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विश्वकप 2015 के बाद एकदिवसीय मैचों की 5 सबसे शानदार साझेदारियां

ऋषि
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पिछले 5 सालों में एकदिवसीय क्रिकेट का विकास काफी तेजी से हुआ है। जहां पहले पारी में 300 बड़ी मुश्किल से बनते थे वहीं अब तो आये दिन टीमें पारी में 400 रनों के स्कोर बना रही है। ये बदलाव खासकर 2015 विश्वकप के बाद से आने शुरू हुए हैं। बड़ा स्कोर बनाने के लिए सबसे जरूरी होता है लम्बी साझेदारी बनाना। पिछले विश्वकप से ज्यादातर लम्बी साझेदारियां शीर्षक्रम के बल्लेबाजों ने बनाई है। आज हम आपको ऐसे ही 5 जोड़ियों के बारे में बताएंगे जिन्होंने 2015 विश्वकप के बाद से साझेदारी में सबसे ज्यादा रन बनाए हैं: #5 एरोन फ़िंच और डेविड वॉर्नर FINCH & WARNER सिर्फ 21 दिन के अंतर में जन्में, एरोन फिंच और डेविड वॉर्नर ने मिलकर सीमित ओवरों के मैचों में ऑस्ट्रेलिया के लिए मजबूत सलामी जोड़ी बनाई है। फिंच ने 2013 में अपना एकदिवसीय करियर शुरु किया था, जबकि उनके सलामी साझेदार डेविड वॉर्नर 2009 से ऑस्ट्रेलिया का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। 2015 के विश्व कप के बाद से इस जोड़ी ने 52.00 की औसत से साथ खेलते हुए 1,248 रन बनाए हैं। सितंबर 2017 में भारत के खिलाफ 231 रनों की साझेदारी उनकी सर्वश्रेष्ठ साझेदारी रही है। जबकि इस बीच उन्होंने मिलकर 6 अर्धशतकीय और 3 शतकीय साझेदारियां निभाई हैं। ये दोनों बल्लेबाज टी20 मैचों में भी टीम के सलामी बल्लेबाजी की जिम्मेदारी उठाते हैं लेकिन टेस्ट मैचों में सिर्फ वॉर्नर ही सलामी बल्लेबाजी करते हैं। #4 एलेक्स हेल्स और जेसन रॉय HALES n ROY 2015 विश्वकप में करारी हार के बाद इंग्लैंड टीम ने एकदिवसीय मैचों में अपने खेलने के तरीके में काफी बदलाव किए और उनके सलामी बल्लेबाज एलेक्स हेल्स और जेसन रॉय ने इसमें काफी अहम भूमिका निभाई है। हेल्स पहले से ही टीम में थे लेकिन रॉय को टीम में शामिल करना यह साफ था कि इंग्लैंड की टीम अब एकदिवसीय मैचों में आक्रामक रवैया अपनाने वाली है। इन दोनों बल्लेबाजों ने साथ मिलकर 35.08 की औसत से 1298 रन बनाए हैं, जिसमें 5 अर्धशतकीय और 3 शतकीय साझेदारियां शामिल है। इन दोनों बल्लेबाजों की सबसे बड़ी साझेदारी 256 रनों की है जो इन्होंने जून 2016 में श्रीलंका के खिलाफ बिना विकेट खोये लक्ष्य को हासिल कर लिया था। अपने खराब फॉर्म की वजह से जेसन रॉय को 2017 चैम्पियंस ट्रॉफी में टीम से बाहर कर उनकी जगह जॉनी बेयरस्टो को मौका दिया गया था, लेकिन रॉय अभी भी एकदिवसीय दल का हिस्सा बने हुए हैं और मौका मिलने पर हेल्स के साथ पहले की तरह बड़ी साझेदारी बनाना चाहेंगे। #3 विराट कोहली और रोहित शर्मा KOHLI N ROHIT विराट कोहली और रोहित शर्मा का साझेदारी रिकॉर्ड काफी प्रभावशाली है। जहां रोहित भारतीय टीम के सलामी बल्लेबाजी की जिम्मेदारी संभालते हैं वहीं कोहली तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने आते हैं। ये दोनों ही खिलाड़ी एकदिवसीय मैचों में भारतीय बल्लेबाजी क्रम के रीढ़ माने जाते हैं। इस जोड़ी ने साथ मिलकर 1397 रन बनाए हैं, इस दौरान उनका औसत 82.17 रहा है। यह औसत इस सूची में सर्वाधिक है, विश्वकप के बाद साथ खेले 18 पारियों में इन दोनों ने 5 शतकीय और 4 अर्धशतकीय साझेदारियां निभाई हैं। इस दौरान इनकी सबसे बड़ी साझेदारी 230 रनों की थी जो इन्होंने इसी साल अक्टूबर में न्यूजीलैंड के खिलाफ बनाई थी। रोहित ने 147 और कोहली ने 113 रन बनाए थे और इन पारियों की मदद से भारतीय टीम ने 337-6 का मैच जिताऊ स्कोर बनाया था। #2 एलेक्स हेल्स और जो रुट HALES n ROOT जेसन रॉय की तरह ही एलेक्स हेल्स ने इंग्लैंड के टेस्ट कप्तान जो रुट के साथ भी कई महत्वपूर्ण साझेदारियां बनाई है। रुट एकदिवसीय मैचों में तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने आते हैं और हेल्स के साथ मिलकर इंग्लैंड के लिए कई मैच जिताऊ पारियां खेली है। इस दौरान इनका औसत 71.26 का रहा है, जो विराट कोहली और रोहित शर्मा के बाद दूसरे स्थान पर है। इन दोनों ने मिलकर 1639 रन बनाए हैं, जिसमें 9 शतकीय और 5 अर्धशतकीय पारियां शामिल है। इनकी सबसे बड़ी साझेदारी 248 रनों की थी जो इन्होंने अगस्त 2016 में पाकिस्तान के खिलाफ निभाई थी, इनकी पारियों की मदद से इंग्लैंड ने एकदिवसीय मैचों का सर्वाधिक टीम स्कोर 444 रन बनाया था। हेल्स के सलामी साझेदार बदलते रहते हैं लेकिन रुट के साथ उनकी जोड़ी आज भी इंग्लैंड के लिए बखूबी अपना काम कर रही है। #1 हाशिम अमला और क्विंटन डी कॉक AMLA n KOCK दक्षिण अफ्रीका के सलामी बल्लेबाज हाशिम अमला और विकेटकीपर बल्लेबाज़ क्विंटन डी कॉक की जोड़ी इस सूची में पहले स्थान पर है। इस जोड़ी ने विश्वकप 2015 के बाद साथ खेले 40 पारियों में 55.13 की औसत से 2095 रन बनाए हैं। इसमें 8 अर्धशतकीय और 4 शतकीय साझेदारियां भी शामिल है। इसी साल अक्टूबर में बांग्लादेश के खिलाफ दोनों ने एकदिवसीय मैचों में बिना विकेट खोये सर्वाधिक लक्ष्य हासिल करने का भी रिकॉर्ड बनाया है। अमला (110 नाबाद) और डी कॉक (168 नाबाद) की पारियों की मदद से दक्षिण अफ्रीका ने 279 का लक्ष्य हासिल कर लिया था। डी कॉक की उम्र अभी 24 साल ही है और अमला उनसे करीब 10 साल बड़े हैं फिर भी दोनों ने मिलकर दक्षिण अफ्रीका के लिए कई यादगार पारियां खेली है। लेखक- जेम्स रोच अनुवादक- ऋषिकेश सिंह

Edited by Staff Editor
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