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सौरव गांगुली के बारे में 10 बातें जो कम लोग ही जानते हैं

15   //    23 Aug 2018, 11:22 IST

भारतीय क्रिकेट टीम में सौरव गांगुली जैसा शानदार कप्तान भी देखने को मिला है। सौरव गांगुली ने अपनी कप्तानी में टीम इंडिया को संयोजित टीम की तरह मैदान पर खड़ा किया। भारतीय क्रिकेट टीम में कई क्रांतिकारी बदलाव सौरव गांगुल के जरिए ही लाए गए हैं। आइए जानते हैं सौरव गांगुली के बारे में ऐसे तथ्य जो बेहद ही कम लोग जानते हैं:

तथ्य 1:

सौरव के माता-पिता ने उन्हें 'महाराज' निकनेम दिया। जिसका अर्थ है 'राजकुमार'। शायद वे इस तथ्य को जानते थे कि उनका बेटा नेतृत्व करने के लिए पैदा हुआ था। बाद में, 'द प्रिंस ऑफ कलकत्ता' का निकनेम सौरव को जेफरी बॉयकॉट के जरिए मिला।

तथ्य 2:

गांगुली जन्म से ही दाहिने हाथ का इस्तेमाल करते थे। वह लिखते, खाते और दाहिने हाथ से ही गेंदबाजी करते थे।  इसके अलावा वो अपने शुरुआती दिनों में दाएं हाथ के बल्लेबाज भी थे। हालांकि, उनके भाई स्नेहाशीश बाएं हाथ के थे और सौरव अपने बड़े भाई की किट का इस्तेमाल करना चाहते थे। हालांकि ऐसा उन्होंने क्यों किया यह कोई नहीं जानता लेकिन सौरव बाद में बाएं हाथ के भारतीय टेस्ट बल्लेबाजों के बीच सबसे अग्रणी रन-स्कोरर रहे। वहीं सौरव ने अपने बड़े भाई स्नेहाशीश को बंगाल रणजी ट्रॉफी टीम में रिप्लेस भी किया।

तथ्य 3:

सौरव गांगुली के पिता चंडीदास गांगुली का एशिया में तीसरा सबसे बड़ा प्रिंटिंग व्यवसाय था। गांगुली कोलकाता में सबसे अमीर परिवारों में से एक हैं। दक्षिणी कलकत्ता बेहाला में सौरव के संयुक्त परिवार के घर में 45 से अधिक कमरे हैं और वहां लगभग 30 लोग रहते हैं। सौरव एक धार्मिक व्यक्ति भी हैं और हर मंगलवार को व्रत रखते हैं।

तथ्य 4:

सौरव बचपन में एक बड़े फुटबॉल प्रशंसक थे और अभी भी हैं। वास्तव में फुटबॉल उनका पहला प्यार था! लेकिन स्नेहाशीश के आग्रह के कारण सौरव ने अपनी कक्षा 10 की छुट्टियों के दौरान क्रिकेट अकादमी में दाखिला लिया था और ऐसे ही भारत के महानतम क्रिकेटरों में से एक सौरव ने अपनी क्रिकेट यात्रा शुरू की।

तथ्य 5:

साल 1992 में सौरव ने वेस्टइंडीज के खिलाफ ब्रिस्बेन में पदार्पण किया। लेकिन उनके ‘एटीट्यूड’ में दिक्कत है और उन्होंने सीनियर के लिए ड्रिंक्स ले जाने के लिए मना कर दिया, ऐसी अफवाहों के कारण उन्हें ड्रॉप भी कर दिया गया।

तथ्य 6:

लॉर्ड्स में डेब्यू करते हुए सौरव गांगुली ने शतक लगाया और इस मैदान पर डेब्यू मैच में सर्वाधिक 131 रन बनाने का रिकॉर्ड भी स्थापित किया।

तथ्य 7:

मोहम्मद अजहरुद्दीन गांगुली के पहले अंतरराष्ट्रीय कप्तान थे लेकिन यह कम लोग ही जानते होंगे कि अजहरुद्दीन के आखिरी अंतरराष्ट्रीय कप्तान भी सौरव गांगुली थे।

तथ्य 8:

इंग्लैंड के सफल दौरे के एक सप्ताह बाद सौरव अपने बचपन की प्रेमिका डोना रॉय के साथ भाग गए। दुल्हे और दुल्हन के परिवार में उस समय तक दुश्मनी थी लेकिन दोनों परिवारों ने समझौता किया और फरवरी 1997 में सौरव ने औपचारिक शादी रचाई।

तथ्य 9:

सचिन के कदमों पर चलते हुए सौरव ने ‘महाराजा सौरव- द फूड पवेलियन’ नाम का एक रेस्टोरेंट कलकत्ता के पॉश इलाके पार्क स्ट्रीट में खोला। साल 2004 में सचिन ने इसका उद्घाटन किया था।

तथ्य 10:

पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में राजारहाट में 1.5 किलोमीटर की सड़क का नाम सौरव के नाम पर रखा गया है। राजारहाट गोपालपुर नगर पालिका द्वारा आयोजित एक समारोह में उन्होंने स्वयं सड़क के नए नाम, सौरव गांगुली एवेन्यू लिखी एक पट्टिका का अनावरण किया था।

 

लेखक: प्रीतम चटर्जी

अनुवादक: हिमांशु कोठारी

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