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2017 के अब तक के सर्वश्रेष्ठ पांच मैच जिताऊ गेंदबाजी स्पेल

Daya Sagar
ANALYST
Modified 19 Oct 2017, 09:34 IST
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सीमित ओवरों का क्रिकेट लगातार बल्लेबाजों के मुफीद होता जा रहा है। लेकिन फिर भी 2017 में कई ऐसे मौके ऐसे आएं, जब गेंद बल्ले पर हावी रहा हो। जैसे-जैसे खेल विकसित होता है, नियमों में परिवर्तन होता है वैसे-वैसे खिलाड़ी भी उन नियमों के अनुसार अपने खेलने के तरीके, अपनी रणनीति में परिवर्तन लाते हैं। गेंदबाजों ने भी बदलते हुए नियमों के साथ अपनी गेंदबाजी स्टाइल और रणनीति में परिवर्तन किया है। हाल के समय में कई बार गेंदबाजों ने अपने स्लोवर वन और यार्कर से बल्लेबाजों का चौकाया है। वे मुश्किल परिस्थितियों में भी रन रोकने और विकेट निकालने का काम बखूबी कर रहे हैं।

उदाहरण के लिए, भारत के युजवेन्द्र चहल ने हाल ही में संपन्न हुई एकदिवसीय श्रृंखला में बार-बार ग्लेन मैक्सवेल को चकमा दिया। इसी तरह चैंपियंस ट्रॉफी में भी पाकिस्तान के खिताबी जीत में सबसे ज्यादा योगदान उनके तेज गेंदबाजों हसन अली और मोहम्मद आमिर का रहा। इन दोनों ने अच्छे पुराने दिनों की तरह अपने शानदार तेज गेंदबाजी से बल्लेबाजों को खूब परेशान किया। यह कहने में कोई अतिशयोक्ति नहीं कि गेंदबाजों ने ही पाकिस्तान को अपना पहला चैंपियंस ट्रॉफी खिताब जिताया।

तो आज चर्चा 2017 के अब तक के शीर्ष पांच मैच जिताऊ गेंदबाजी प्रदर्शन की-

जसप्रीत बुमराह, 10-2-27-5 बनाम श्रीलंका

2012 में 19 वर्ष की उम्र में असामान्य गेंदबाजी एक्शन वाले गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने मुंबई इंडियंस की तरफ से आईपीएल में अपना डेब्यू किया और अपने पहले ही मैच में आरसीबी के खिलाफ 3/32 का प्रभावी प्रदर्शन किया। इसके तीन साल बाद इस गेंदबाज ने 2016 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपनी एकदिवसीय कैरियर की शुरुआत की और वह अब भारत के डेथ ओवर स्पेशलिस्ट गेंदबाज बन गए हैं। इसके अलावा वह नई गेंद से भी लाजवाब गेंदबाजी करते हैं।

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हाल ही में संपन्न हुई श्रीलंका के खिलाफ एकदिवसीय श्रृंखला में बुमराह ने बेहतरीन गेंदबाजी की और मैन ऑफ द सीरीज बने। पल्लीकेले में खेले गए तीसरे वनडे में बुमराह ने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए पांच विकेट झटके। उन्होंने नई गेंद के साथ निरोशन डिकवेला और कुसाल मेंडिस को पवेलियन भेजा जबकि अंतिम ओवरों में भी लाहिरू थिरिमाने, मिलिंडा सिरीवर्दना और अकिला धनंजय को विकेट पर टिकने नहीं दिया।

इस मैच में बुमराह ने 5/27 के आकड़े दर्ज किए और भारत के वनडे टीम में मुख्य गेंदबाज की अपनी स्थिति को और मजबूत किया। इस मैच में जब तक गेंद नई रही वह गेंदबाजी के बेसिक्स के साथ चिपके रहें, वहीं गेंद पुरानी होने पर उन्होंने अपनी गेंदबाजी से प्रयोग करने में कोई गुरेज नहीं किया।

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Published 19 Oct 2017, 09:34 IST
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