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विराट कोहली जन्मदिन स्पेशल: कोहली की 5 सर्वश्रेष्ठ एकदिवसीय पारियां

Modified 05 Nov 2017, 19:12 IST
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अंडर-19 विश्व कप में एक कप्तान और एक बल्लेबाज के रूप में सफल होने के बाद 2008 में जब विराट कोहली ने उसी वर्ष भारतीय टीम में एंट्री पायी तो सभी ने देखा कि इस लड़के में कुछ विशेष जरूर है। लेकिन किसी ने इस बात का अंदाजा नहीं लगाया होगा कि वह एक दिन तीनों प्रारूपों में आधुनिक युग के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में से एक बन जायेगा। सीमित ओवरों के खेल में कोहली एक अलग ही ज़ोन में खेलते हैं। 194 पारियों (202 मैचों) में 32 एकदिवसीय शतक (एकदिवसीय क्रिकेट के इतिहास में दूसरा सबसे ज्यादा) और एक लगभग 56 का औसत व 92 की स्ट्राइक-रेट, ये चौंकाने वाले आंकड़े हैं जिनके द्वारा कोहली दिन प्रतिदिन विराट बनते जा रहे हैं। वास्तव में, कुछ क्रिकेट जानकारों ने उन्हें 'सर्वश्रेष्ठ एकदिवसीय बल्लेबाज' करार दिया है। आज वर्तमान भारतीय कप्तान अपना 29 वां जन्मदिन मना रहे हैं, इसलिए आज उनके जन्मदिन पर हम उनके कुछ बेहतरीन वनडे पारियों की एक झलक पेश कर रहे हैं। हालांकि विराट की कई शानदार इनिंग सामने आयी हैं, लेकिन यहां 5 बेस्ट पारियों को शामिल किया गया है। विशेष उल्लेख- 35 बनाम श्रीलंका (विश्व कप फाइनल, मुंबई)- 2011 India v Sri Lanka - 2011 ICC World Cup Final किसी को उम्मीद नहीं होगी कि किसी खिलाड़ी की 35 रन की पारी को सर्वश्रेष्ठ इनिंग्स में कैसे गिना जा सकता है। लेकिन कोहली ने इस बात को खुद स्वीकार किया है और वह विश्व कप में खेली गई 35 रन की पारी को अपनी बेहतरीन पारी में से एक गिनते हैं। 2011 के विश्व कप के फाइनल में श्रीलंका ने तेजी के साथ अपनी पारी की शुरुआत की और 10 ओवर में 91 रन का स्कोर भी खड़ा कर दिया और 274/6 के अच्छे स्कोर के साथ श्रीलंकाई पारी की समाप्ति हुई। लेकिन जवाब में, भारतीय पारी की शुरुआत निराशजनक रही, भारत ने पारी की दूसरी गेंद पर वीरेंद्र सहवाग का विकेट खो दिया और जल्द ही सचिन तेंदुलकर भी ड्रेसिंग रूम में अपने सलामी जोड़ीदार के पीछे लौट गये। मलिंगा ने अपने पहले स्पेल की एक शानदार शुरुआत कर ली थी। भारत ने 31 रन पर अपने दो बेहद महत्वपूर्ण विकेट खो दिये थे और मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में सन्नाटा छाया हुआ था। जिसके बाद गौतम गंभीर का साथ देने के लिए 22 वर्षीय युवा बल्लेबाज क्रीज पर आया। जिस तरह से कोहली ने बड़े फाइनल में दबाव को झेला वह बेहद सराहनीय था। गौतम गंभीर के साथ मिलकर कोहली ने टीम की नैय्या को आगे बढ़ाया। दोनो के बीच 83 रन की अच्छी साझेदारी हुई जिससे भारत 275 रनों का पीछा करते हुए ट्रैक पर वापस आ सका। 35 रन का उसका योगदान शायद इतना बड़ा न लग सके लेकिन भारत की स्थिति को देखते हुए यह एक ऐसी पारी थी जिसने भारत को मुश्किल की घड़ी से बाहर निकाला। कोहली की आउट होने के बाद धोनी की 91 और गंभीर ने 97 रनों की मदद से भारत अपना दूसरा विश्व कप जीतने में सफल रहा।
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Published 05 Nov 2017, 19:12 IST
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