कबड्डी

Pro Kabaddi 2018: जयपुर पिंक पैंथर्स टीम की ताकत और कमजोरी पर एक नजर

जयपुर पिंक पैंथर्स ने प्रो कबड्डी लीग का पहला सीजन अपने नाम किया था

प्रो कबड्डी लीग की पहली विजेता टीम जयपुर पिंक पैंथर्स के लिए इस साल हुई नीलामी शानदार रही। जयपुर ने आगामी सीजन के लिए दिग्गज और अनुभवी खिलाड़ियों के साथ बेहतरीन युवा खिलाड़ियों को भी टीम में शामिल किया है। जयपुर के लिए पहले सीजन के आलावा अन्य सीजन खराब ही रहे हैं। टीम सीजन 1 के बाद सीजन 4 में ही केवल फाइनल मुकाबला खेल पाई थी, जिसमें पटना पाइरेट्स से टीम को हार का सामना करना पड़ा था। जसवीर सिंह, मंजीत छिल्लर जैसे धुरंधर खिलाड़ियों की मौजूदगी में जयपुर प्रो कबड्डी के इतिहास में केवल औसतन टीम बन कर रह गई लेकिन इस साल होने वाली लीग में टीम में नया जोश देखने को मिल सकता है। क्योंकि आगामी सीजन में जयपुर के लिए अनूप कुमार, दीपक निवास हूडा व मोहित छिल्लर जैसे दिग्गज खिलाड़ियों का खेल देखने को मिलेगा।

आगामी सीजन के लिए जयपुर टीम अन्य टीमों के मुकाबले सबसे मजबूत दिखाई दे रही, इसलिए हम आपको जयपुर टीम का पूरा लेखा जोखा समझायेंगे और साथ ही टीम की ताकत के साथ कमजोरी पर नजर डालते हुए आगामी सीजन में टीम की जीत के आसार को लेकर भी चर्चा करेंगे। दिग्गज और अनुभवी खिलाड़ियों से सजी जयपुर टीम को आगामी सीजन में सीजन 1 के शानदार प्रदर्शन को दोहराने की उम्मीद होगी।

टीम की ताकत

प्रो कबड्डी के सबसे सफल कप्तान के रूप में पहचाने जाने वाले अनूप कुमार का शामिल होना व बेहतरीन ऑलराउंडर दीपक निवास हूडा और डिफेंडर मोहित छिल्लर को भारी रकम देकर टीम में शामिल करना ही टीम की सबसे बड़ी ताकत मानी गई है। यह तीनो खिलाड़ी अकेले दम पर मैच का पासा जयपुर टीम की तरफ करते हुए नजर आयेंगे। एक तरफ जहाँ अनूप की अनुभवी लीडरशिप टीम की काम आने वाली है, तो दूसरी तरफ दीपक निवास हूडा और मोहित छिल्लर का दमदार खेल टीम को हर एक मैच जितवा सकता है। इन तीनो खिलाड़ियों के आलावा सेल्वामणि और बाजीराव होडगे भी टीम की बागडोर सम्भालेंगे।

टीम की कमजोरी

जयपुर टीम की ताकत अगर उसके 3 से 4 धुरंधर खिलाड़ी हैं, तो उनके आलावा हर विभाग में कोई और खिलाड़ी के पास अनुभव न रहना टीम की सबसे बड़ी कमजोरी साबित हो सकती है। रेडिंग विभाग का जिम्मा केवल अनूप कुमार के कन्धों पर होगा, क्योंकि टीम के पास कोई भी अनुभवी रेडर नहीं है। ऑलराउंडर के रूप में दीपक निवास हूडा पर भरोसा किया जा सकता है। रेडिंग के आलावा ऑलराउंडर खिलाड़ियों में भी दीपक के आलावा कोई अन्य खिलाड़ी नजर नहीं आता, जो टीम को अपने दम पर मैच जीता सकें।

नए और युवा खिलाड़ियों को अपने आप को तराशने का मौका

अनुभवी और दिग्गज खिलाड़ियों की अगुआई में खेलने का फायदा युवा खिलाड़ियों को बखूबी मिलेगा और साथ ही आगामी सीजन में नए और युवा खिलाड़ियों के पास मौका होगा कि वह अपने खेल से सभी को प्रभावित करें, ताकि टीम की जीत में अपना भी योगदान देकर अपने आपको एक बेहतरीन खिलाड़ी साबित कर पायें।

इन खिलाड़ियों की खलेगी कमी

प्रो कबड्डी के दो सुपरस्टार खिलाड़ी जसवीर सिंह और मंजीत छिल्लर पिछले वर्ष जयपुर टीम का अहम हिस्सा थे। दोनों खिलाड़ियों ने टीम को जीताने के भरपूर प्रयास किये लेकिन टीम को कामयाबी नहीं मिली। इसलिए इन दोनों खिलाड़ियों पर जयपुर फ्रंचाइजी ने इस बार दांव नहीं खेला। आगामी सीजन में इन दोनों खिलाड़ियों की कमी टीम को बखूबी खल सकती है। इनके आलावा पिछले साल शानदार प्रदर्शन करने वाले युवा रेडर पवन कुमार कद्दियान की भी टीम को खलती नजर आएगी।

प्रो कबड्डी सीजन 6 के लिए लीग के प्रथम विजेता जयपुर पिंक पैंथर्स की टीम:

दीपक निवास हूडा, अनूप कुमार, सेल्वामणि, गंगाधरी मल्लेश, डेविड मोसम्बायी, आनंद पाटिल, लोकेश कौशिक, सुनील सिद्धगवाली, अजित सिंह, मोहित छिल्लर, संदीप धुल, बाजीराव होडगे, यंग चैंग को, शिव रामकृष्णा, नितिन रावल, ब्रिजेंद्र सिंह चौधरी।