किसके नाम है टी-20 क्रिकेट का पहला शतक, अर्धशतक और पांच विकेट

क्रिकेट एक ऐसा खेल है जो जीवित हुआ, विकसित हुआ और अपनी उम्र के साथ चल रहा है। दर्शकों में भी समय बीतने के साथ धीरे धीरे जुड़ाव हुआ और अब उसमें में भावनाएं भी जुड़ चुकी हैं। क्रिकेट की निरंतर लोकप्रियता के पीछे मुख्य कारणों में से एक है प्रशंसकों की मांगों के अनुसार अनुकूलित और सांमजस्य बैठाने की क्षमता रही है। छोटे और नए प्रारूपों का आविष्कार दर्शकों को खेल में बांधे रखने और उनका मनोरंजन करने सफलतापूर्वक कामयाब रहा है। टी-20 क्रिकेट जिसका 15 साल पहले इंग्लैंड में परिचय कराया गया था, इसने क्रिकेट का पुनरुत्थान किया है और क्रिकेट में नये रंग, नये आयाम और अधिक प्रतिस्पर्धा को शामिल है। इस प्रारूप में खेला गया पहला टूर्नामेंट 2003 में काउंटी क्रिकेट में ट्वेंटी -20 कप था। उस साल इयान हार्वे ने बर्मिंघम में वारविकशायर के खिलाफ टी-20 इतिहास का पहला शतक लगाया था। आइए हम टी-20 क्रिकेट में बनी पहली व्यक्तिगत उपलब्धियों के बारें में आपको बताते हैं।

#3 पहला टी-20 शतक: इयान हार्वे

इयान हार्वे एक ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर थे जो ट्वेंटी -20 कप 2003 के सबसे सम्मानित व्यक्ति में से एक थे। वह ग्लूस्टरशायर ग्लेडिएटर का एक अभिन्न अंग थे और उन्होंने प्रतियोगिता में शीर्ष क्रम के साथ-साथ पांचवें गेंदबाज के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अपने टी-20 करियर की चमक प्रतियोगिता के बाद के चरणों में देखने को मिली, जब ग्लूस्टरशायर को सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की करने के लिए वारविकशायर के खिलाफ जीत की जरुरत थी। टॉस जीतकर और पहले क्षेत्र का चयन करने के बाद वे वारविकशायर को 20 ओवरों के मैच में 134/7 रनों पर रोकने में कामयाब रहे। हार्वे बल्लेबाजी को ओपन करने के लिए आए और वह दिन सिर्फ उनका दिन साबित हुआ। उन्होंने अपनी टीम को जीतने के लिए आवश्यक 135 रनों में से 100 रन खुद ही बना डाले। ग्लूस्टरशायर बल्लेबाजी लाइन-अप में दूसरा सबसे ज्यादा व्यक्तिगत स्कोर सिर्फ 23 था। लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि वह ऐसा दिन था जिसमें क्रिकेट की दुनिया में नया इतिहास लिखा गया। केवल 50 गेंदों पर 100 नाबाद बनाकर रिकॉर्ड के पन्नों पर अपना नाम दर्ज करवा दिया।

#2 पहला अर्धशतक: जेसन गैलियन

विश्व क्रिकेट में पहला टी-20 अर्धशतक पहले पेशेवर टी -20 मैच के दौरान ही बनाया गया और संयोग से इस प्रारूप में पहली डिलीवरी का सामना करने वाले पहले बल्लेबाज ने लगाया था। जेसन गैलियन, जिन्होंने ट्वेंटी -20 कप 2003 के शुरुआती मैच में पारी का आगाज़ किया, जिसके बाद उन्होंने प्रारूप का पहला अर्धशतक जड़ दिया। उन्होंने नॉटिंघमशायर के लिए खेलते हुए डरहम के खिलाफ 62 नाबाद रन बनाए व इसके लिए सिर्फ 48 गेंदों का इस्तेमाल किया। गैलियन के अर्धशतक की बदौलत पहली पारी के अंत में नॉटिंघमशायर 157/7 के एक सम्मानजनक स्कोर तक पहुंच सका। हालांकि, डरहम की अच्छी बल्लेबाजी प्रयासों की वजह से 6 विकेट शेष रहते हुए लक्ष्य तक पहुंचने में कामयाब रहा। हालांकि उनकी पारी नॉटिंघमशायर मैच नहीं जीता सकी लेकिन गैलियन दोनों पक्षों से 50 रनों के पार करने वाले एकमात्र खिलाड़ी रहे और उन्हें मैन ऑफ द मैच चुना गया।

#1 एक पारी में पांच विकेट: जिमी ऑरमंड

ऐसा माना जाता है कि क्रिकेट का सबसे छोटा प्रारूप बल्लेबाजों के पक्ष में है। ऐसी कल्पना करना स्वाभाविक है कि यदि खेल एक कॉर्पोरेट समूह का प्रतिनिधित्व करता है, तो स्कोर की रक्षा करने वाले पुरुष प्रबंधक होंगे और कॉर्क बॉल के साथ चल रहे लोग मजदूर होंगे। टी-20 क्रिकेट विशेष रूप से गेंदबाजों की ओर निर्दयी माना जाता है। इसलिए आप अनुमान लगा सकते हैं कि प्रारूप में पांच विकेट का आंकड़ा सैकड़ों और अर्धशतक की तुलना में बहुत मुश्किल से आया होगा। हालांकि यहां मामला थोड़ा अलग है। सरे के जिमी ऑरमंड ने उसी टूर्नामेंट के दौरान एक मैच में पांच विकेट निकाल डाले और सबसे दिलचस्प बात यह है कि जिमी ने यह रिकॉर्ड हार्वे द्वारा रिकार्ड बुक में अपनी शतकीय पारी को दर्ज कराने के दस दिन पहले ही बना दिया था। सरे, जिन्हें अंततः कप के चैंपियन के रूप में ताज पहनाया गया था, ने लंदन में एक साउथ ग्रुप के मैच में मिडिलसेक्स पर जीत हासिल की। सरे ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का चुनाव किया उन्होंने 20 ओवरों में मिडिलसेक्स ने पूरे 10 विकेट के नुकसान पर कुल 155 रन बनाए। वहीं गेंदबाजी लाइन अप में एक नाम उस दिन तहलका मचा गया, वह था जिमी ऑरमंड। जिन्होंने अपने चार ओवरों के कोटे में 26 रनों देकर पांच विकेट चटकाए थे। उन्हें दिन में अपने प्रयास के लिए मैन ऑफ द मैच पुरस्कार दिया गया था। लेखक- रूपिन काले अनुवादक- सौम्या तिवारी

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