भारतीय उपमहाद्वीप में विदेशी बल्लेबाजों का उतना बोलबाला नहीं रहा है लेकिन 1955-56 के भारतीय दौरे में न्यूजीलैंड के बर्ट सटक्लिफ ने इस बात को गलत ठहरा दिया था। दिल्ली में खेले गए तीसरे टेस्ट में उन्होंने एक बेहतरीन दोहरा शतक लगाकर भारतीय गेंदबाजों की हालत खराब कर दी थी। उन्होंने स्पिन गेंदबाजी को काफी सहजता से खेला और दुनिया के सामने एक मिसाल कायम की थी। इस टेस्ट में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए न्यूजीलैंड ने 450/2 का बढ़िया स्कोर खड़ा किया। सुभाष गुप्ते और बापू नादकर्णी जैसे गेंदबाजों के सामने सटक्लिफ ने 230 रनों की शानदार पारी खेली और तीसरे विकेट के लिए जॉन रीड के साथ 222 रन जोड़े। भारत ने हालाँकि इसका जवाब विजय मांजरेकर के 177 रनों की बदौलत 531/7 का स्कोर बनाकर दिया। दूसरी पारी में न्यूजीलैंड ने 112/1 का स्कोर बनाया और मैच ड्रॉ रहा। बर्ट सटक्लिफ ने पांच मैचों की 9 पारियों में दो शतक की मदद से सबसे ज्यादा 611 रन बनाये, हालाँकि भारत ने पांच मैचों की ये टेस्ट सीरीज 2-0 से जीती थी।