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वन-डे क्रिकेट का पहला दोहरा शतक बनाने के बाद क्यों नहीं सो पाए थे सचिन तेंदुलकर

  • ठीक सात वर्ष पहले सचिन तेंदुलकर ने वन-डे अंतर्राष्ट्रीय इतिहास का पहला दोहरा शतक जड़ा था
ANALYST
Modified 21 Sep 2018, 21:18 IST

24 फरवरी 2010। भारतीय क्रिकेट फैंस के जेहन में यह तारीख आज भी विशेष है क्योंकि इसी दिन सात वर्ष पहले सचिन तेंदुलकर विश्व के पहले बल्लेबाज बने थे, जिन्होंने वन-डे क्रिकेट में दोहरा शतक जमाया हो। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ ग्वालियर के कैप्टन रूप सिंह स्टेडियम में लिटिल मास्टर ने नाबाद 200 रन की पारी खेली थी, जिसकी मदद से भारत ने 50 ओवर में 3 विकेट खोकर 401 रन बनाए थे। भारत ने यह मुकाबला 153 रन के विशाल अंतर से जीता था और तेंदुलकर को मैन ऑफ़ द मैच के ख़िताब से नवाजा गया था। मगर क्या आपको पता है कि सचिन तेंदुलकर दोहरा शतक जड़ने के बाद पूरी रात सो नहीं सके थे? बल्लेबाजी के कई कीर्तिमान स्थापित करने वाले तेंदुलकर ने अपनी आत्मकथा प्लेइंग इट माय वे में लिखा, 'होटल के अंदर मैं काफी थकान महसूस कर रहा था क्योंकि बहुत उत्साहित था, इसलिए सो नहीं पाया। बिस्तर पर जागते हुए मैंने अपना फ़ोन देखा तो पाया कि बधाई संदेशों की भरमार लगी हुई है। मैंने करीब दो घंटे लोगों को जवाब दिए और इसे पूरा करने में दो दिन का समय लगा।' उन्होंने आगे लिखा, 'अगली सुबह मैं जल्दी उठ गया, लेकिन इसका ज्यादा असर नहीं पड़ा क्योंकि मुझे ब्रेक की बहुत जरुरत थी और मैं घर जा रहा था। मेरे लिए यह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में बेहतरीन सत्र भी रहा था।' महान बल्लेबाज ने साथ ही खुलासा किया कि वह होटल के बड़े कमरे में अच्छा महसूस नहीं कर रहे थे और इसकी वजह से उन्हें बाथरूम की लाइट ऑन करके सोना पड़ा था। तेंदुलकर ने लिखा, 'मुझे स्वीकार करना होगा कि ग्वालियर में नहीं सोने की एक और वजह थी। होटल अधिकारियों ने मुझे और धोनी को आलीशान कमरे उपलब्ध कराए थे और यह कमरे टीम के अन्य साथियों से थोड़ी दूरी पर थे। मेरा कमरा काफी बड़ा था, जिसमें निजी स्विमिंग पूल भी था।' 'बाथरूम भी विशाल था और प्रमुख लीविंग रूम से अलग था। कमरे के बाहर बड़े पेड़ थे और रात में खुशबू आ रही थी व सिल्क के पर्दे हिल रहे थे। मुझे तब अच्छा महसूस नहीं रहा था और नींद भी नहीं आ रही थी। पहले ही कमरा काफी बड़ा था और उस पर से घना अंधेरा पसरा हुआ था। मुझे कुछ ठीक नहीं लग रहा था और इसी के चलते मुझे पूरी रात बाथरूम की लाइट ऑन रखना पड़ी।!' भारत ने तीन मैचों की इस वन-डे सीरीज को 2-1 से जीता। तेंदुलकर द्वारा 2010 में यह उपलब्धि हासिल करने के बाद चार और बल्लेबाजों ने दोहरे शतक जमाए। रोहित शर्मा, मार्टिन गप्टिल, वीरेंदर सहवाग और क्रिस गेल ने वन-डे में दोहरे शतक जमाए। हालांकि रोहित शर्मा एकमात्र बल्लेबाज हैं, जिन्होंने दो बार यह उपलब्धि हासिल की।

Published 24 Feb 2017, 17:37 IST
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