Pro Kabaddi Season 4: जयपुर पिंक पैंथर्स का फ़ाइनल तक का सफर

जैसे ही शुक्रवार को जयपुर ने आखिरी व्हिसल सुनी तो वह खिलाड़ियों और मालिक अभिषेक बच्चन के लिए राहत भरी रही। जयपुर पिंक पैंथर्स ने न सिर्फ लीग के सबसे आक्रामक मानसिकता वाली टीम तेलुगु टाइटन्स को मात दी बल्कि पूरी तरह हावी रहकर उसके हौसले को पस्त भी किया। 30 दिन पीछे जाकर देखें तो चीजें मैन इन पिंक की सटीकता से बहुत दूर नजर आ रही थीं। उनकी शुरुआत बहुत ही खराब रही थी, वह शुरुआती पांच में से सिर्फ दो ही मुकाबले जीत सकी थी। लीग में सबसे मजबूत टीमों की लगातार बातें उठ रही थी जिसमें जयपुर कभी उसका हिस्सा नहीं रहा। निराशा और घबराहट ने टीम को घेरे रखा था। जयपुर को यू मुंबा और पुणे से शिकस्त झेलना पड़ी थी जबकि बेंगलुरु बुल्स की औसत टीम से उसका मुकाबला ड्रॉ रहा। जसवीर भी इस टीम के साथ अपना सर्वश्रेष्ठ नहीं दे पा रहे थे। मगर कबड्डी में हवा बहुत जल्दी बदलती है। एक पल आया जब जयपुर का रवैया बदला। उसे हैदराबाद में दबंग दिल्ली को 51-26 के विशाल अंतर से हराया। इसके बाद उसने खिताब जीतने की पहली पसंद गत चैंपियन पटना को उसके घर में मात दी। इस जीत से जयपुर में विश्वास लौट आया। सच कहा जाए तो पिंक पैंथर्स लीग की निरंतर प्रदर्शन करने वाली टीम नहीं है। इससे दूर टीम ने एकजुट होकर सभी बाधाओं को पार किया। अगर वह ढीली नहीं पड़े तो जयपुर इस सत्र की सबसे संयुक्त प्रयासों के बल पर जीत दर्ज करने वाली टीम रही। किसी व्यक्तिगत प्रदर्शन ने उसे जीत नहीं दिलाई। हमें इतने दिनों में कई ऑलराउंड प्रदर्शन देखने को मिले। अगर जसवीर का दिन सही नहीं रहा तो अजय कुमार उस मैच में चमके। 22 वर्षीय अजय ने अब तक 60 रेड अंक अपने नाम किए हैं। ज्यादातर अंक डू ओर डाई रेड में हासिल किए-जो उनका मजबूत पक्ष माना जा रहा है। इस टीम की खासियत जानना हो तो किसी को पीछे जाकर जयपुर बनाम पटना के मैच पर गौर करना चाहिए। जसवीर इस मैच में चोट के कारण नहीं खेले थे और पाइरेट्स के खिलाफ यह मुकाबला बहुत ही रोमांचक हुआ था। फिर शबीर बाप्पू ने जिम्मेदारी उठाई। उन्होंने रेड और बेहतरीन टैकल किए। बाप्पू ने 6 टैकल अंक हासिल किए। यह देखने में काफी सुकूनदायक था क्योंकि शबीर की डिफेंस करने की क्षमता पहले कभी देखने को नहीं मिली थी और वो भी इतने परफेक्शन के साथ। अजय कुमार और राजेश नरवाल जैसे खिलाड़ियों के कारण जसवीर को आक्रमण में काफी मदद मिल गई है। जयपुर का डिफेंस विभाग पिछले दो सत्रों में काफी सुधरा है। अमित हूडा और रण सिंह ने अच्छी साझेदारी बनाई है। राइट कॉर्नर पर अमित से बहुत कम ही लोग बेहतर हैं। इस टीम के डिफेंस विभाग ने सबका आकर्षण खींचा है। लीग चरण में प्रत्येक रेडर को अंक कमाने के लिए कड़ी मेहनत करना पड़ी। जयपुर के फाइनल तक पहुंचने की उम्मीदें न के बराबर लग रही थी। उन्हें यहां तक पहुंचने से पहले कई बाधाओं, परेशानी और अनिरंतरता का सामना करना पड़ा। मगर इन सबसे परे होकर वह सही समय पर अपने शीर्ष पर पहुंची। उन्होंने दो बार पटना को मात दी, तेलुगु से तीन में से दो बार जीती। बंगाल के खिलाफ 38वें दिन हारने के बाद जयपुर ने पुनेरी पलटन को हराया। अब सभी बातों को भुलाकर पैंथर्स का लक्ष्य फाइनल में अपने सभी औजारों का इस्तमाल करके खतरनाक पटना पाइरेट्स को हराने का होगा। फाइनल मैच हैदराबाद के गच्चिबोवली इंडोर स्टेडियम में 31 जुलाई 2016 को रात 9 बजे से शुरू होगा।

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