसके साथ ही टीम इंडिया की ये साझेदारी टूट गई। इसके बाद नंबर 3 पर बल्लेबाजी करने आए विनोद कांबली भी कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर पाए और जल्दी आउट हो गए और फिर मैदान पर सचिन तेंदुलकर बल्लेबाजी करने आए। सिद्धू की तुलना में सचिन तेंदुलकर ज्यादा सधी हुई बल्लेबाजी कर रहे थे। उन्होंने सिद्धू के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 87 रनों की साझेदारी को अंजाम दिया। इसके साथ ही तीसरे विकेट के रूप में 104 रन बनाकर सिद्धू पैवेलियन लौट गए। वहीं एक छोर से तेंदुलकर रन बनाए जा रहे थे और श्रीलंका के गेंदबाजों की जमकर खबर ले रहे थे। 19 साल के सचिन तेंदुलकर ने कप्तान अज़हरुद्दीन के साथ भी 50 से ज्यादा रनों की साझेदारी कर डाली। टिककर खेलते हुए सचिन तेंदुलकर ने अपने टेस्ट करियर का छठा शतक भी लगा डाला। सचिन के शतक के साथ ही भारत ने 359/4 पर पारी भी घोषित कर दी। सचिन तेंदुलकर 161 गेंदों पर 104 रन बनाकर नाबाद रहे। इसके साथ ही श्रीलंका को जीत के लिए 472 रनों का लक्ष्य मिला। जिसे श्रीलंकाई टीम चेज नहीं कर पाई और भारत को मैच में 235 रनों से जीत नसीब हुई।

#7 142, लखनऊ में श्रीलंका के ख़िलाफ़, 1994

142 LKO

1993 में भारत का श्रीलंका दौरा सफल रहा। इसके बाद साल 1994 की शुरुआत में तीन टेस्ट मैचों की सीरीज खेलने के लिए श्रीलंका भारत दौरे पर आई। 3 टेस्ट मैचों का पहला टेस्ट मैच लखनऊ के केडी सिंह बाबू स्टेडियम में खेला गया। इस मैदान पर खेला जाने वाला ये आखिरी अंतर्राष्ट्रीय मैच था। इस मैच में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। पहले मैदान पर बल्लेबाजी करते हुए मनोज प्रभाकर और विनोद कांबली ने टीम को अच्छी शुरुआत दी। दोनों बल्लबाजों के आउट हो जाने के बाद सचिन तेंदुलकर और नवजोत सिंह सिद्धू ने टीम का बल्लेबाजी आक्रमण संभाला। दोनों बल्लेबाजों ने अपने तरीके से श्रीलंका के गेंदबाजों का सामना किया। श्रीलंकाई गेंदबाज भारतीय बल्लेबाजों के आगे बेदम नजर आ रहे थे, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता था कि सिद्धू जहां छक्के के लिए बल्ला घूमा रहे थे तो वहीं तेंदुलकर बाउंड्री से स्कोर बोर्ड आगे बढ़ा रहे थे। शानदार टाइमिंग और फुटवर्क के साथ सचिन तेंदुलकर अपने खेल को आगे बढ़ा रहे थे। सचिन तेंदुलकर ने नवजोत सिंह सिद्धू के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 121 रनों की साझेदारी निभाई। इसके बाद 124 रन बनाकर नवजोत सिंह सिद्धू आउट हो गए। हालांकि सिद्धू के आउट होने के बाद तेंदुलकर रुके नहीं और रन बनाते गए। तेंदुलकर ने श्रीलंका के मुरलीधरन, अनुरासिरी और विक्रमासिंघे के खिलाफ शानदार शॉट लगाए। इसके साथ ही उन्होंने अपना शतक भी पूरा कर लिया। सचिन तेंदुलकर ने अपने शतकीय पारी में 224 गेंदों का सामना किया और 142 रन बनाए। इसमें उन्होंने शानदार 22 चौके भी जड़े। इसके साथ ही भारतीय टीम ने 511 रनों पर अपनी पहली पारी समाप्त कर दी। सचिन तेंदुलकर की बल्लेबाजी की बदौलत टीम इंडिया एक मजबूत स्थिति में आ गई थी। वहीं गेंदबाजी में अनिल कुंबले ने शानदार गेंदबाजी की और श्रीलंका के बल्लेबाज़ी लाइनअप की कमर ही तोड़कर रख दी। अनिल कुंबले के आगे कोई भी श्रीलंकाई बल्लेबाज नहीं टिक पाया और टीम इंडिया श्रीलंका के खिलाफ एक पारी से जीत दर्ज करने में कामयाब रही।

# 8 179 नागपुर में वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़, 1994

179 NAG

भारतीय टीम वेस्ट इंडीज के खिलाफ 5 मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला जीतने के बाद आत्मविश्वास से भरपूर थी। वनडे के बाद वेस्टइंडीज के खिलाफ भारतीय टीम को टेस्ट सीरीज भी खेलनी थी। टेस्ट सीरीज के पहले मैच में भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए अच्छी शुरुआत की और मुंबई में पहला टेस्ट अपने नाम करने में कामयाब रही। इसके बाद वेस्टइंडीज के खिलाफ भारतीय टीम ने नागपुर में दूसरा टेस्ट मुकाबला खेला। दूसरे टेस्ट मैच में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। हालांकि भारतीय टीम की इस मैच में शुरुआत अच्छी नहीं रही और 48 रनों के स्कोर पर ही टीम इंडिया को मनोज प्रभाकर और विनोद कांबली के रूप में जल्दी दो बड़े झटके लग गए। इसके बाद क्रीज पर नवजोत सिंह सिद्धू के साथ सचिन तेंदुलकर ने टीम की कमान संभाली। दोनों खिलाड़ी शानदार शॉट खेलकर स्कोर बोर्ड को आगे बढ़ाए जा रहे थे। दोनों ही बल्लेबाजों ने वेस्टइंडीज के गेंदबाजों को चैन की सांस नहीं लेने दी। शानदार बल्लेबाजी करते हुए सिद्धू ने अपना शतक पूरा किया। हालांकि शतक पूरा करते हुए सिद्धू ज्यादा देर तक क्रीज पर नहीं टिक पाए और आउट हो गए लेकिन सचिन अभी भी क्रीज पर डटे हुए थे और रनों की बौछार किए जा रहे थे। नवजोत सिंह सिद्धू के आउट होने के बाद सचिन तेंदुलकर को दूसरे छोर से मोहम्मद अजहरुद्दीन का भी काफी बेहतर साथ मिला। इसके साथ ही रन बटोरते हुए सचिन तेंदुलकर ने अपने टेस्ट करियर में आठवां शतक और वेस्टइंडीज के खिलाफ पहला शतक लगाने में सफलता हासिल की। अपने शानदार खेल की बदौलत सचिन तेंदुलकर 150 रनों के स्कोर को पार कर चुके थे और 200 रनों की तरफ बढ़ रहे थे लेकिन तभी 179 रन बनाते ही तेंदुलकर अपना विकेट गंवा बैठे। कर्टनी वॉल्श ने तेंदुलकर को आउट कर दिया, तेंदुलकर ने अपनी इस 179 रनों की पारी में 24 चौके और 1 छक्का लगाया। तेंदुलकर का 8वां टेस्ट शतक उस समय उनका उच्चतम स्कोर था। इसके साथ ही टीम इंडिया ने 546/9 में अपनी पहली पारी घोषित कर दी। दूसरी पारी में भी तेंदुलकर ने शानदार बल्लेबाजी की और अर्धशतक बनाया। हालांकि, यह मैच ड्रॉ हो गया था।

# 9 122 एजबेस्टन में इंग्लैंड के ख़िलाफ़, 1996

122 EDG

1996 में 3 टेस्ट मैचों के लिए भारत ने इंग्लैंड का दौरा किया था। दोनों टीमों के बीच पहला टेस्ट एजबेस्टन के मैदान पर खेला गया। जहां भारत ने टॉस जीता और कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करने आई भारतीय टीम में से जवागस श्रीनाथ के अर्धशतक और पारस महांब्रे के 28 रनों की बदौलत टीम इंडिया पहली पारी में 214 रन ही बना पाई। इसके जवाब में बल्लेबाजी करने आई इंग्लैंड टीम की ओर से नासिर हुसैन ने शतकीय पारी खेली। जिसके कारण इंग्लैंड की टीम पहली पारी में 313 रन बनाने में कामयाब रही। हालांकि दूसरी पारी में भारत बुरी तरह से संघर्ष करता हुआ नजर आया। भारतीय टीम 68 रनों पर 5 विकेट गवां चुकी थी। हालांकि, इस पारी में सचिन तेंदुलकर एक छोर से टीम के लिए डटकर खेल रहे थे और मैच में टीम की उम्मीद को बरकरार रखे हुए थे लेकिन दूसरे छोर से उनको किसी भी तरह का कोई साथ नहीं मिल रहा था। सचिन तेंदुलकर इंग्लैंड के गेंदबाजों के खिलाफ शानदार ढंग से बल्लेबाजी कर रहे थे। अपनी सधी हुई बल्लेबाजी के कारण तेंदुलकर ने अपना 9वां टेस्ट शतक और इंग्लैंड के खिलाफ तीसरा शतक पूरा किया। आखिरकार उन्हें क्रिस लुइस ने चलता किया। इस मैच में सचिन तेंदुलकर ने 177 गेंदों में 122 रन बनाए। इसमें 19 चौके और 1 छक्का शामिल था। इसके साथ ही टीम इंडिया की पारी 219 रनों पर खत्म हो गई और मेजबान टीम को 121 रनों का जीत के लिए लक्ष्य मिला, जो इंग्लैंड ने सिर्फ 2 विकेट गवां कर आसानी ने पूरा कर लिया। सचिन का ये शतक बेकार रहा और टीम को किसी प्रकार का फायदा नहीं हुआ। इस सूची में तेंदुलकर का ये एकमात्र शतक है जब भारत की हार हुई हो।

#10 177, ट्रेंट ब्रिज पर इंग्लैंड के ख़िलाफ़, 1996

177 TRENT

भारतीय टीम इंग्लैंड के खिलाफ एजबेस्टन में पहला टेस्ट हार चुकी थी। इसके बाद भारतीय टीम ने इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स के मैदान पर दूसरा टेस्ट मैच खेला। लॉर्ड्स के मैदान पर खेले गए इस मैच में सौरव गांगुली ने पदार्पण किया था और अपने पदार्पण मैच में सौरव गांगुली ने शतक लगा दिया था। इसके बाद भारतीय टीम ने इंग्लैंड के खिलाफ तीसरा टेस्ट ट्रेंट ब्रिज में खेला। जहां भारत ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। इस मैच में 33 रनों पर ही टीम इंडिया विक्रम राठौर और नयन मोंगिया जैसे दो विकेट खो चुकी थी। इस हालात में सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली क्रीज पर थे। तेंदुलकर इस मैच में शानदार प्रदर्शन कर रहे थे, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता था कि सचिन एक के बाद एक बाउंड्री लगाए जा रहे थे। डॉमिनीक कॉर्क, मार्क इल्हम, अलन मुलाली और क्रिस लुईस सचिन तेंदुलकर को रोक पाने में नाकाम साबित हुए, जिसके चलते सचिन ने अपने टेस्ट करियर का 10वां शतक भी बना डाला। सचिन का 10वां शतक इंग्लैंड के खिलाफ चौथा शतक था। एक छोर से जहां सचिन तेंदुलकर रनों की बौछार कर रहे थे तो दूसरे छोर से सौरव गांगुली भी सचिन का साथ शानदार तरीके से निभा रहे थे। सौरव भी अपनी लॉर्ड्स में दूसरे टेस्ट की फॉर्म को तीसरे टेस्ट में भी अपनाए हुए थे। दोनों खिलाड़ियों ने मिलकर भारतीय टीम के लिए तीसरे विकेट के लिए 255 रनों की मजबूत साझेदारी की। तीसरे विकेट के रूप में सौरव गांगुली चलते बने। गांगुली ने 136 रन बनाए और एलन मुलाली का शिकार बन बैठे। हालांकि सचिन तेंदुलकर का बल्ला अब भी रन बरसा रहा था और इंग्लैंड के गेंदबाजों की जमकर ख़बर ले रहा था। सधी हुई और शानदार बल्लेबाजी के दम पर सचिन अपना स्कोर 150 रनों के पार ले गए। सौरव के बाद सचिन ने संजय मांजरेकर के साथ भी अच्छी साझेदारी की और चौथे विकेट के लिए 89 रन जोड़े। सचिन अपने उच्चतम स्कोर (179) को पार करने ही वाले थे कि अपना विकेट गवां बैठे। सचिन तेंदुलकर जब 177 रन पर पहुंचे ही थे तो चौथे विकेट के रूप में मार्क इल्हम ने सचिन को आउट कर दिया। इसके साथ ही सचिन अपने ही 179 रनों के उच्चतम स्कोर को तोड़ने से चूक गए भारत ने अंत में 521 रन पर अपनी पारी समाप्त कर दी। वहीं इंग्लैंड के माइक आथर्टन और नासिर हुसैन के शतक के कारण इंग्लैंड 564 रन बनाने में कामयाब रहा। जिसके बाद टीम इंडिया ने अपनी दूसरी पारी में 211 रन बनाए। दूसरी पारी में सचिन तेंदुलकर ने 97 गेंदों में 74 रन बनाए, ये मैच ड्रॉ पर खत्म हुआ और इंग्लैंड ने तीन टेस्ट मैचों की सीरीज को 1-0 से अपने नाम कर लिया।

Edited by Staff Editor
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