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कप्तानों से बनी मजबूत एकादश पर एक नजर

ऋषि
ANALYST
48   //    12 Aug 2018, 10:31 IST
वनडे क्रिकेट का पहला मैच 1971 में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच खेला गया था। उस समय से लेकर आज तक वनडे के खेल में काफी बदलाव आए हैं। इस दौरान खिलाड़ियों के खेलने के तरीके में काफी बदलाव आया और कई बड़े रिकॉर्ड बने और टूटे हैं। वनडे एकादश में सभी टीमें चाहती हैं की उनके पास आक्रमक बल्लेबाजी करने के साथ ही मजबूती से टिकने वाला बल्लेबाज भी हो।

इसके साथ ही गेंदबाजी में भी स्पिन और पेस का अच्छा संयोजन हो। टीम विकेटकीपर भी ऐसा चाहती है जो बल्ले से रन बना सके। आज भी क्रिकेट में कप्तान टीम में काफी अहम रोल अदा करता है। गेंदबाजी परिवर्तन से लेकर बल्लेबाजी क्रम में बदलाव तक सारी जिम्मेदारी कप्तान की ही होती है। क्या आपने कभी सोचा है अगर एक टीम में सभी कप्तान हो तो कैसा होगा।

आज हम आपको ऐसे ही वनडे एकादश के बारे में बताने जा रहे हैं जिसमें सिर्फ कप्तान ही शामिल हैं।

सनथ जयसूर्या (श्रीलंका)



बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज के रूप में अपना करियर शुरू करने वाले जयसूर्या करियर खत्म होने के समय वनडे क्रिकेट के सबसे महान बल्लेबाजों में गिने जाने लगे थे। इसके साथ ही वह श्रीलंका के सबसे बेहतरीन कप्तानों में से एक थे।

अपने 22 साल के एरियर में उन्होंने 445 वनडे मैच खेले जिसमें 32.36 की औसत और 91.2 की स्ट्राइक रेट से उन्होंने 13430 रन बनाये। इसके साथ ही गेंद ने भी उन्होंने अपनी छाप छोड़ी। गेंदबाजी में 36 की औसत से उन्होंने 323 बल्लेबाजों का शिकार बनाया। वह ऐसे गेंदबाज थे जो हर मैच में 10 ओवर फेंक सकता था।

कप्तान के तौर पर जयसूर्या ने 118 वनडे मैच खेले जिसमें उनकी टीम को 66 मैचों में जीत मिली। हर टीम चाहती है कि उनका सलामी बल्लेबाज जयसूर्या जैसा हो।
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