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एक बल्लेबाज के रूप में चेतेश्वर पुजारा के फिर से उभरने में यॉर्कशायर का योगदान

Naveen Sharma
FEATURED WRITER
Modified 21 Sep 2018
वेस्टइंडीज दौरे से लौटने के बाद से मौजूदा भारतीय टीम का एक खिलाड़ी अपने खेल की शैली को लेकर पूरी तरह से बदल गए। अपनी धीमी बल्लेबाजी की शैली के कारण चेतेश्वर पुजारा को कैरेबियाई दौरे पर टीम से बाहर कर दिया गया, यह एक ऐसा मामला था, जिसे खुद पुजारा ही हल कर सकते थे और उन्होंने अपनी सकारात्मक बल्लेबाजी से इस समस्या का हल भी किया। पुजारा ने अधिक स्ट्राइक बदलने और बाउंड्री लगाने पर ध्यान दिया। संभवतया, खुद के बारे में बदलाव करने के लिए आपको कुछ निश्चित चीजें काफी अलग करनी होती है, पुजारा के लिए वह अवसर 2015 की गर्मियों में आया, जब वे यॉर्कशायर गए, उस कार्य का परिणाम अब घरेलू सत्र में देखने को मिल रहा है। क्लब के निदेशक मार्टिन मोक्सन ने पुजारा के काम पर बात करते हुए कहा कि उन्होंने अपने संतुलन पर ध्यान दिया और इसके लिए इस भारतीय बल्लेबाज को श्रेय भी दिया। टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए मार्टिन ने कहा "हमारे साथ जब पुजारा थे, तब अपने संतुलन में सुधार करना मुख्य कार्य था। वे सुनिश्चित कर रहे थे कि उनका सिर ऑफ साइड की तरफ  न झुके। वे काम के पक्के और विनम्र व्यक्ति हैं, जो ड्रेसिंग रूम में बहुत लोकप्रिय थे। उन्होंने शुरू में कुछ निम्न स्कोर वाली पारियाँ खेली लेकिन वहां से छोड़ने के पहले शतक लगाकर अपनी श्रेणी और क्षमता दर्शाई।" सौराष्ट्र के इस बल्लेबाज की तारीफ यॉर्कशायर टीम के पूर्व मुख्य कोच जेसन गिलेस्पी ने भी की। उनका कहना था कि मैं भारतीय बल्लेबाजी का बड़ा प्रशंसक था, पुजारा ने इंग्लैंड के गेंदबाजों के बारे में जानना चाहा कि वे कैसे गेंदबाजी करते हैं, टीम के अन्य साथियों से भी उन्होंने इस बारे में पड़ताल की। बांए हाथ के इस भारतीय बल्लेबाज की मौजूदा फॉर्म बहुत शानदार रही है, इस दौरान उन्होंने लगातार तीन शतक जड़े, इसमें न्यूजीलैंड के खिलाफ इंदौर में, और इंग्लैंड के खिलाफ राजकोट, विशाखापट्टनम टेस्ट मैचों के शतक शामिल है।
Published 15 Dec 2016
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