कबड्डी

Pro Kabaddi 2018: हरियाणा स्टीलर्स टीम की ताकत और कमजोरी पर एक नजर

हरियाणा स्टीलर्स ने नीलामी में मोनू गोयत को रिकॉर्ड 1 करोड़ 51 लाख रुपए में खरीदा

प्रो कबड्डी लीग 2018 के लिए हाल ही में संपन्न हुई नीलामी में सबसे ज्यादा चर्चा का विषय 5 स्टार रेडर मोनू गोयत की करोड़ो की रिकॉर्ड बोली रही। मोनू गोयत पर 1 करोड़ 51 लाख रुपए का दांव कबड्डी का गढ़ कहे जानी वाली टीम हरियाणा की टीम ने खेला। हरियाणा स्टीलर्स ने इस नीलामी में मोनू पर सबसे ज्यादा पैसे लगाकर आगामी सीजन के लिए अपना रेडिंग विभाग मजबूत कर लिया है। हरियाणा स्टीलर्स ने पिछले सीजन से प्रो कबड्डी लीग की शुरुआत की और अपना दमदार प्रदर्शन दिखा कर आने वाले वर्षों के लिए एक मजबूत टीम की दावेदारी पेश की है। इस जोश के साथ ही वह साल के अंत में होने वाली प्रो कबड्डी लीग के आगामी सत्र में भी बेहतरीन खेल दिखाने को तैयार हैं।

हरियाणा स्टीलर्स ने अपने कुछ पुराने खिलाड़ियों पर भी भरोसा बनाये रखा और उन्हें रिटेन किया। इसके साथ ही मोनू गोयत पर रिकॉर्ड बोली लगाकर व विकास कंडोला, सुरेंदर नाडा और वजीर सिंह को वापस अपनी टीम के लिए खरीद लिया। अन्य टीमों के मुकाबले हरियाणा स्टीलर्स बेहद ही संतुलित टीम नजर आ रही है। टीम का रेडिंग विभाग अनुभवी होने के साथ-साथ युवा भी है और डिफेंस में भी दिग्गज खिलाड़ियों की भरमार है। हरियाणा ने पिछले वर्ष प्लेऑफ्स में जगह बनाई थी, जहाँ उनका सफर एलिमिनेटर 2 के बाद खत्म हो गया लेकिन इस बार टीम पूरे जोश के साथ मैदान पर शानदार खेल दर्शाती नजर आएगी।

टीम की ताकत

युवा और दिग्गज खिलाड़ियों का बेहतरीन प्रदर्शन ही हरियाणा टीम की ताकत दर्शाता है। रेडिंग विभाग में अनुभवी मोनू गोयत और दिग्गज खिलाड़ी वजीर सिंह के साथ युवा विकास कंडोला हैं, तो डिफेंस में सुरेंदर नाडा के साथ विकास और सचिन सिंगाडे विपक्षी टीम को रोकने में सक्षम हैं। टीम का रेडिंग और डिफेंस दोनों ही संतुलित है, इसलिए आगामी सीजन में हरियाणा टीम ट्रॉफी की प्रबल दावेदार मानी जा सकती है।

टीम की कमजोरी

रेडिंग और डिफेंस में टीम संतुलित नजर आती है, तो अनुभवी ऑलराउंडर  खिलाड़ियों की गैर मौजूदगी टीम की सबसे बड़ी कमजोरी है। एक ऑलराउंडर खिलाड़ी रेड के साथ-साथ टीम का डिफेंस भी करता दिखाई देता है। इसलिए प्रत्येक टीम में एक अनुभवी या दिग्गज ऑलराउंडर की उपस्तिथि आपको नजर आएगी लेकिन हरियाणा टीम में कोई भी खिलाड़ी इस जिम्मेदारी को निभाता नजर नहीं आ रहा है। हालांकी पिछले वर्ष कुलदीप सिंह और मयूर ने अच्छा प्रदर्शन किया था लेकिन दबाव में ये खिलाड़ी कैसा खेल दर्शा सकते हैं, इस पर संशय बरकरार रहेगा।

मोनू गोयत को बेस्ट रेडर व अपनी राशी को सही साबित करने का मौका होगा

हरियाणा स्टीलर्स ने मोनू गोयत पर 1.51 करोड़ रुपए की बोली लगाकर अपनी टीम में शामिल किया है। इसलिए मोनू गोयत की जिम्मेदारी यह होगी कि वह इस राशी के साथ न्याय करते हुए हरियाणा के लिए शानदार खेल दिखाएँ। पिछले वर्ष पटना की तरफ से खेलते हुए मोनू परदीप नरवाल के साथ एक साइड हीरो का रोल अदा कर रहे थे लेकिन इस वर्ष उनके पास मौका होगा कि वह हरियाणा के लिए  रेडिंग विभाग की जिम्मेदारी लें और टीम के लिए अहम योगदान दें।

इन खिलाड़ियों की खलेगी कमी

प्रो कबड्डी के सीजन 5 में हरियाणा टीम की ताकत सुरेंदर नाडा और मोहित छिल्लर की जोड़ी थी, जो विपक्षी टीम के रेडर को अपनी पकड़ से बाहर नहीं जाने देते थे लेकिन इस वर्ष यह जोड़ी एक साथ खेलती हुई नजर नहीं आएगी। मोहित छिल्लर को जयपुर पिंक पैंथर्स ने अपनी टीम में शामिल कर लिया है, इसलिए मोहित की कमी हरियाणा को बहुत ज्यादा खलेगी। मोहित के आलावा प्रशांत कुमार राय और दीपक कुमार दहिया जैसे युवा खिलाड़ियों की कमी भी हरियाणा टीम को खल सकती है, जिन्होंने पिछले वर्ष बेहतरीन खेल दिखाया था।

प्रो कबड्डी सीजन 6 के लिए हरियाणा स्टीलर्स की टीम:

मोनू गोयत, विकास खंडोला, वजीर सिंह, मोहम्मद ज़ाकिर होसैन, अरुण कुमार, आनंद तोमर, भुवनेश्वर गौड़, सुरेंदर नाडा, सचिन शिंगाड़े, विकाश, नीरज कुमार, अमित सिंह, कुलदीप सिंह, पैट्रिक एनज़ाऊ मुवाई, मयूर शिवठाकर, प्रतीक।