गेल और नारेन CPL नहीं खेल रहे होते तो भारत-वेस्टइंडीज़ सीरीज़ ज़ोरदार होती: सौरव गांगुली

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और बंगाल क्रिकेट संघ के अध्यक्ष सौरव गांगुली ने वेस्टइंडीज़ क्रिकेट बोर्ड की जमकर आलोचना की है। गांगुली का कहना है कि वेस्टइंडीज़ क्रिकेट बोर्ड CPL को टेस्ट सीरीज़ से ज़्यादा तवज्जो दे रहे हैं, जो सही नहीं है। दादा का कहना है कि जब भारत ने मेज़बान टीम को पहले टेस्ट में करारी शिकस्त दी थी, तब उन्हें CPL में खेल रहे दिग्गज खिलाड़ियों को राष्ट्रीय टीम के लिए बुलाना चाहिए था। वेस्टइंडीज़ के क़रीब क़रीब सारे बड़े खिलाड़ी इस वक़्त CPL में ही व्यस्त हैं। क्रिस गेल, ड्वेन ब्रावो, काइरोन पोलार्ड, आंद्रे रसेल और सुनील नारेन जैसे खिलाड़ी राष्ट्रीय टीम में न होकर क्लब क्रिकेट में खेल रहे हैं। वेस्टइंडीज़ क्रिकेट बोर्ड की इसी सोच से दादा बेहद ख़फ़ा हैं, और उनका मानना है कि इन खिलाड़ियों के बग़ैर मौजूदा सीरीज़ में कोई लड़ाई ही नहीं। ''मुझे लगता है इसके लिए ICC को गंभीरता दिखानी चाहिए, लेकिन आईसीसी के हाथ से भी इस तरह की लीग बाहर हैं। हम जब IPL कराते हैं तो इसका ध्यान रखते है कि भारतीय क्रिकेट टीम तब और किसी अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में व्यस्त न हो। मेरे हिसाब से वेस्टइंडीज़ क्रिकेट बोर्ड को CPL की तारीख़ों को टेस्ट सीरीज़ के हिसाब से आगे या पीछे रखना चाहिए था।" :सौरव गांगुली साथ ही साथ दादा ने खिलाड़ियों को भी आड़े हाथो लिया, और कहा कि उन्हें भी इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि देश पहले है या फिर क्लब क्रिकेट।

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