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तिलकरत्ने दिलशान: 5 कारण जो श्रीलंकाई क्रिकेट को उनके बगैर कमजोर करेंगी

Modified 27 Aug 2016, 15:23 IST
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तिलकरत्ने दिलशान ने कुछ दिन पहले संन्यास लेकर श्रीलंकाई क्रिकेट को अभूतपूर्व क्षति पहुंचाई है। करियर के शुरुआती दिनों में फॉर्म की उठापटक ने दिलशान को मध्यक्रम के बल्लेबाज़ से श्रीलंका का विस्फोटक सलामी बल्लेबाज़ बना दिया। चयनकर्ताओं के 2019 वर्ल्डकप को देखते हुए नई टीम तैयार करने के रोडमैप और बढ़ती उम्र को देखते हुए दिलशान ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया। दिलशान ने वनडे और टी-20 दोनों फॉर्मेट को अलविदा कह दिया है। इससे पहले साल 2013 में उन्होंने टेस्ट को भी बाय बोल दिया था। दिलशान की बल्लेबाज़ी दर्शकों को आकर्षित करती थी। वह बिग हिटर बल्लेबाज़ थे, जो दर्शकों का मनोरंजन करते थे। दिलशान का करियर 17 साल का रहा ऐसे में उनके जाने से श्रीलंकाई क्रिकेट को बड़ा नुकसान हुआ है, जिनमें से 5 के बारे में हम आपको बता रहे हैं:  #1 श्रीलंका के स्वर्णिम युग के अंतिम सदस्य td1-1472205423-800 श्रीलंका में बीते वर्षों में कई नामचीन क्रिकेटर हुए हैं, जिनमें अर्जुन रणतुंगा, अरविन्द डीसिल्वा और सनथ जयसूर्या के साथ-साथ चमिंडा वास और मुथैया मुरलीधरन जैसे दिग्गज शामिल हैं। इसके अलावा महेला जयवर्धने, कुमार संगकारा और तिलकरत्ने दिलशान की त्रिमूर्ति ने लम्बे समय तक श्रीलंकाई क्रिकेट की सेवा की। महेला जयवर्धने ने साल 2015 के वर्ल्डकप के खत्म होते ही संन्यास की घोषणा कर दी। उसके बाद उनके दोस्त कुमार संगकारा ने कुछ महीने के बाद क्रिकेट को अलविदा कह दिया। और अब दिलशान के जाने श्रीलंकाई बल्लेबाज़ी बिलकुल ही नए अंदाज में दिखेगी। दिलशान बड़े मैच के बल्लेबाज़ थे। वह कभी भी बड़े मैच के दबाव से डरते नहीं थे। ऐसे में उनके जाने से श्रीलंकाई क्रिकेट की बड़ी क्षति हुई है।
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Published 27 Aug 2016, 15:23 IST
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