जब मैं कुछ भी नहीं था, तब गांगुली ने मुझे तैयार किया, हरभजन सिंह का बयान

हरभजन सिंह विकेट लेने के बाद सेलिब्रेट करते हुए
हरभजन सिंह विकेट लेने के बाद सेलिब्रेट करते हुए

हरभजन सिंह (Harbhajan Singh) ने क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास ले लिया है और इस दौरान उन्होंने अपने पूर्व कप्तान सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) को लेकर बड़ी प्रतिक्रिया दी है। हरभजन सिंह ने सौरव गांगुली की काफी तारीफ की है और कहा है कि जब वो कुछ भी नहीं थे तब गांगुली ने उन्हें हैंडल किया था।

लम्बे समय तक भारतीय टीम की तरफ से खेलने के बाद आख़िरकार अब हरभजन सिंह ने क्रिकेट को अलविदा कह दिया है। हरभजन सिंह ने अपने ट्विटर अकाउंट पर एक पोस्ट करते हुए इस बारे में जानकारी दी है।

सौरव गांगुली ने मुझे एक बेहतर खिलाड़ी बनाया - हरभजन सिंह

पीटीआई के साथ इंटरव्यू में हरभजन सिंह ने सौरव गांगुली और एम एस धोनी की कप्तानी में खेलने को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दोनों कप्तानों के बीच तुलना को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए कहा,

इसका जवाब सीधा सा है कि सौरव गांगुली ने मुझे उस समय काफी अच्छी तरह से हैंडल किया था जब मैं कुछ भी नहीं था। हालांकि जब धोनी कप्तान बने तो तब तक मेरी एक अलग पहचान बन चुकी थी। इसलिए आप उस बड़े अंतर को समझ सकते हैं।

हरभजन सिंह के संन्यास पर सौरव गांगुली ने भी बड़ी प्रतिक्रिया दी है और 2001 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उनकी घातक गेंदबाजी को याद किया है। बीसीसीआई द्वारा जारी एक बयान में सौरव गांगुली ने कहा,

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2001 में उनकी पहली पूर्ण रूप से टेस्ट सीरीज काफी शानदार थी। मैंने पहली बार किसी गेंदबाज को अकेले दम पर पूरी सीरीज जिताते हुए देखा था। वो कप्तान के लिए एक बहुत ही जबरदस्त गेंदबाज थे। वो एक जबरदस्त मैच विनर थे और उन्होंने जो कुछ भी हासिल किया उस पर उन्हें गर्व होना चाहिए।

आपको बता दें कि हरभजन सिंह ने 2001 की टेस्ट सीरीज में तीन मैचों में कुल 32 विकेट चटकाए थे और इस दौरान हैट्रिक भी लिया था।

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Edited by सावन गुप्ता