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आधुनिक क्रिकेट के 4 बेहतरीन रिवर्स स्विंग गेंदबाज

मिचेल स्टार्क
मिचेल स्टार्क
SENIOR ANALYST
Modified 11 Dec 2020, 11:50 IST
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तेज गेंदबाज का सबसे बड़ा हथियार रिवर्स स्विंग माना जाता है, जो बल्लेबाजों के लिए घातक साबित होता है। ज्यादातर टीमें ऐसे तेज गेंदबाजों को तरजीह देती हैं जो विरोधी टीम के टॉप क्रम के बल्लेबाजों को जल्द आउट कर सकें। नई गेंद से तेज गेंदबाजों को परंपरागत स्विंग मिलती है, जिससे उन्हें बल्लेबाजों को आउट करने में मदद मिलती है। लेकिन असली चुनौती तब होती है जब गेंद पुरानी हो जाती है।

परंपरागत स्विंग को अच्छे बल्लेबाज आसानी से खेल लेते हैं, लेकिन रिवर्स स्विंग को खेलना बड़े से बड़े बल्लेबाज के लिए भी आसान नहीं होता है। परंपरागत स्विंग में गेंद शाइन के दूसरी दिशा में स्विंग करती है, लेकिन रिवर्स स्विंग तब होती है जब गेंद पुरानी और रफ हो जाती है। तब गेंद की चमक वाली दिशा में गेंद घूमती है। रिवर्स स्विंग में गेंद बल्लेबाज की दिशा में तो बहुत ज्यादा घूमती ही है, बल्कि लेट मूवमेंट के कारण भी बल्लेबाजों को रिवर्स स्विंग से परेशानी होती है।

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रिवर्स स्विंग के लिए सबसे जरुरी होता है कि गेंद पुरानी और रफ हो। इसलिए ज्यादातर ये टेस्ट मैचों में या फिर वनडे मैचों के आखिर के ओवरों में होता है। रिवर्स स्विंग करने के लिए जो प्रतिभा चाहिए वो दुनिया के कुछ ही तेज गेंदबाजों के पास है। वसीम अकरम, जहीर खान, ग्लेन मैक्ग्रा और शेन बॉन्ड जैसे कुछ ही तेज गेंदबाज थे जिन्हें रिवर्स स्विंग में महारत हासिल थी।

यहां पर हमने उन 4 तेंज गेंदबाजों की लिस्ट निकाली है जो आधुनिक क्रिकेट में रिवर्स स्विंग के बेहतरीन गेंदबाज हैं।

आधुनिक क्रिकेट के 4 बेहतरीन रिवर्स स्विंग गेंदबाज

4.वहाब रियाज (पाकिस्तान)  

वहाब रियाज
वहाब रियाज

वहाब रियाज के पास तेजी भी है और रिवर्स स्विंग भी वो काफी अच्छा करते हैं। यही वजह है कि पिछले कुछ सालों से वो पाकिस्तान की तेज गेंदबाजी के मुख्य हथियार हैं। 140 किलोमीटर प्रति घंटे के ऊपर से भी गेंद फेंकने वाले पाकिस्तान के इस स्पीडस्टार ने फरवरी 2008 में जिम्बॉब्वे के खिलाफ अपना वनडे डेब्यू किया था। बांग्लादेश के खिलाफ उन्होंने अपना टी-20 डेब्यू किया था। इसके कुछ साल बाद रियाज को पाकिस्तान की तरफ से पहला टेस्ट मैच खेलने का मौका मिला।

2010 में इंग्लैंड के खिलाफ अपने पहले टेस्ट मैच में ही वहाब रियाज ने अपनी गेंदबाजी से सबको प्रभावित किया। उन्होंने मैच में 5 विकेट लेकर बता दिया कि वे कोई मामुली गेंदबाज नहीं हैं। हालांकि चोट के कारण वो उस साल क्रिकेट से दूर हो गए। 2011 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल मैच में भारत के खिलाफ 5 विकेट लेकर उन्होंने जोरदार वापसी की। इसके बाद 2015 वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच में खासकर शेन वॉटसन को की गई गेंदबाजी ने उन्हें एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया।

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Published 11 Dec 2020, 11:50 IST
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