Create
Notifications
New User posted their first comment
Advertisement

मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए टॉप-10 मुक़ाबले

Modified 28 Sep 2016, 16:22 IST
Advertisement
2011 का विश्वकप फाइनल हो , सचिन तेंदुलकर का फाइनल आंतरराष्ट्रीय टेस्ट मैच हो या फिर 2016 टी20 वर्ल्ड कप का दिलतोड़ देने वाला फाइनल मुकाबला, 1975 में पहले मैच की मेज़बानी से लेकर आज तक मुंबई के एतिहासिक वानखेड़े स्टेडियम ने क्रिकेट फैंस को अनेक यादगार लम्हें दिए हैं। ये वही वानखेडे स्टेडियम है जहां रवि शास्त्री ने रणजी ट्रॉफी में एक ओवर में छह छक्के लगाने का कारनामा किया था। बीते सालों में, खासतौर पर वनडे और टी 20 मुकाबलों के लिए वानखेडे स्टेडियम की ऐसी छवी बनी है जहां बल्लेबाज़ों के लिए तेज़ी से रन बनाना आसान है। वानेखेडे स्टेडियम आईपीएल की मुंबई इंडियंस टीम का घरेलू मैदान है । शुरुआत में यहां 45000 दर्शकों के बैठने के क्षमता थी, लेकिन 2011 वनडे वर्ल्ड कप के लिए हुए स्टेडियम के नवीनीकरण के बाद ये क्षमता घटकर 33000 की रह गई। समुद्र के पास स्थित मुंबई के वानखेडे स्टेडियम ने अपने 41 साल के इतिहास में कई हाई वॉल्टेज मुकाबलों की मेजबानी की है और हर भारतीय क्रिकेट प्रशंसक के दिल में वानखेडे की एक अलग पहचान है बावजूद इसके की वानखेडे स्टेडियम का निर्माण बॉम्बे जिमखाना और ब्रेबोर्न स्टेडियम के बाद में हुआ। बीते सालों में वानखेडे में हुए 10 बेहद खास मुकाबलों पर एक नजर डालते हैं । #10 वर्ष 2000 - भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका, टेस्ट मैच India v West Indies: 3rd Test Day 3   बेहद कम टीमें ऐसी रही हैं जो भारत दौरे पर टेस्ट सीरीज़ में भारतीय टीम पर पूरी तरह से हावी रही हों, साल 2000 की प्रोटियाज़ टीम उनमें से एक है। 2 मैच की टेस्ट सीरीज़ साउथ अफ्रीका ने अपने नाम की खासतौर पर दूसरा टेस्ट एकतरफा रहा। लेकिन मुंबई में हुआ पहला टेस्ट बेहद रोमांचक फिल्म की तरह रहा, जो लो स्कोरिंग था और दोनों में से कोई भी टीम पूरे मैच में एक बार भी 250 का आंकड़ा भी नहीं छू सकी। शुरुआत में गेंदबाज़ों का स्वर्ग लगने वाली पिच पर कप्तान सचिन तेंदुलकर की शानदार बल्लेबाज़ी और गेंदबाज़ी की बदौलत भारतीय टीम ने दक्षिण अफ्रीका पर पकड़ बनाई और पहली पारी में 49 रन की बढ़त ले ली। जहां बाकी बल्लेबाज़ फेल हो रहे थे वहां पहले तो सचिन ने 97 रन की बेशकीमती पारी खेलते हुए टीम को 225 के सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया फिर गेंद से भी कमाल दिखाते हुए तीन विकेट झटके जिसमें दोनों सलामी बल्लेबाज़ों के विकेट शामिल थे, जिन्होंने पहले विकेट के लिए 90 रन की साझदारी की थी। एक समय बिना किसी विकेट के 90 रन से अफ़्रीकी टीम 176 पर ऑलआउट हो गई । लेकिन दूसरी पारी में शॉन पोलाक और हैंसी क्रोन्ये ने भारतीय टीम को झंकझोरते हुए घरेलू दर्शकों को अचेत कर दिया और सचिन की अगुआई वाली टीम महज़ 113 रन पर ही ऑलआउट हो गई। 164 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए, अनिल कुंबले के शानदार पलटवार से पहले एक समय साउथ अफ्रीकी टीम आसानी से जीत की ओर बढ़ रही थी । कुंबले ने 4 विकेट लिए , लेकिन अंत में भारत कुछ रन पीछे रह गया और साउथ अफ्रीका ने 4 विकेट से ज़ोरदार जीत हासिल की ।
1 / 10 NEXT
Published 28 Sep 2016, 16:22 IST
Advertisement
Fetching more content...
App download animated image Get the free App now
❤️ Favorites Edit