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कैंसर से लड़ाई के समय संन्यास के बारे में सोचने लगे थे युवराज सिंह

ANALYST
Modified 21 Sep 2018
इंग्लैंड के खिलाफ अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ पारी खेलने वाले युवराज सिंह ने स्वीकार किया है कि कैंसर से लड़ते वक़्त उन्होंने क्रिकेट से संन्यास लेने का मन बनाया था। 35 वर्षीय बल्लेबाज ने वन-डे टीम में तीन वर्ष बाद धमाकेदार वापसी करते हुए जोरदार शतक जमाया। कटक में संपन्न दूसरे वन-डे के बाद प्रेस कांफ्रेंस में युवराज ने कहा, 'मैंने कैंसर से ठीक होने के बाद वापसी की। पहले दो-तीन वर्ष काफी कड़े गुजरे। मुझे अपनी फिटनेस पर काम करने की जरुरत थी और इस दौरान मैं टीम से अंदर बाहर होता रहा। मैं स्थायी तौर पर टीम में नहीं रह पाया। ऐसा समय भी आया जब मैं सोचने लगा कि खेलना जारी रखूं या नहीं। मेरी कोशिश कभी हिम्मत हारने की नहीं है। मुझे पता था कि समय बदलेगा।' यह भी पढ़ें : युवराज सिंह और एमएस धोनी के शतकों के बाद दिग्गज क्रिकेटरों ने क्या कहा बाएं हाथ के बल्लेबाज ने आगे कहा, 'मुझे नहीं पता कि कौन कैसी प्रतिक्रिया दे रहा था और न ही मैंने अख़बार पढ़े। मैंने टीवी भी नहीं देखी। मेरा ध्यान अपने खेल पर रहा और अपने आप को यह साबित करने पर रहा कि मैं अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट के लिए अभी भी उपयुक्त हूं।' युवराज सिंह ने इंग्लैंड के खिलाफ कटक में खेले गए दूसरे वन-डे में अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ स्कोर बनाया, जिसे भारत ने 15 रन से जीता। उन्होंने 127 गेंदों में 150 रन बनाए। युवराज ने 2011 विश्व कप के बाद पहली बार वन-डे क्रिकेट में शतक जमाया और धोनी के साथ चौथे विकेट के लिए 256 रन की साझेदारी की। इसकी मदद से भारत ने 25/3 के संकटभरे स्कोर से उबरते हुए 381/6 का विशाल स्कोर बनाया। युवराज सिंह ने इस शतक को अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ पारियों में से एक करार दिया और धोनी की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि धोनी अब खुलकर खेल रहे हैं और कप्तानी छोड़ने से उनका सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट निकलकर बाहर आ रहा है। यह भी पढ़े : INDvENG : सचिन तेंदुलकर से आगे निकले युवराज सिंह, एमएस धोनी ने ख़त्म किया लंबा सूखा युवराज ने साथ ही कहा कि टीम में सबसे अनुभवी की वजह से हमने अच्छी साझेदारी करने का सोचा था और वो करने में कामयाब रहे जो टीम की जीत के लिए कारगर साबित हुआ। युवराज सिंह के फॉर्म में लौटने से विराट कोहली को बड़ी राहत महसूस होगी क्योंकि भारत को आगे चैंपियंस ट्रॉफी खेलना है और उसके पास अनुभवी तथा युवा खिलाड़ियों का अच्छा मिश्रण होगा। यह भी पढ़ें : महेंद्र सिंह धोनी के बोल्ड होने के बाद भी चार रन मिले
Published 20 Jan 2017
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