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एशेज़ के इतिहास के 5 बड़े विवाद

शारिक़ुल होदा Shariqul Hoda
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एशेज़ क्रिकेट के इतिहास सबसे रोमांचक और पुराना मुक़ाबला है जो एक बार फिर 23 नवंबर 2017 को ब्रिस्बेन के गाबा स्टेडियम में शुरू होने वाला है। जो रूट की इंग्लिश टीम के लिए एक बेहतर प्रदर्शन का दबाव होगा क्योंकि गाबा के घरेलू मैदान में कंगारुओं ने साल 1988 के बाद एक भी एशेज़ टेस्ट मैच नहीं हारा है। 70वीं एशेज़ टेस्ट सीरीज़ के मैचेज़ 5 अलग-अलग मैदानों पर खेले जाएंगे, इस सीरीज़ का जिसका समापन 8 जनवरी 2018 को सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में होगा। एशेज़ का खेल सब्र और हिम्मत के लिए जाना जाता रहा है लेकिन इस सीरीज़ के दौरान कई विवाद भी हुए हैं। यहां हम इस सीरीज़ से जुड़े 5 सबसे बड़े विवादों के बारे में जानेंगे। # 5 जब स्टुअर्ट ब्रॉड ने मैदान छोड़ने से इनकार किया साल 2013 की एशेज़ सीरीज के पहले टेस्ट के तीसरे दिन स्टुअर्ट ब्रॉड ने आउट होने के बावजूद मैदान से जाने से इनकार कर दिया था। एश्टन एगर की गेंद ब्रॉड के बल्ले के किनारे को छूती हुई फ़स्ट स्लिप में फ़ील्डर के हाथ में पहुंच गई थी। रीप्ले में देखने पर पता लगा कि गेंद बल्ले से लगने के बाद विकेटकीपर ब्रैड हैडिन के जांघ से टकराकर कप्तान माइकल क्लार्क के हाथों में आ गई थी। अगर आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर फ़ैसला लिया जाता तो अंपयार अलीम डार के फ़ैसले को बदला जा सकता था, लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने 2 बार ग़लत रिव्यू की अपील पहले ही कर दी थी, इसलिए आगे और रिव्यू की अपील नहीं की जा सकती थी। ब्रॉड को 37 रन के निजी स्कोर पर नॉट आउट करार दिया गया, ब्रॉड ने आगे खेलते हुए स्कोरबोर्ड पर 28 रन और जोड़े। इंग्लैंड ने इस मैच में 14 रन की विवादित जीत हासिल की। ऑस्ट्रेलिया के कोच डैरेन लीमेन ने स्टुअर्ट ब्रॉड को ‘ज़बरदस्त धोखेबाज़’ क़रार दिया था। इस वारदात ने क्रिकेट की भावना पर सवाल खड़े कर दिए थे कि अगर बल्लेबाज़ को पता है कि वो आउट हो चुका है तो उसे मैदान ख़ुद ही छोड़ देना चाहिए या नहीं ?

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#4. डेनिस लिली ने बल्ला बदलने से किया था इनकार kkk

साल 1979 के एशेज़ टेस्ट के दौरान पर्थ के वाका स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया के मशहूर क्रिकेटर डेनिस लिली एल्युमीनियम बैट लेकर पिच पर आ गए थे। उस वक़्त कोई ऐसा नियम नहीं बना था कि एक बल्लेबाज़ किस तरह के बल्ले का इस्तेमाल कर सकता है। डेनिस लिली ने एल्युमीनियन धातु से लैस ‘कॉम्बैट’ बल्ला लहराते हुए क्रीज़ पर आए और उस बल्ले से उन्होंनें 4 गेंदों का सामना भी किया फिर अंप्यार ने उन्हें ये बैट इस्तेमाल करने से रोका। इयान बॉथम और इग्लैंड के कप्तान माइक ब्रीयरली ने अंपायर से शिकायत की थी कि लिली के बल्ले से अजीब सी आवाज़ आ रही थी। ऑस्ट्रेलिया के कप्तान ग्रेग चैपल ने लिली से पारंपरिक विलो लकड़ी से बने बल्ले का इस्तेमाल करने की गुज़ारिश की। काफ़ी बहस होने के बाद लिली ने धातु से बने बल्ले को हवा में इस तरह फेंका जिससे बल्ला बाउंड्री के पार चला गया, इस तरह उन्होंने अंपायर के फ़ैसले पर अपनी नाराज़गी जताई।

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#3. वॉर्नर और रूट के बीच कहासुनी www

साल 2013 की एशेज़ सीरीज़ शुरु होने से पहले एक बार में ऑस्ट्रेलिया के उप-कप्तान डेविड वॉर्नर के बीच कुछ काहासुनी हो गई थी जो बढ़ते-बढ़ते हाथापाई में बदल गई। जो रूट ने वॉर्नर को जवाब देते हुए कहा कि उनकी टीम विपरीत हालात से डरी हुई नहीं है। जो रूट और डेविड वार्नर के बीच बहस काफ़ी आगे बढ़ गई, बता दें कि ऑस्ट्रलिया इस सीरीज़ से पहले इंग्लैंड से एजबेस्टन में आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी में हार गई थी। जब रूट और वॉर्नर बर्मिंघम के वाकावॉट बार में आए तो बहसबाज़ी के बाद वॉर्नर ने रूट को घूंसा जड़ दिया। इस वारदात के बाद क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने वॉर्नर को 2 वॉर्म-अप मैचेज़ के लिए सस्पेंड कर दिया। ये विवाद यहीं ख़त्म नहीं हुआ और वॉर्नर ने बाद में चुटकी लेते हुए कहा कि मेहमान इंग्लैंड टीम के खिलाड़ियों की आंखों में डर का माहौल था। बाद में वॉर्नर ने कहा कि उन्होंने रूट को घूंसा इसलिए मारा था क्योंकि वो साउथ अफ़्रीका के खिलाड़ी हाशिम आमला का मज़ाक उड़ा रहे थे। #2. जब एशेज़ की पिच खोदी गई e5cc0-1511000699-800 साल 1975 की एशेज़ सीरीज़ के पहले टेस्ट के दौरान हेडिंग्ले मैदान में 5वें दिन ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए 225 रन की ज़रूरत थी और कंगारू टीम के 7 विकेट बाकी थे। लेकिन कुछ उत्पाती लोगों ने पिच को खोद दिया जिससे मैच का रोमांच पूरी तरह ख़त्म हो गया। 5वें दिन की सुबह ग्राउंडमैन जॉर्ज कैथरे ने देखा कि पिच का कई हिस्सा खोदा जा चुका है। आगे और देखने पर पता चला कि पिच में बने कुछ गड्ढों में तेल भरा गया था, अंपयार ने मैच रद्द कर दिया। इस बात की कोशिश हुई थी कि मैच को फिर से खेला जाए लेकिन कंगारू टीम ने स्वदेश वापस लौटने का फ़ैसला किया। उस वक़्त लंदन में एक 34 साल के मिनी कैब ड्राइवर जॉर्ज डेविस पर हथियारों की लूट का आरोप लगाया गया था, जिसके विरोध में प्रदर्शनकारियों ने पिच को निशाना बना डाला। मैच रद्द होने की वजह से ओवल टेस्ट ड्रॉ हो गया और चैपल की टीम को सीरीज़ में हार मिलने पर एशेज़ ट्रॉफी से हाथ धोना पड़ गया था।

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#1 ‘ बॉडीलाइन वाली बदनाम घटना lllllllll

क्रिकेट के 135 साल के इतिहास में बॉडीलाइन की घटना सबसे विवादित रही है। साल 1932/33 की एशेज़ सीरीज़ के दौरान इंग्लिश कप्तान डग्लस जारडिन ने ऑस्ट्रेलिया के धाकड़ बल्लेबाज़ सर डॉन ब्रैडमैन के ख़िलाफ़ रणनीति बनाई जो 139.14 के बल्लेबाज़ी औसत के हिसाब से खेल रहे थे। जारडिन ने सोचा कि अगर बैडमैन को हाई-बाउंस गेंद उनके सीने तक फेंकी जाएंगी तो उन्हें बॉल को खेलने में काफ़ी परेशानी होगी, यही सोचते हुए इंग्लैड के कप्तान ने अपने गेंदबाज़ों को ब्रैडमैन की पसलियों को निशाना बनाने को कहा। इस घटना को लेकर काफ़ी सवाल उठाए गए। ऑस्ट्रेलियन मीडिया ने इस घटना को ‘बॉडीलाइन’ का नाम दिया, इतना ही नहीं इस मैच में ब्रैडमैन के पास 5 फ़ील्डर लगाए गए थे और लेग स्टंप पर शॉर्ट पिच गेंदें फेंकी जा रही थी। जाहिर है इस मैच के दौरान विपक्षी खिलाड़ी की सुरक्षा से ज़बरदस्त खिलवाड़ हुआ। ब्रैडमैन को नर्वस ब्रेक डाउन की आशंका की वजह से सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर पहला टेस्ट बीच में ही छोड़ना पड़ा, जिसकी वजह से इंग्लैंड ने ये सीरीज़ 4-1 से जीती और ब्रैडमैन का बैटिंग एवरेज गिरकर 56 पर आ गया था।

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Edited by Staff Editor
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