टेस्ट का दर्जा पाने के क़रीब पहुंच रहा है स्कॉटलैंड

एडिनबर्ग में खेले गए एकमात्र एकदिवसीय मैच में स्कॉटलैंड ने इंग्लैंड को 6 रन से हराकर सभी को चौंका दिया। इस उलटफेर ने अंतरराष्ट्रीय जगत में एक और पहल शुरू कर दी है। हाल ही में आयरलैंड और अफगानिस्तान को टेस्ट खेलने की अनुमति दी गई है। अब स्टकॉटलैंड की टीम भी इसी राह पर तेजी से बढ़ रही है। एक दिवसीय मैचों में लगातार शानदार प्रदर्शन की बदौलत उसने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। विश्व की सर्वोच्च संस्था द्वारा आईसीसी रैंकिंग में शामिल करने के फैसले के बाद स्कॉटलैंड की दावेदारी और मजबूत हुई है।

एसोसिएट सदस्य के तौर पर बेहतरीन प्रदर्शन

स्कॉटलैंड को अभी टेस्ट का दर्जा प्राप्त नहीं है। एसोसिएट टीमों की बात करें, तो 350 से अधिक का स्कोर करने वाली वह पहली टीम बन गई है। स्कॉटलैंड ने इंग्लैंड के खिलाफ बेहतरीन प्रदर्शन से एसोसिएट टीम केन्या का रिकॉर्ड तोड़ा, जिसने 1997 में बांग्लादेश के खिलाफ एक दिवसीय मैच में 347/3 का स्कोर खड़ा किया था। मैकलॉयड ने नाबाद 140 रन बनाए, जिससे स्कॉटलैंड ने इस स्तर पर बनाए गए अपने पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा। चार साल पहले क्राइस्टचर्च में कनाडा के खिलाफ उसने नौ विकेट खोकर 341 रन का स्कोर किया था। हालांकि कनाडा को भी उसकी तरह टेस्ट का दर्जा प्राप्त नहीं है।

आईसीसी वर्ल्‍डकप क्वालिफायर 2018 में शीर्ष तीन में रहकर पाया एकदिवसीय का दर्जा

स्‍कॉटलैंड, नेपाल और यूएई ने आईसीसी वर्ल्‍डकप क्वालिफायर 2018 में एसोसिएट देशों में शीर्ष तीन में रहने के कारण एकदिवसीय दर्जा हासिल किया। स्‍कॉटलैंड को उस समय 28 अंकों के साथ 13वीं रैंकिंग मिली थी। इंग्लैंड पर जीत से उसने पांच अंक हासिल किए और उसके अब 33 अंक हो गए हैं। हालांकि वह अभी भी 13वें पायदान पर ही है। वह 12वें स्थान पर काबिज आयरलैंड से बस पांच अंक पीछे है। यूएई के 18 अंक हैं और वह 14वें स्थान पर हैं जबकि नीदरलैंड के 13 रेटिंग अंक हैं। नीदरलैंड और नेपाल को इस तालिका में जगह बनाने के लिए अभी चार मैच और खेलने की जरूरत है।

स्कॉटलैंड के खिलाड़ियों ने दिखाया है उम्दा खेल

जब किसी देश को टेस्ट दर्जा दिलाने की बात होती है तो सबसे पहले यह देखा जाता है कि क्या वह देश बल्लेबाजों व गेंदबाजों की बदौलत पांच दिन पिच पर बने रहने के लायक है। स्कॉटलैंड ने भले ही अभी अंतरराष्ट्रीय जगत में इसे चरितार्थ न किया हो लेकिन उनकी बल्लेबाजी उम्दा है। उन्होंने इंग्लैंड जैसे टेस्ट खेलने वाले देश को पटखनी देकर इसे साबित भी कर दिया। 29 साल के मैकलॉयड ने महज 70 गेंद में शतक बनाया। उनका इस स्तर पर यह सातवां सैकड़ा है, लेकिन सक्रिय टेस्ट देश के खिलाफ पहला है। यह इंग्लैंड के खिलाफ किसी भी स्कॉटलैंड खिलाड़ी का पहला शतक है। मैकलॉयड ने कुल 94 गेंद का सामना किया, जिसमें 16 चौके और तीन छक्के शामिल हैं। उनके इस खेल से क्रिकेट जगत को यह मानना पड़ेगा कि उनमें भी टेस्ट खेलने का माद्दा है। इतना ही नहीं उनके दो अन्य बल्लेबाजों ने भी अर्धशतकीय पारी खेली। गेंदबाजों ने भी इंग्लैंड को रोकने में कोई कसर नहीं छोड़ी।

विश्व कप क्वालिफायर में वेस्टइंडीज को दी थी कड़ी टक्कर

स्कॉटलैंड भले ही इस बार विश्व कप के लिए जगह बनाने में कामयाब नहीं हो पाया हो लेकिन क्वालिफ़ायर में उसने वेस्टइंडीज को खूब छकाया था। वह तो इंद्र देवता और डीआरएस का न होना मेहरबानी रही कि वह डकवर्थ लुइस प्रणाली से पांच रन से यह मैच जीतने में कामयाब रहा। हालांकि इससे उबरते हुए उसने अपने खेल को दिन प्रति दिन बेहतर ही किया है।

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