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2008 अंडर-19 विश्वकप के खिलाड़ी जो वर्तमान में अपनी टीम के प्रमुख सदस्य हैं

ऋषि
ANALYST
Modified 18 Nov 2017, 10:23 IST
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अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में आने से पहले युवा खिलाड़ियों को अंडर-19 और 'ए' टीमों में खेलने का मौका दिया जाता है ताकि वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने से पहले उसी प्रकार के दबाव महसूस कर सकें और बड़े स्तर पर खेलने का अनुभव भी प्राप्त कर लें। मोहम्मद कैफ़ की अगुआई वाली भारत की अंडर-19 टीम 2000 का विश्वकप जीतने में सफल रही और उस टीम के कई खिलाड़ी भारतीय अंतरराष्ट्रीय टीम में जगह बनाने में सफल हुए थे और सीनियर स्तर पर भी शानदार प्रदर्शन कर आने वाले खिलाड़ियों के लिए उदाहरण बने थे। उसके 8 साल बाद दिल्ली के आक्रमक युवा बल्लेबाज विराट कोहली की अगुआई में भारतीय टीम ने फाइनल मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका को मामूली अंतर से हराकर विश्वकप अपने नाम किया। विराट कोहली अभी भारतीय टीम के कप्तान हैं और उनके अलावा ऑलराउंडर रविन्द्र जडेजा और बल्लेबाज मनीष पाण्डेय का करियर भी सही दिशा में जा रहा है।   kohli   इनके अलावा सौरभ तिवारी और अभिनव मुकुंद को अंतरराष्ट्रीय मैच में मौका तो मिला लेकिन वो ज्यादा समय तक अपनी जगह नहीं बचा पायें। वहीं तरुवर कोहली, फाइनल के हीरो अजितेश अरगल, आइन्स्टाइन नेपोलियन और तन्मय श्रीवास्तव अच्छी शुरुआत के बाद प्रथम श्रेणी क्रिकेट से आगे नहीं बढ़ पाये। यहाँ अन्य टीमों के खिलाड़ियों के बारे में आपको बताते है जिन्होंने 2008 अंडर-19 विश्वकप से निकलकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी पहचान बनाई है।   न्यूज़ीलैंड new   कोहली की तरह ही केन विलियमसन आज विश्व के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में गिने जाते हैं और न्यूजीलैंड टीम के कप्तान भी हैं। विलियमसन आजकल की बल्लेबाजों की तरह ऊँचे और बड़े शॉट नहीं खेलते हैं बल्कि 70 की दशक के बल्लेबाजों की तरह मैदानी शॉट खेलने में भरोसा रखते हैं। उन्होंने मेहनत से अपने आप को आजकल के परिदृश्य में ढाला है और आज न्यूज़ीलैंड की बल्लेबाजी की रीढ़ बने हुए हैं। 2008 का अंडर-19 विश्वकप उनके लिए कुछ खास नहीं रहा था। वहां उन्होंने 5 मैचों में 49 की स्ट्राइक रेट से सिर्फ 124 रन बनाए थे। वर्तमान समय में न्यूजीलैंड के 2 प्रमुख तेज गेंदबाज टिम साउथी और ट्रेंट बोल्ट उस समय से ही साथ गेंदबाजी कर रहे हैं। जहां विलियमसन ने 2010 में अपना अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया वहीं साउथी को विश्वकप से एक सप्ताह पहले ही टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम में मौका मिल गया था। साउथी ने उस अंडर-19 विश्वकप में मैन ऑफ द सीरीज का पुरस्कार भी हासिल किया था। इनके अलावा ऑलराउंडर कोरी एंडरसन और हमीश रदारफोर्ट भी उस टीम का हिस्सा थे जिन्हें न्यूज़ीलैंड की अंतरराष्ट्रीय टीम में खेलने का मौका मिला।
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Published 18 Nov 2017, 10:23 IST
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