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यो-यो टेस्ट को सिर्फ मदद के तौर पर ही इस्तेमाल किया जाना चाहिए: एरिक सिमंस

EXPERT COLUMNIST
Modified 21 Sep 2018, 20:21 IST
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भारतीय टीम के पूर्व गेंदबाजी कोच एरिक सिमंस का मानना है कि यो-यो टेस्ट को सिर्फ मदद के तौर पर ही इस्तेमाल किया जाना चाहिए। हाल के समय में भारतीय टीम में चयन के लिए यो-यो टेस्ट को पास करना अनिवार्य किया गया है, लेकिन इसको लेकर काफी विवाद भी देखने को मिला है। कुछ खिलाड़ियों के चोटिल होने के कारण गेंदबाजी कोच और फिटनेस स्टाफ के ऊपर भी सवाल उठने शुरू हो गए हैं। CricketNext के साथ बातचीत में सिमंस ने कहा, "यो-यो टेस्ट को मुख्य टेस्ट के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन खिलाड़ियों की फिटनेस को जांचने के लिए दूसरे टेस्ट का भी सहयोग लेना चाहिए। इससे इस बात का भी पता चलेगा कि खिलाड़ी की फिटनेस में सुधार हो रहा है या फिर इसमें गिरावट देखने को मिल रही है।" हाल के समय में ऋद्धिमान साहा और भुवनेश्वर को लगी चोट के बाद कोचिंग स्टाफ के ऊपर सवाल खड़े हो गए हैं। भुवनेश्वर कुमार को आईपीएल के शुरू होने से पहले ही बैक में चोट लगी हुई थी, लेकिन इसके बाद भी उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ अंतिम एकिदवसीय मुकाबले में खिलाया गया। तीसरे मैच में खेलने से उनकी चोट में भी इजाफा हुआ और इसी वजह से उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ पहले तीन टेस्ट के लिए टीम में जगह नहीं मिली। दूसरी तरफ साहा को आईपीएल के दौरान उंगली में चोट के कारण नहीं खेल पा रहे थे, लेकिन अब वो कंधे में चोट के कारण वो लंबे समय के लिए बाहर हो गए हैं।

हाल के समय में कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को यो-यो टेस्ट में फेल होने के कारण ही भारतीय टीम में अपनी जगह गंवा बैठे। आईपीएल में शानदार प्रदर्शन करके भारतीय टीम में जगह बनाने वाले अंबाती रायडू को इस टेस्ट में फेल होने के कारण टीम से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था।
Published 20 Jul 2018, 15:16 IST
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