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SLvIND: श्रीलंका में भारत की पिछली एकदिवसीय सीरीज से गायब 5 खिलाड़ी

Rahul Pandey
ANALYST
Modified 21 Aug 2017, 16:27 IST
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भारत के श्रीलंका दौरे की एकदिवसीय श्रृंखला की शुरूआत हो चुकी है। दोनों देशों ने अपनी टीमों की घोषणा की है और मेजबान से टेस्ट श्रृंखला में उनके प्रदर्शन के मुकाबले ज्यादा बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद की जा रही है।  यह 2012 के बाद श्रीलंका में भारत की पहली एकदिवसीय श्रृंखला है, जब उन्होंने मेजबान टीम को 4-1 से हरा दिया था। उस टीम के केवल चार खिलाड़ी अब भी शामिल हैं-  एमएस धोनी, मौजूदा कप्तान विराट कोहली, रोहित शर्मा और अजिंक्य रहाणे।

आईये 2012 के सीरीज़ में खेले पांच खिलाड़ियों पर नजर डालें, जो आज से शुरू एकदिवसीय श्रृंखला में शामिल नहीं होंगे।

मनोज तिवारी

बंगाल के मूल निवासी तिवारी ने वेस्ट इंडीज के खिलाफ अपना पहला एकदिवसीय शतक बनाया, लेकिन टीम में होने के बावजूद उस पारी के बाद एक भी वनडे नहीं खेलने को मिला। उन्हें श्रीलंका दौरे के लिए पांच वनडे की टीम में शामिल किया गया था। पहले तीन वनडे के लिए बेंच पर समय बीत जाने के बाद, तिवारी का कोलंबो में चौथे वनडे के लिए अंतिम ग्यारह में चयन किया गया था, जिसमें राहुल शर्मा की जगह खेले थे। श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया और उपुल थरंगा की 51 रन की पारी के बूते 251 रन बनाये। इसके बाद थिरिमने और तिलकरत्ने दिलशान ने भी 47 और 42 रन बनाए थे। तिवारी जिन्हें एक गेंदबाज़ की जगह चुना गया था ने 10 ओवर में 61 रन देकर 4 विकेट लिए।

जवाब में, भारत ने गौतम गंभीर को पहले ही खो दिया लेकिन वीरेंद्र सहवाग और विराट कोहली लगातार रन बना रहे थे और दूसरे विकेट के लिए 52 रन जोड़ने के बाद, सहवाग एंजेलो मैथ्यूज की गेंद पर 34 रन बनाकर शॉर्ट कवर में मौजूद वैकल्पिक फील्डर सचित्रा सेनानायके द्वारा लिये गये शानदार डाइविंग कैच के चलते आउट हो गए थे । इसके बाद रोहित शर्मा  4 रन पर आउट हो गये और भारत अब 60/3 पर मुश्किल में था। इस मौके पर, मनोज तिवारी ने कोहली के साथ क्रीज संभाली और 38 गेंदों में 21 रन बनाकर अजंता मेंडिस की गेंद पर आउट हुए। भारत यह मैच 6 विकेट से जीतने में सफल रहा। विराट कोहली के शानदार 128 और सुरेश रैना ने 58 रन की पारी खेली और पांचवें विकेट के लिए 146 रन जोड़े। तिवारी ने 68 गेंदों में 65 रन बनाते हुए अगले मैच में एक और प्रशंसनीय प्रदर्शन किया क्योंकि भारत ने 294/7 रन बनाए, गेंद से वो महंगे रहे जहाँ अकेले ओवर में 14 रन खर्च कर दिए ,  हालांकि भारत 20 रन से मैच जीता और इस तरह श्रृंखला भी जीत ली।

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हावड़ा के जन्मे इस खिलाड़ी ने अगले दो टी -20 में श्रीलंका और न्यूजीलैंड के खिलाफ न तो बल्लेबाजी की और न ही गेंदबाजी की। उन्हें 2012 के टी -20 विश्व कप में जगह मिली थी, लेकिन भारत के पांच मैचों में से किसी में भी अंतिम ग्यारह के हिस्सा नहीं थे। हालांकि, उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत के सुपर 8 मैच में एक कैच लपका था। इसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ खेलने के लिए एकदिवसीय टीम में चुना गया था लेकिन चोट के कारण उन्हें बाहर निकाला गया। इसके बाद तिवारी दो साल तक टीम से बाहर रहे, जब तक कि तीन वनडे में बांग्लादेश दौरे के लिए चुनी गयी दूसरी दर्जे की टीम में उन्हें शामिल नहीं किया गया। हालांकि उन्होंने खेले गए एकमात्र मैच में केवल दो रन बनाए और बाद में टीम से बाहर कर दिया गया,  इसके बाद जिम्बाब्वे खेलने के लिए चुनी गयी टीम में चुना गया।

एक बार फिर, उनके प्रदर्शन में कमी थी, क्योंकि उन्होंने 11.33 के औसत से तीन वनडे में केवल 34 रन बनाए। तब से तिवारी भारतीय टीम से बाहर हो गए हैं और भारत के पास पर्याप्त प्रतिस्थापन के साथ एक बहुत ही ठोस मध्यक्रम रहा है, यह बहुत कम ही संभावना है कि बंगाल के कप्तान की अंतर्रराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी होगी।

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Published 21 Aug 2017, 16:27 IST
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