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विश्व एकदिवसीय एकादश जो 2015 विश्व कप चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को हरा सकती है

सौम्या तिवारी

यह कहना उचित है कि जब बात विश्व कप की आती है तब इस 50-50 ओवरों के फॉर्मेट में ऑस्ट्रेलियाई टीम अब तक की सबसे शानदार टीम रही है। इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड जैसी कुछ बड़ी टीमें एक बार भी इस ट्रॉफी को उठाने में नाकाम रही हैं। वहीं ऑस्ट्रेलियाई ने 50 ओवर के इस मेगा इवेंट को पांच बार जीता है, जिसमें 2015 में खेला गया विश्व कप भी शामिल है। 2015 का विश्व कप ऑस्ट्रेलिया-न्यूजीलैंड में सामूहिक रूप से आयोजित किया गया था। जहां फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में सह-मेजबान न्यूज़ीलैंड को हराया था। 2015 में मैच विजेताओं से भरी ऑस्ट्रेलिया टीम के आगे न्यूजीलैंड की एक ना चली। कप्तान माइकल क्लार्क के साथ ऑस्ट्रेलियाई ने डेविड वार्नर, स्टीव स्मिथ, आरोन फिंच, ग्लेन मैक्सवेल, ब्रैड हैडिन, शेन वॉटसन और कप्तान माइकल क्लार्क से सजी शक्तिशाली बल्लेबाजी लाइनअप के आगे न्यूजीलैंड की टीम ढेर हो गयी। वहीं दूसरी ओर उनके गेंदबाजी आक्रमण ने भी दूसरी टीमों में खौफ पैदा कर दिया था। मिचेल स्टार्क (22 विकेट और मैन ऑफ द टूर्नामेंट), जोश हेज़लवुड फाइनल में प्लेयर ऑफ द मैच रहे जेम्स फॉक्नर शामिल थे। जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया को हर आधार पर काफी मजबूत बनाया था और पांचवीं बार चैंपियन का ताज पहनाया था। आईये आज एक ऐसी विश्व एकादश की टीम को बनाने की कोशिश करते हैं जो संभवतः 2015 की चैंपियंस टीम ऑस्ट्रेलिया को हरा सकती है।

यह हैं संभावित विश्व एकादश:

#1 रोहित शर्मा

बल्लेबाजी की शुरुआत करने का दारोमदार भारत के करिश्माई सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा पर होगा। रोहित जिनका 98 पारियों में सलामी बल्लेबाज के रूप में 53.80 का औसत रहा है वह शिखर धवन के साथ मिलकर तेज शुरुआत देते है। रोहित ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के खिलाफ खेलने का आनंद लेते हैं, जिसमें 2015 चैंपियन के खिलाफ लगाए छह शतक शामिल हैं। रोहित सचिन तेंदुलकर (9) के बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले दूसरे खिलाड़ी है। वह 50 ओवर के क्रिकेट में तीन दोहरे शतक लगाने वाले विश्व के एकमात्र बल्लेबाज रोहित शर्मा को शीर्षक्रम पर धवन का साथ मिलेगा। जब से 2013 में इस जोड़ी ने शुरूआत की है तब से धवन और रोहित ने 75 पारियों में 44.90 की औसत से 3323 रन बनाए है, जिसमें 12 शतकीय साझेदारियां और नौ अर्धशतकीय साझेदियां शामिल हैं।

#2 शिखर धवन

2013 में आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी में टीम में वापसी के बाद से शिखर धवन भारत के लिए शीर्ष प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों में से एक रहे हैं। धवन ने 2010 में अपनी शुरुआत की लेकिन तत्कालीन मौजूदा सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग से पीछे रह गए। हालांकि, उन्होंने तीन साल बाद एकदिवसीय टीम में शानदार वापसी की चैंपियंस ट्रॉफी में 380 रन बना डाले, जिसमें दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज के खिलाफ लगातार दो शतक शामिल थे। तब से धवन ने 10 शतक बनाए हैं, जिससे 12 उन्होंने 45.65 की अच्छी औसत से 98 पारियों में बनाये हैं। धवन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शुरुआती हमले कर सकते हैं और शर्मा के साथ अच्छी साझेदारी करके मध्य-क्रम को एक मजबूत शुरुआत दे सकते हैं।

#3 विराट कोहली

200 पारी में 35 शतक के साथ कोहली अपने समकालीन खिलाड़ियों से काफी आगे हैं। उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ 2008 में सलामी बल्लेबाज के रूप में अपनी शुरुआत की, लेकिन 2009 के दिसंबर में ही उन्होंने अपनी महानता की एक झलक दिखला दी जब उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ रनों का पीछा करते हुए अपना पहला शतक बनाया। सीमित ओवरों के क्रिकेट में सबसे महान बल्लेबाजों में से एक विराट कोहली इस टीम में नंबर 3 पर आते हैं। अपने बेधड़क स्ट्रोक-प्ले के अलावा विराट कोहली की सबसे बड़ी पूंजी में से एक उनकी खेल समझ और उनकी फिटनेस है, वह एक-दो रनों के साथ जोखिम मुक्त परंपरागत क्रिकेट खेलते हुए अपनी बेहतरीन फिटनेस की गवाही दे रहे हैं। कोहली ने 2015 के चैपिंयन के खिलाफ अब तक पांच शतक लगा चुके हैं और जिसमें से दो 2016 के पहले आये थे।

#4 एबी डीविलियर्स

228 वनडे में पूर्व प्रोटियाज़ कप्तान एबी डीविलियर्स ने 53.5 के औसत और 150.36 की शानदार स्ट्राइक रेट से 9577 रन बनाए हैं। क्रिकेट क्षेत्र पर डीविलियर्स ने जो मुकाम हासिल किया है वह अतुलनीय है। एक क्रिकेट बॉल को 360 डिग्री तक मारने की अद्भुत क्षमता के साथ डीविलियर्स कभी भी क्रिकेट मैदान पर उतरने वाले महानतम बल्लेबाजों में से एक गिने जाते हैं। अपने दिन पर यह दक्षिण अफ़्रीकी बल्लेबाज मैच को विपक्ष से दूर ले जा सकता है और मध्य के ओवर में फॉकनर, जॉनसन और मैक्सवेल की क्लास ले सकता है।

#5 इयोन मोर्गन

एकदिवसीय शतक बनाने वाले सबसे कम उम्र के गैर-उपमहाद्वीपीय क्रिकेटर इयॉन मोर्गन हमारी सूची में नंबर 5 पर आते हैं। वर्तमान अंग्रेजी टीम के वनडे कप्तान और दो देशों (इंग्लैंड और आयरलैंड) का प्रतिनिधित्व करने के वाले कुछ खिलाड़ियों में से एक मॉर्गन ने अपने करियर की शुरुआत 2006 में आयरलैंड के लिए की थी। मोर्गन अपने डेब्यू के बाद से एकदिवसीय क्रिकेट में लगातार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों में से एक रहे हैं। एक निर्विवाद खेल-भावना और विपक्षी पर हमला करने की क्षमता के साथ मोर्गन नंबर 5 पर आदर्श खिलाड़ी होंगे, अगर टीम शुरुआती विकेट खो देती है और निचले-मध्य के जिम्मेदारी आती है तो मॉर्गन उस जिम्मेदारी को बखूबी अंजाम तक पहुंचा सकते है। मॉर्गन ने अतीत में ऑस्ट्रेलियाई टीम के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन किया था, जिसमें तीन शतक लगाये हैं। 200 एकदिवसीय मैच में मॉर्गन ने 37.0 के औसत और 88.04 की स्ट्राइक रेट से 6031 रन बनाए हैं।

#6 बेन स्टोक्स

2011 में अपने करियर की शुरुआत करने वाले बेन स्टोक्स ने इंग्लैंड के लिए 67 वनडे मैच खेले हैं और 96.24 की स्ट्राइक रेट पर 1791 रन बनाए हैं। गेंद को बैट से दूर भेजने की क्षमता और महत्वपूर्ण मौंको पर विकेट चटकाने का काबिलियत के साथ बेन स्टोक्स टीम के लिए एक्स- फैक्टर के रूप में काम करेगे। उनकी बल्लेबाजी के अलावा स्टोक्स ने 58 विकेट लिए हैं जिसमें 2013 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लिया गया पांच विकेट का आंकड़ा 5-61 भी शामिल था। स्टोक्स ने पिछले साल चैंपियंस ट्रॉफी में ऑस्ट्रेलियाई के खिलाफ 102 रनों की मैच जीताऊ पारी खेलकर जीत दिलायी थी और वह टीम के लिए एक्स फैक्टर रहेगे। एक अच्छा गेंदबाज होने के अलावा स्टोक्स और बल्लेबाज के रूप में डेथ ओवरों में स्टार्क और हेज़लवुड की गेंदबाजी की जमकर क्लास लगा सकते है।

#7 एमएस धोनी (विकेट कीपर और कप्तान)

एम एस धोनी ने अपने 318 एकदिवसीय मैचों में 51.38 कीआश्चर्यजनक औसत से 9967 रन बनाए हैं, लेकिन आखिर क्या है जो धोनी को सबसे अलग करता है? वह है मुश्किल समय में धोनी द्वारा खेल को समझने की क्षमता, जिसे बार बार धोनी ने सही साबित किया है। अपने नाम लगभग सभी ट्रॉफी करने वाले धोनी के बिना वनडे इलेवन की कल्पना करना असंभव है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुश्किल परिस्थिति में कप्तान धोनी का अनुभव सबसे महत्वपूर्ण होगा।

#8 युज़वेन्द्र चहल

स्पिन-बॉलिंग की अगुवाई युवा स्पिनर यजुवेन्द्र चहल पर होगी। चिन्नास्वामी स्टेडियम जैसे छोटे मैदान पर गेंदबाजी करते समय चहल की ताकत गेंद को आगे डालकर बल्लेबाजों को बड़े शॉट्स के लिए आमंत्रित करने की होती है और ऑस्ट्रेलियाई टीम इसी फेर में फंस कर अपना विकेट गंवा सकती है। चहल की गेंदबाजी विविधता मध्य के ओवरों में महत्वपूर्ण साबित होगी। उनकी यह उपर्युक्त गेंदबाजी कला हाल ही में समाप्त हुई दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीमित ओवरों की श्रृंखला में दिखायी दी। जहां इस लेग स्पिनर अपने हथियार से बल्लेबाजों को अपनी टर्न और फ्लाइट में खूब फंसाया था। चहल ने अब तक 23 एकदिवसीय मैच में खेले है और अब तक उन्होंने 21.84 के औसत और 4.76 की इकॉनमी रेट के साथ से 43 विकेट अपने नाम किए हैं।

#9 कुलदीप यादव

यह रहस्यमयकारी स्पिनर इस सीज़न की खोज रहा है। दाएं हाथ की बल्लेबाजों से भरी ऑस्ट्रेलिया बैटिंग लाइन अप में मौजूद माइकल क्लार्क, स्मिथ और फॉकनर पर यादव की विविधता लगाम लगा सकती है। ईडन गार्डन्स में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हैट्रिक लेने वाले कुलदीप ने पहले ही 20.03 के औसत से 39 विकेट लिए हैं जिसमें उनका स्ट्राइक रेट 25.03 का रहा है और चहल के साथ उनका मिश्रण मध्य के ओवर में ऑस्ट्रेलियाई टीम पर कहर बरपा सकता है।

#10 जसप्रीत बुमराह

तेज गेंदबाजी की कमान जसप्रीत बुमराह के हाथों में होगी। अपने प्रारंभिक वर्षों के दौरान लसिथ मलिंगा की छाया में रहने के बाद बुमराह की स्लो डिलिवरी से लेकर डेथ ओवर के दौरान रिवर्स स्विंग यॉर्कर डालने तक ने उन्हें राष्ट्रीय टीम का एक अनिवार्य हिस्सा बन दिया है। बुमराह ने अब तक 37 एकदिवसीय मैचों में 22.5 के औसत से 54 विकेट लिए हैं। बुमराह ने 2016 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपने सीमित ओवरों की शुरुआत की और स्मिथ और फॉकनर जैसे खिलाड़ियों का विकेट लेकर 2-40 के आंकड़े से सबको प्रभावित किया। वह डेथ ओवरों के विशेषज्ञ के रूप में उभरा है और उसकी बेहद खतरनाक यॉर्कर और विविधता फॉकनर, हैडिन और मैक्सवेल के खिलाफ अंत में बहुत ही कारगर होगी।

#11 ट्रेंट बोल्ट

तेज गेंदबाजी विभाग में बुमराह का साथ देने के लिए न्यूजीलैंड की स्विंग सनसनी ट्रेंट बोल्ट मौजूद होंगे। गेंद को शानदार तरीके से स्विंग करने की क्षमता के साथ बोल्ट विश्व के सबसे प्रभावशाली गेंदबाज बनने के लिए आगे बढ़े रहे हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ 2012 में अपनी वनडे करियर की शुरुआत करने के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बोल्ट का बेहतरीन समय 2015 आईसीसी विश्वकप के दौरान आया जहां उन्होंने कीवी तेज गेंदबाजी का नेतृत्व करते हुए 22 विकेट झटके, जिसमें अंतिम तत्कालिन विश्व चैंपियंस ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 5-28 का आंकडा भी शामिल है, जिसने उनकी बल्लेबाजी लाइन अप की कमर तोड़कर रख दी। बोल्ट ने अब तक 66 एकदिवसीय मैचों में शामिल हुए हैं और इसने अब तक उन्होंने चार बार पांच विकेट लिए हैं और 23.64 की औसत से 122 विकेट चटकाए हैं। बोल्ट और बुमराह का संयोजन फिंच, स्मिथ, वार्नर और क्लार्क जैसे मजबूत बल्लेबाजों से सजी ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी लाइन-अप के खिलाफ आदर्श होगा और पावरप्ले के साथ-साथ डेथ ओवरों में महत्वपूर्ण सफलता दिलाने में मदद करेगा। लेखक- यश मित्तल अनुवादक- सौम्या तिवारी

Edited by Staff Editor

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