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एशेज़ के इतिहास के 5 बड़े विवाद

Modified 22 Nov 2017, 14:24 IST
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एशेज़ क्रिकेट के इतिहास सबसे रोमांचक और पुराना मुक़ाबला है जो एक बार फिर 23 नवंबर 2017 को ब्रिस्बेन के गाबा स्टेडियम में शुरू होने वाला है। जो रूट की इंग्लिश टीम के लिए एक बेहतर प्रदर्शन का दबाव होगा क्योंकि गाबा के घरेलू मैदान में कंगारुओं ने साल 1988 के बाद एक भी एशेज़ टेस्ट मैच नहीं हारा है। 70वीं एशेज़ टेस्ट सीरीज़ के मैचेज़ 5 अलग-अलग मैदानों पर खेले जाएंगे, इस सीरीज़ का जिसका समापन 8 जनवरी 2018 को सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में होगा। एशेज़ का खेल सब्र और हिम्मत के लिए जाना जाता रहा है लेकिन इस सीरीज़ के दौरान कई विवाद भी हुए हैं। यहां हम इस सीरीज़ से जुड़े 5 सबसे बड़े विवादों के बारे में जानेंगे।
# 5 जब स्टुअर्ट ब्रॉड ने मैदान छोड़ने से इनकार किया  
साल 2013 की एशेज़ सीरीज के पहले टेस्ट के तीसरे दिन स्टुअर्ट ब्रॉड ने आउट होने के बावजूद मैदान से जाने से इनकार कर दिया था। एश्टन एगर की गेंद ब्रॉड के बल्ले के किनारे को छूती हुई फ़स्ट स्लिप में फ़ील्डर के हाथ में पहुंच गई थी। रीप्ले में देखने पर पता लगा कि गेंद बल्ले से लगने के बाद विकेटकीपर ब्रैड हैडिन के जांघ से टकराकर कप्तान माइकल क्लार्क के हाथों में आ गई थी। अगर आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर फ़ैसला लिया जाता तो अंपयार अलीम डार के फ़ैसले को बदला जा सकता था, लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने 2 बार ग़लत रिव्यू की अपील पहले ही कर दी थी, इसलिए आगे और रिव्यू की अपील नहीं की जा सकती थी। ब्रॉड को 37 रन के निजी स्कोर पर नॉट आउट करार दिया गया, ब्रॉड ने आगे खेलते हुए स्कोरबोर्ड पर 28 रन और जोड़े। इंग्लैंड ने इस मैच में 14 रन की विवादित जीत हासिल की। ऑस्ट्रेलिया के कोच डैरेन लीमेन ने स्टुअर्ट ब्रॉड को ‘ज़बरदस्त धोखेबाज़’ क़रार दिया था। इस वारदात ने क्रिकेट की भावना पर सवाल खड़े कर दिए थे कि अगर बल्लेबाज़ को पता है कि वो आउट हो चुका है तो उसे मैदान ख़ुद ही छोड़ देना चाहिए या नहीं ?  

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Published 22 Nov 2017, 14:24 IST
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